Close Menu
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Facebook X (Twitter) Instagram
ट्रेंडिंग:
  • Vishwanath Sachdev: यूं ही कोई विश्वनाथ, सचदेव नहीं हो जाता…!
  • Rajasthan: दो नेताओं की सजह मुलाकात या अगले प्रदेश अध्यक्ष की तैयारी ?
  • Akshay Kumar: राजस्थान में फिल्म विकास पर मुख्यमंत्री से अक्षय कुमार की मुलाकात के मायने
  • Rajasthan Congress: बहुत कुछ ठीक करना होगा कांग्रेस को अपने घर में
  • Rajasthan Congress: नए जिलाध्यक्षों पर सवाल, बवाल और कांग्रेस का हाल
  • Dharmendra: जिंदादिल और शायर अभिनेता धर्मेंद्र की खूबसूरती को आखरी सलाम…!
  • Rajasthan: अगली सत्ता के लिए अभी से बीजेपी की रणनीति बनाम कांग्रेस की उलझन
  • Bihar: नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने दसवीं बार, मगर कंधों पर वादों का बहुत सारा भार
30th November, Sunday, 9:39 PM
Facebook X (Twitter) Instagram
Prime Time BharatPrime Time Bharat
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Prime Time BharatPrime Time Bharat
Home»देश-प्रदेश»Manvendra Singh: …तो क्या फिर बीजेपी में वापसी कर सकते हैं मानवेन्द्र सिंह?
देश-प्रदेश 7 Mins Read

Manvendra Singh: …तो क्या फिर बीजेपी में वापसी कर सकते हैं मानवेन्द्र सिंह?

Prime Time BharatBy Prime Time BharatJanuary 19, 2024No Comments
WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Reddit Tumblr Email
ManvendraSingh Rahul PrimeTimeBharat
ManvendraSingh_Rahul_PrimeTimeBharat
Share
WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

Manvendra Singh: राजस्थान की राजनीति बदल गई है, कांग्रेस (Congress) सत्ता से बेदखल हैं और सत्ता बीजेपी (BJP) के हाथ है। केंद्र व राजस्थान (Rajasthan) दोनों जगह बीजेपी सरकार में होने से कांग्रेस के अंदरूनी हालात खराब हैं। राजस्थान (Rajasthan) विधानसभा में सत्ता गंवाने के बाद लोकसभा चुनाव में भी 25 में से एक भी सीट तक आने के आसार नहीं है। फिर, बीजेपी में अब वो हालात नहीं है, जिनकी वजह से बीजेपी के दिग्गज नेता  स्वर्गीय जसवंत सिंह (Jaswant Singh) के बेटे पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह (Manvendra Singh) ने पार्टी छोड़ी थी। नेतृत्व के चेहरे बदल चुके हैं। वसुंधरा धरा पर आ चुकी हैं और कमल की खिलखिलाहट लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मानवेंद्र सिंह जसोल के लिए क्या फिर से बीजेपी में संभावनाएं बन सकती है, राजनीति के जानकार इसी चिंतन कर रहे हैं, तो मानवेंद्र भी सोच तो रहे ही होंगे, क्योंकि दुखद हालात में चल रही कांग्रेस में तो उनके सुखद भविष्य की कोई राजनीतिक गुंजाइश फिलहाल तो नहीं दिखती। क्या कहीं इसी कारण तो मानवेंद्र भी रास्ता खोलने की गुंजाइश नहीं तलाश रहे हैं? यही सवाल राजस्थान की राजनीति की हवा में तैर रहा है, क्योंकि वसुंधरा राजे के मुख्यमंत्री न बनने पर उन्होंने मारवाड़ी में कहा कि ‘जी सोरो होयो…’ मतलब कि दिल खुश हो गया। वैसे तो रकाजनीति में मानने के केई मायने नहीं होते, लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह कांग्रेस को झटका दे सकते हैं, यह माना जा रहा है।

