Bhajanlal Sharma: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपने गांव पहुंचे, तो वहां के लोगों ने उनके स्वागत में पलक पांवड़े बिछा दिए। लोगों ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री शर्मा दोपहर 1 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा भरतपुर जिले में झील का बाड़ा से रवाना होकर अपने गांव अटारी पहुंचे, जहां वे करीब 3 घंटे से भी ज्यादा वक्त तक रुके। गांव में अपने मुख्यमंत्री (Chief Minister) को देखकर लोग हर्षित थे, पुलकित थे और आल्हादित थे। मुख्यमंत्री ने इसी गांव के सरपंच तो तौर पर अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था।
Bhajanlal Sharma मातृभूमि के सम्मान में नंगे पांव चले गांव में
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपने अटारी गांव की परिक्रमा करने के लिए मातृभूमि के सम्मान के तौर पर जूते उतार दिए थे। नंगे पांव वे जब गली गली घूम रहे थे, तो हजारों गांव वाले अपने गांव के इस लाल, भजनलाल की एक झलक पाने के लिए छतों पर चढ़ गए थे, जहां लोगों ने छतों से उन पर फूल बरसाकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नंगे पांव पूरे गांव की परिक्रमा की। किसी ने उनके माथे पर तिलक किया, तो किसी ने माला से स्वागत किया। बड़े बुजुर्गों ने आशीर्वाद उनको दिया, तो बच्चों ने अपने गांव से निकलकर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने भजनलाल शर्मा को देख गर्व की मुस्कान बिखेरी। वे जब गली गली पदयात्रा कर रहे थे, तो बुजुर्ग माताओं ने उनको देखकर पुरानी यादों को ताजा किया। लोगों का स्नेह पाकर मुख्यमंत्री भावुक थे। कई बार वे लोगों के इस भावपूर्ण स्वागत को देखकर भावविव्हल होकर स्वयं को संयत करते दिखे। वे अपने गांव में स्थापित डॉ आंबेडकर की प्रतिमा को नमन करने भी पहुंचे। सरपंच के नाते भजनलाल शर्मा ने अपने गांव में जो विकास कार्य करवाए थे, उनको देखकर अब मुख्यमंत्री बने शर्मा के चेहरे पर दर्प भी साफ दिखा, तो कुछ काम जो वे पूरे न करवा पाए थे, उन्हें पूरा करवाने का विश्वास भी झलका। भरतपुर जिले के अटारी गांव में गांव का हर व्यक्ति उनको जानता है और वे भी गांव के प्रत्येक व्यक्ति से परिचित हैं।

गांव पहुंचने की खुशी आंखों में झलक रही थी
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव अटारी पहुंचने पर भजनलाल शर्मा ने जो महसूस किया, वह उनकी आंखों में साफ छलक रहा था, चेहरे पर दिख रहा था और मन के मुदित भावों से प्रकट हो रहा था। गांव पहुंचने पर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा – “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी”… आज राजस्थान प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के पश्चात प्रथम बार अपने पैतृक गांव अटारी जाकर नंगे पांव पूरी गांव की परिक्रमा की। मेरे राजनीतिक जीवन की शुरुआत इसी अटारी ग्राम के सरपंच के रुप में हुई, जहां सर्वश्रेष्ठ राजस्थान के निर्माण हेतु संकल्प ठाना गया था। यह वही ग्राम है, जहां अंत्योदय की लक्ष्य प्राप्ति का स्वप्न देखा गया था और ये वही ग्रामवासी हैं, जिनकी आशीष के कारण आज मुझे राजस्थानवासियों की सेवा करने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। आप सभी सम्मानित ग्रामीणों द्वारा किए आत्मीय स्वागत को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता! जब शब्द कम पड़ें तो भावनाएं अंतर्मन को चित्रित कर देती हैं। एक – एक परिवारजन का हृदय से आभार! धन्यवाद! अभिनंदन!’

गांव के लोगों के लिए मुख्यमंत्री जनसुनवाई केंद्र
मुख्यमंत्री बनने के बाद दो दिवसीय दौरे पर पहली बार अपने जिले भरतपुर पहुंचे, जहां जिला मुख्यालय पर मुख्यमंत्री की ओर से ‘मुख्यमंत्री जनसुनवाई केंद्र’ खोला गया है। मुख्यमंत्री मानते हैं कि भरतपुर से किसी भी छोटे मोटे काम या विकास की मांग के लिए स्थानीय लोगों का जयपुर आकर उनसे मिलना संभव नहीं होगा। लोगों की इसी परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की और से भरतपुर में ट्रैफिक चौराहे के पास एक ‘मुख्यमंत्री जनसुनवाई केंद्र’ खोला गया है, जहां पर लोग किसी भी तरह की बात रख सकते हैं। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों की शिकायतों के निवारण, विकास की मांगों और विभिन्न जरूरतों की पूर्ति के लिए तत्काल कार्रवाई का इंतजाम किया जा रहा है।
-आकांक्षा कुमारी
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