Somnath: सोमनाथ… अरब सागर के किनारे खड़ा वह धार्मिक गर्व, जो हर टूटन के बाद और अधिक चमक कर निखरा। जनवरी की हवाएं ठंडी है, और उसी ठंड में इतिहास की एक और बेहद तीखी हवा वाला हजार साल। सन 1026 की स्मृति का एक हजारवां वर्ष, और 2026 में उसी स्मृति के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का कदम। मोदी की यह सोमनाथ सिर्फ एक यात्रा नहीं थी। यह एक संदेश था, सीधे जन-मन के भीतर उतारा गया राजनीतिक संदेश। जहां मंदिर है, वहां मंच भी है। सोमनाथ (Somnath) मंदिर में प्रधानमंत्री की मौजूदगी किसी साधारण धार्मिक…
Author: Prime Time Bharat
Rajasthan Budget: राजस्थान सरकार साल 2026- 27 का बजट तैयार करने जा रही है। इस बार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) की सरकार ने बजट बनाने में जनता की राय लेने का भी फैसला किया है। बीजेपी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार के मुखिया के रूप में स्वयं भजनलाल शर्मा भी बजट (Budget) के संबंध में समाज के कई वर्गों, प्रतिनिधियों और संस्थाओं के साथ विचार विमर्श करेंगे। ‘जनसंवाद से जनकल्याण तक’ थीम के तहत इन विभिन्न संवादों के माध्यम से राजस्थान (Rajasthan) सरकार आगामी साल को अधिक विकासोन्मुख और सर्वसमावेशी बनाने वाला राजस्थान का बजट (Rajasthan Budget) तैयार करेगी।…
Rajasthan: विधायक निधि प्रकरण अब एक नए मोड़ पर खड़ा है। राजस्थान (Rajasthan) की जनता की नजर में सवाल बहुत सीधा है कि जांच कब तक और फैसला कब? सवाल तीखा है लेकिन मामला भी उतना ही बड़ा है। विधायक निधि (MLA Fund) में घोटाले की खबर से राजनीति में चुने हुए जन प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी, पारदर्शिता और ईमानदारी पर एक बार फिर गंभीर खतरे में हैं। बीजेपी के रेवंत राम डांगा (Rewant Ram Danga), कांग्रेस की अनिता जाटव (Anita Jatav) और निर्दलीय विधायक रितु बनावत (Ritu Banawat) जैसे नाम जब इस प्रकरण में एक साथ सामने आते हैं, तब…
Vedanta: भारत के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल वेदांता (Vedanta) समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) और उनके परिवारजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। लेकिन उनके हौसले को नमन। अपने पुत्र अग्निवेश अग्रवाल (Agnivesh Agarwal) के अमेरिका में निधन को उन्होंने दिल पर पत्थर रखकर जिस हिम्मत, हौसले और धीरता से झेला, उसकी तारीफ दुनिया भर में हो रही है। जरा सोचिए कि कितना हौसला सम्हाल कर रखा होगा अनिल अग्रवाल ने, कि अपने 49 वर्ष के बेटे अग्निवेश की खबर खुद दुनिया को दी। इस असहनीय दुख की घड़ी में अनिल अग्रवाल का धैर्य और आत्मबल चर्चा…
Rajasthan: राजा – महाराजाओं के राजपुताने में सत्ता के शिखर पर वंशवाद पहली जरूरत के रूप में सदा से समाहित रहा है। मगर, लोकतंत्र में वंशवाद और परिवारवाद सदा से निशाने पर रहने के बावजूद वंश की बेल भी साल दर साल विकसित होती रही हैं। राजस्थान (Rajasthan) की राजनीति में परिवारवाद (Nepotism) की पौध के रूप में, लगभग हर पार्टी में ऐसे चेहरे हैं, जिनकी राजनीति (Politics) में पहचान उनके व्यक्तिगत संघर्ष या जनसेवा से ज्यादा उनकी पारिवारिक (Family) पृष्ठभूमि से जुड़ी हुई है। कांग्रेस (Congress) पर तो खैर, वंशवाद विकसित करने के आरोप लगते ही रहे हैं, क्योंकि…