IMG 20240110 WA0014
ManvendraSingh_PrimeTimeBharat

Table of Contents

Toggle
  • मानवेंद्र के संकेतों को समझना मुश्किल नहीं
  • बीजेपी में हालात बदले, वसुंधरा युग की समाप्ति
  • कांग्रेस में आसार कम, राहुल गंभीर नहीं और पायलट पस्त
  • मानवेन्द्र बोले – कई समर्थकों की राय यही है
        • -निरंजन परिहार (लेखक राजनीतिक विश्लेषक है)

मानवेंद्र के संकेतों को समझना मुश्किल नहीं

मानवेंद्र सिंह के लिए अब कांग्रेस में बने रहना कोई बहुत लाभ का सौदा नहीं है। वैसे भी राजनीति कुल मिलाकर लेन देन से ज्यादा कुछ भी नहीं है। जब तक कोई किसी के काम का होता है, तब तक ही साथ निभाया जाता है। कांग्रेस उनको कुछ भी देने की हालत में नहीं है और अब मानवेंद्र कांग्रेस को लिए मेहनत भी करे, तो उसका कोई लाभ कांग्रेस को होता नहीं दिखता। मतलब साफ है कि नया रास्ता पकड़ने के लिए हालात बेहद अनुकूल हैं। यही वजह है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह की बातों और संकेतों में राजनीति के जानकार कांग्रेस को झटका देने की जमीन तलाश रहे हैं। मानवेंद्र का जसवंत सिंह की जयंती के दिन अटलजी के आशीर्वाद की बात और अपने लक्ष्य पर अटल रहने की शिक्षा को याद करते हुए सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर अटलजी की तस्वीर लगाना, अपन परिचय में कहीं भी कांग्रेस के नाम तक का उपयोग नहीं करना, वसुंधरा राजे के मुख्यमंत्री न बनने पर मारवाड़ी में दिल खुश होने की बात कहते हुए इसे स्वाभिमान की जीत बताने जैसे संकेत आखिर राह बदलने के संकेत नहीं तो और क्या है।

JaswantSinghJasol 03012024
ManvendraSingh_PrimeTimeBharat

बीजेपी में हालात बदले, वसुंधरा युग की समाप्ति

दरअसल, सिंतबर 2018 में ही बीजेपी से मानवेंद्र का रास्ता अलग हो गया था। मानवेंद्र सिंह वैसे तो वसुंधरा राजे से तब से नाराज चल रहे थे जब से उनके पिता जसवंत सिंह का टिकट बाड़मेर से काटा गया था, लेकिन लेकिन राजस्थान में विधानसबा चुनाव से ऐन पहले स्वाभिमान रैली के नाम से राजपूतों की एक विराट रैली करके मानवेंद्र के बीजेपी के बगावत का झंडा बुलंद कर दिया था। वास्तव में यह ताकत वसुंधरा राजे को दिखाई थी और वास्भिमान रैली में मानवेंद्र सिंह की पत्नी चित्रा सिंह ने ऐलान किया था कि वसुंधरा राजे तक यह आवाज पहुंचा देनी है कि अब वह महज दो महीने की मेहमान हैं। इस रैली में एक भावुक अपील भी की गई कि जसवंत सिंह के राजनतिक जीवन को गर्त में धकेलने के लिए वसुंधरा राजे जिम्मेदार हैं और हमें इसका बदला लेना है। बाद में तो उसी विधानसभा चुनाव में मानवेंद्र ने वसुंधरा के सामने चुनाव भी लड़ा, जिसमें वे जीती भले ही, मगर सत्ता से बेदखल हो गई, तो मानवेंद्र का बदला भी पूरा हो गया। अब राजस्थान में बीजेपी की राजनीति में वसुंधरा युग का लगभग अवसान हो ही ग.या है और फिर से उनके उभरने या हालात से उबरने के कोई संकेत दूर दूर तक नहीं है। ऐसे में बीजेपी में मानवेंद्र अपने लिए कोई जगह बना सकते हैं, इसी पर सबकी नजर है।

