National Herald: दिल्ली की एक अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ा झटका दिया है। इस झटके का असर केंद्र सरकार की छवि पर भी पड़ा है। कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और उनकी माता सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के खिलाफ नेशनल हेराल्ड (National Herald) मनी लॉन्ड्रिंग मामले में संज्ञान लेने से इंकार कर दिया। राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दायर शिकायत संज्ञान लेने योग्य नहीं है, क्योंकि यह मामला एक निजी शिकायत पर आधारित है। इसमें कोई एफआईआर दर्ज नहीं है। ईडी की शिकायत खारिज होने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस ने कहा है कि ‘गैंग्स ऑफ गांधीनगर’ की पाल खुल गई है, इस हमले के जरिए कांग्रेस ने ‘गैंग्स ऑफ गांधीनगर’ के जरिए एक खास सियासी संदेश देने की कोशिश की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा है कि गहलोत ने कहा कि मोदी सरकार ने एजेंसियों का दुरुपयोग कर गांधी परिवार को फंसाने का जो कुचक्र रचा था, वह आज ध्वस्त हो गया।

‘गांधी परिवार को फंसाने का कुचक्र ध्वस्त हो गया’
कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने भी इसे सत्ता के अहंकार पर सत्य की भारी जीत बताया है। उन्होंने कहा है कि नेशनल हेराल्ड मामले में राउज़ एवेन्यू कोर्ट का फैसला मोदी सरकार के षड्यंत्रों पर करारा तमाचा है। कोर्ट ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ED की शिकायत खारिज कर यह साबित कर दिया है कि यह केस केवल राजनीतिक द्वेष से बनाया गया था। गहलोत ने कहा कि मोदी सरकार ने एजेंसियों का दुरुपयोग कर गांधी परिवार को फंसाने का जो कुचक्र रचा था, वह आज ध्वस्त हो गया। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि यह मामला राहुल गांधी का मनोबल तोड़ने की साजिश थी। मनी लॉड्रिंग के मामले में नेशनल हेराल्ड केस में संज्ञान लेने से कोर्ट के मना करने के बाद कांग्रेस ने पीएम मोदी और अमित शाह पर बड़ा हमला बोला है। इसने कहा है कि नेशनल हेराल्ड केस में कोर्ट के फ़ैसले से ‘गैंग्स ऑफ गांधीनगर’ की पोल खुल गई है। यह साजिश सिर्फ राहुल गांधी के ख़िलाफ़ नहीं, बल्कि पूरे भारत की जनता के खिलाफ है। खेड़ा ने कहा कि ‘गैंग्स ऑफ गांधीनगर’ द्वारा सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग की पोल आज खुल गई है। राहुल गांधी विपक्ष की भूमिका बखूबी निभा रहे हैं, इसलिए यह साजिश रची जा रही है। खेड़ा ने कहा कि इस देश का लोकतंत्र तबाह होने की कगार पर है, अगर किसी ने उसे रोककर रखा है, तो वे राहुल गांधी हैं। इसलिए सत्ता पक्ष साजिश रचता है कि कैसे राहुल गांधी जी के हौसले को तोड़ दिया जाए।

‘यंग इंडियन कंपनी द्वारा धोखाधड़ी से अधिग्रहण?’
बहुचर्चित नेशनल हेराल्ड केस में गांधी परिवार के अलावा, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा, यंग इंडियन, डोटेक्स मर्चेंडाइज और सुनील भंडारी को भी ईडी ने आरोपी बनाया था। नेशनल हेराल्ड मामला पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी की निजी शिकायत से सामने आया, जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और गांधी परिवार द्वारा नियंत्रित यंग इंडियन पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात और संपत्ति की दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि धारा 3 के तहत परिभाषित और धारा 4 के तहत दंडनीय मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध से संबंधित जांच और उसके परिणामस्वरूप अभियोग शिकायत एफआईआर या अधिनियम की अनुसूची में उल्लिखित अपराध के अभाव में सुनवाई योग्य नहीं है। ईडी का आरोप था कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) – नेशनल हेराल्ड के प्रकाशक – की संपत्तियों, जिनकी कीमत 2,000 करोड़ रुपये से अधिक है, को यंग इंडियन नामक कंपनी द्वारा कथित धोखाधड़ी से अधिग्रहण करके उसके जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की गई। अदालत ने यह भी राय दी कि चूंकि दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने अब इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है, इसलिए ईडी द्वारा आरोपों की मेरिट पर किए गए दावों पर फैसला करना समयपूर्व और अनुचित होगा।
-राकेश दुबे
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