Chomu: राजस्थान की राजधानी जयपुर से 40 किलोमीटर दूर बसे शांत कस्बे चौमूं (Chomu) में सांप्रदायिक माहौल बिगड़ गया है। विवाद मस्जिद के बाहर बरसों से पड़े पत्थर का ढेर हटाने की कार्रवाई से हुआ। पुलिस की समझाइश के बावजूद मस्जिद से जुड़े समुदाय के लोगों ने पुलिस पर पथराव दिया। कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए। विशेष पहचान वाले अराजक लोगों के इस उत्पात के बाद चौमूं में तनाव है, बाजार बंद हैं और पुलिस वीडियो निगरानी कर रही है, ड्रोन सर्विलांस भी जारी है। सुरक्षा व्यवस्था सख्त है, और अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनात है। इंटरनेट बंद करना पड़ा है। राजस्थान (Rajasthan) प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि बैठक में सहमति केवल सड़क किनारे पड़े पत्थरों को हटाने की थी, लेकिन पुलिस की मंशा मस्जिद हटाने की थी। उनके इस बयान के जवाब में, राजस्थान के गृह राज्यमंत्री जवाहरसिंह बेढम ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने इस मामले में ओछी राजनीति करना शुरू किया है।
रात 2 बजे अवैध कब्जे की कोशिश, पुलिस ने रोका तो हमला
घटना पर नजर डालें, तो हाईकोर्ट के आदेश के तहत चौमूं में सड़क चौड़ी करने और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है। चौमूं में मस्जिद के बाहर बरसों से बड़े बड़े पत्थर पड़े थे। जिन्हें हटाने के लिए मस्जिद प्रबंधन की ओर से सहमति जताई गई थी। पत्थरों को हटाया भी गया। लेकिन रात में मस्जिद के बाहर लोहे के गार्डर और रॉड लाकर वेल्डिंग के जरिए नए सिरे से पक्का कब्जा करना शुरू किया गया। रात के लगभग 2 बजे थे, पुलिस ने इसे रोकने की कोशिश की, तो अचानक चारों तरफ से पथराव शुरू हो गया। सर्द रात के अंधेरे में, चौमूं के बस स्टैंड का इलाका कुछ वक्त के लिए युद्धभूमि बन गया। पुलिस पर हमला रात करीब दो बजे किया गया। हालात संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा आंसू गैस के गोले दागने पड़े। पुलिस ने तकरीबन 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। जयपुर के पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने कहा कि इनमें सभी की भूमिका की जांच की जाएगी। हमलावरों में छोटे बच्चे और बुजुर्गों की भी मौजूदगी होने ने इस आशंका को और ताकत दी है कि हमला एक सोची समझी रणनीति के तहत जानबूझकर किया गया। चौमूं का माहौल बिगाड़ने की इस कोशिश के बाद सरकार इसलिए भी सतर्क है कि इस मामले को धार्मिक रंग देकर कहीं और खराब करने की कोशिश न की जाए।
हमलावरों की गिरफ्तारी पर लोग बोले – ‘भारत माता की जय’
चौमूं की स्थानीय जनता भी पुलिस के समर्थन में उतर आई है। पुलिस जब हमलावरों को पकड़ कर ले जा रही थी, तो वहां उपस्थित लोग ‘भारत माता की जय’ के नारे लगा रहे थे। लोग हमलावरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।कांग्रेस नेता डोटासरा ने कहा है कि चौमूं की इस मस्जिद को लेकर पहले से ही कोर्ट का स्टे है, इसके बावजूद पुलिस की कार्रवाई ने हालात बिगाड़ दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस की मंशा मस्जिद हटाने की थी, और इसी गलत मंशा के कारण पूरा विवाद भड़का है।डोटासरा ने कहा कि यह पूरी तरह से पुलिस प्रशासन की विफलता है। इसके जवाब में राजस्थान के गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा है कि डोटासरा क्यों कह रहे हैं कि सरकार मस्जिद को हटाना चाहती है, जबकि ऐसा तो कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मामले का राजनीतिकरण करने की कोशिश में, ओछी राजनीति करना शुरू कर दिया है। गृह राज्यमंत्री बेढ़म का कहना है कि चौमू का साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश में बिहार, उत्तर प्रदेश के लोगों के शामिल होने की जानकारी मिल रही है।
सरकार सख्त, लेकिन पुलिसकर्मियों पर हमला भी अब रणनीति ?
चौमूं में विवाद पर अब सियासत भी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के अलावा कांग्रेस के ज्यादातर नेता इस मामले पर चुप हैं, लेकिन बीजेपी नेता रामलाल शर्मा ने कहा है कि पुलिस ने ट्रैफ़िक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की है और उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। शर्मा ने कहा कि सरकार किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। बीजेपी नेता लक्षमीकांत भारद्वाज का आरोप है कि यह सिर्फ अतिक्रमण हटाने का विरोध नहीं, बल्कि असामाजिक तत्वों की साजिश है, जिसका मकसद प्रशासन को दबाव में लेना और कानून व्यवस्था को चुनौती देना है। लेकिन सरकार सतर्क है। राजनीतिक विश्लेषक निरंजन परिहार कहते हैं कि चौमूं की घटना सामाजिक सद्भावना पर बड़े सवाल खड़े करती है। सवाल ये हैं कि क्या कानून का पालन कर रहे पुलिसकर्मियों पर हमला अब रणनीति बनता जा रहा है? क्या अतिक्रमण हटाने जैसी प्रशासनिक कार्रवाई को जान बूझकर संवेदनशील मुद्दों से जोड़कर हिंसा भड़काई जा रही है? और क्या पुलिस को भी समुदाय विशेष के खिलाफ कटघरे में खड़ा किया जाएगा?
– संपादकः राकेश दुबे (आकांक्षा कुमारी की रिपोर्ट)
Please read also: Rajasthan Congress: बहुत कुछ ठीक करना होगा कांग्रेस को अपने घर में