कांग्रेस में आसार कम, राहुल गंभीर नहीं और पायलट पस्त

मानवेंद्र सिंह ने सन 2018 में जब बीजेपी छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा था, तो मानवेंद्र सिंह भी चमकते सितारे थे और कांग्रेस में भी दम ता। वह सत्ता में आ रही थी। मानवेंद्र की कांग्रेस में सबसे बड़ी ताकत राहुल गांधी से नजदीकियां है, राहुल गांधी उनके फोन पर तत्काल जवाब देते हैं और यूके व यूएस में पढ़े मानवेंद्र की ब्रिटिश अंग्रेजी राहुल को सुहाती हैं, उइसी वजह से वे उनसे लंबी बात भी करते हैं। सचिन पायलट के साथी रहे हैं और पायलट जब प्रद्श कांग्रेस अध्यक्ष थे, तभी वे बीजेपी छोड़ कांग्रेस में आए थे। उम्मीद थी कि सरकार आ, तो कुछ तो बन ही जाएंगे, लेकिन मुख्यमंत्री बने अशोक गहलोत, तो फिर पायलट के किसी करीबी आदमी को कुछ मिलना कहां आसान था। हालांकि, जसवंत सिंह के बेचे होने के कारण मानवेंद्र को स्नेह जरूर करते रहे, अवहेलना कभी नहीं की, लेकिन पायलट जैसे सत्ता पलटने निकले राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के साथी होने का खामियाजा मानवेंद्र को भी भुगतना पड़ा। अब राजस्थान में न तो कांग्रेस में दम है, न राहुल गांधी उनके लिए कुछ करने की हालत में है और पायलट तो खुद ही पस्त होकर छत्तीसगढ़ जैसे छोटे से प्रदेश के प्रभारी बनने की कांग्रेसी मजबूरी ढो रहे हैं। ऐसे में अगर मानवेंद्र सिंह जसोल कांग्रेस छोड़ भी देते हैं, तो क्या तो कांग्रेस और क्या ही मानवेंद्र का खुद का नुकसान।

Jaswant Atalji PrimeTimeBharat
Jaswant_Atalji_PrimeTimeBharat

मानवेन्द्र बोले – कई समर्थकों की राय यही है

राजनीति के संसार में लक्ष्य सबसे ज्यादा मायने रखते हैं और मानवेंद्र सिंह के पास कांग्रेस में बने रहने का कोई लक्ष्य नहीं है। वे जानते हैं कि विधानसभा चुनाव के बाद राजस्थान बीजेपी में वसुंधरा युग की समाप्ति हो गई है और कांग्रेस तो सत्ता से बेदखल हो ही गई है, साथ ही वहां उनका खयाल रखनेवाले राहुल गांधी का राजनीतिक नज़रिया साफ नहीं है और कांग्रेस का नेतृत्व करके उसको बेहतर ढंग से चलाने में भी राहुल की कोई बहुत ज्यादा रूचि नहीं है। फिर जिन सचिन पायलट से उनको उम्मीद थी, वह खुद भी कांग्रेस में मन नहीं लगा पा रहे हैं। राहुल गांधी को भी यह समझ में आ गया है कि पायलट की वजह से ही राजस्थान में कांग्रेस की सरकार फिर से नहीं आ सकी, क्योंकि पायलट के प्रभावी इलाकों में कांग्रेस ज्यादा हारी है और पायलट ने कोई बहुत प्रभावी तरीके से काम भी नहीं किया । खास बात क्या है कि राहुल गांधी को यह तथ्य समझ में आ गया है कि पायलट के इशारे पर ही गुर्जरों ने कांग्रेस को वोट नहीं किया वरना कांग्रेस की सरकार फिर आ जाती। इन्हीं कारणों पायलट की भी राजस्थान से बेदखली कर दी गई हैं। फिर, मानवेंद्र सिंह के समर्थक भी चाहते हैं कि कांग्रेस में उनके पास कोई महत्वपूर्ण काम नहीं है तो भाजपा ही ज्यादा सही है और मनोज सिंह के पास बीजेपी में संपर्कों का भी अभाव नहीं है। इसी कारण मानवेंद्र सिंह जसोल के वापस बीजेपी में जाने की राजीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म है। वैसे अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर मानवेंद्र ने अटल बिहारी वाजपेई के साथ अपने पिता जसवंत सिंह की तस्वीर लगा दी है और बीजेपी में घर वापसी के सवाल मानवेंद्र सिंह ने भी पिछले दिनों भाजपा में जाने के संकेत देते हुए कहा मौसम अच्छा बना हुआ है मौसम कब बदलता है देखो। मानवेंद्र सिंह से घर वापसी के बारे में कहा कि, मैं इसे घर वापसी नहीं मानता, क्योंकि मैं घर में ही हूं। भारत में हूं। आप पार्टी बोलिए। उन्होंने कहा कि अधिकतम समर्थकों की राय यही है, समर्थकों के साथ आगे चर्चा होगी और बैठकर कोई फैसला लिया जाएगा।