Saurabh Dwivedi: लल्लनटॉप… बस नाम ही काफी है। यह नाम शुरू से ही गमछा कांधे पर लिए देहाती शब्दावली वाले सौरभ द्विवेदी (Saurabh Dwivedi) के साथ खड़ा दिखता है, जहां शब्द केवल सूचना का साधन नहीं रहते, बल्कि अनुभवों को स्वरों में और भाषा को भावनाओं में बदलकर पाठक, दर्शक व श्रोता के भीतर उतर जाते हैं। सौरभ द्विवेदी Saurabh Dwivedi की लोकप्रियता का मतलब सिर्फ़ टीवी, टैब, कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल की स्क्रीन पर दिखना नहीं, बल्कि यह एक संवेदनशील, सधे हुए और ठेठ देसी अंदाज़ का जादू है, जो देखने वाले को बार-बार लौटकर उनकी बात सुनने, उनको…
Rajasthan News: राजस्थान के बाड़मेर और बालोतरा जिलों का नक्शा फिर बदल गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने बाड़मेर (Barmer) और बालोतरा (Balotra) जिलों की सीमा बदल दी है। 31 दिसंबर 2025 की रात जारी अधिसूचना के जारी होने पर, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर खुशी जताई। बीजेपी (BJP) ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बतात् हुए सही ठहराया है। वहीं कांग्रेस (Congress) ने इसके विरोध में आंदोलन और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। राजस्थान (Rajasthan) के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार के इस फैसले को अतार्किक और जनविरोधी फैसला कहा है,…
Happy New Year: दुनिया भर में नए वर्ष 2026 का स्वागत उन रंगों, भावनाओं और परंपराओं के साथ किया गया, जो वैश्विक संस्कृति को एक धागे में पिरोते हैं। अलग – अलग समय पर अलग – अलग देशों में 2025 का सूरज डूबता चला गया और खुशियों का सूरज नए साल के रूप में उगता गया। नव वर्ष के शुभागमन ( Happy New Year) की हर जगह की अपनी शैली, अपनी धुन और अपनी कहानी रही। भारत के मुंबई, नई दिल्ली, अहमदाबाद, बैंगलुरू, हैदराबाद, चैन्नई, कोलकाता, जयपुर, चंडीगढ़ आदि बड़े शहरों में लोगों ने पटाखे फोड़कर और आतिशबाजी के साथ…
Aravali: सुप्रीम कोर्ट के विवादास्पद फैसले से अरावली पर्वतमाला के पर्यावरण संरक्षण पर जब सवाल उठने लगे, तब इस बहस के केंद्र में जो एक नाम सबसे स्पष्ट होकर उभरा, वह नाम था – अशोक गहलोत। राजस्थान (Rajasthan) के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) को, सत्ता में न होने के बावजूद, जिस स्तर पर आंदोलन के नेतृत्व का श्रेय मिला, उसने न सिर्फ राजनीतिक विमर्श को मोड़ दिया है बल्कि यह भी साबित किया है कि सच्चा नेतृत्व कुर्सी पर आसीन होने से नहीं, बल्कि जनता के दिलों में बसने से होता है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने ही आदेश…
Aravali: सुप्रीम कोर्ट से फैसले से अरावली बचाओ (Save Aravali) अभियान की जीत हुई। सरकार की सलाह पर पहले सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अरावली (Aravali) की 100 मीटर तक उंचाई की पहाड़ियों को अरावली पर्वतश्रंखला का हिस्सा न मानने का फैसला दिया था। इस मामले पर सरकार के विरोध में शुरू हुए तेज आंदोलन के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने ही आदेश पर रोक लगा दी गई है। इस निर्णय को अरावली बचाओ आंदोलन की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इससे अरावली के संरक्षण के लिए और समय मिल गया है। माना कि…