-निरंजन परिहार (लेखक राजनीतिक विश्लेषक है)
BJP Congress Jaswant Singh Manvendra Singh Rajasthan
Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram Email
Prime Time Bharat

Related Posts

Vishwanath Sachdev: यूं ही कोई विश्वनाथ, सचदेव नहीं हो जाता…!

November 30, 2025

Rajasthan: दो नेताओं की सजह मुलाकात या अगले प्रदेश अध्यक्ष की तैयारी ?

November 29, 2025

Akshay Kumar: राजस्थान में फिल्म विकास पर मुख्यमंत्री से अक्षय कुमार की मुलाकात के मायने

November 28, 2025

Leave A Reply Cancel Reply

टॉप ख़बरें

Vishwanath Sachdev: यूं ही कोई विश्वनाथ, सचदेव नहीं हो जाता…!

November 30, 2025

सिनेमा से गायब राजमहल और राजा-रानी

October 28, 2023

फिर जनम लेने जयपुर आ जाना इरफान!

October 28, 2023

पाप के पुरुषार्थ का रंगमंच बना सोशल मीडिया !

December 26, 2023
यह भी देखें
देश-प्रदेश
4 Mins Read

Ram Mandir: अयोध्या में ज़मीन की कीमतें आसमान पर, अमिताभ बच्चन ने भी प्लॉट खरीदा

By Prime Time BharatJanuary 15, 2024

Ram Mandir: राम मंदिर के निर्माण के साथ ही अयोध्या में जमीनों की कीमतें आसमान…

Rajasthan Congress: कांग्रेस ही कांग्रेस को हराती है, राजस्थान में किसके लिए कहा रजनी पाटिल ने ?

January 18, 2024

ये उम्र की बात है जी, कहने भर की है, कहने दीजिए…!

December 26, 2023

Rajasthan: भूपेंद्र, मेघवाल, शेखावत और भागीरथ होंगे राजस्थान से केंद्र में मंत्री

June 9, 2024
हमें फॉलो करें
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
About Us
About Us

‘प्राइम टाइम’ की शुरुआत पर कोई बड़ी बात नहीं, मगर यह कहना जरूरी है कि इसके उद्भव के लिए हमें एक बड़ी मजबूरी में सोचना पड़ा। मजबूरी यही कि हमारे हिंदुस्तान में वास्तविक अर्थों में जैसी होनी चाहिए, वैसी पत्रकारिता का मार्ग तेजी से सिकुड़ रहा है।

Contact Us:-
Mobile:- +91-9821226894
Email:- contact@primetimebharat.com

Facebook X (Twitter) Pinterest YouTube WhatsApp
Pages
  • About us
  • Our Team
  • Contact Us
  • Cookies Policy
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
लेटेस्ट ख़बरें

Vishwanath Sachdev: यूं ही कोई विश्वनाथ, सचदेव नहीं हो जाता…!

November 30, 2025

Rajasthan: दो नेताओं की सजह मुलाकात या अगले प्रदेश अध्यक्ष की तैयारी ?

November 29, 2025

Akshay Kumar: राजस्थान में फिल्म विकास पर मुख्यमंत्री से अक्षय कुमार की मुलाकात के मायने

November 28, 2025
© 2025 Prime Time Bharat | All Rights Reserved |

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.