Pia Dandiya: अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में फ्लोरिडा से जीतने वाली डेमोक्रेटिक नेता पिया डांडिया (Pia Dandiya) की जड़ें राजस्थान की राजधानी जयपुर (Jaipur) में हैं। डंडिया ने कांग्रेस (Congress) के चुनाव में रिपब्लिकन (Republican Party) उम्मीदवार केसी आस्कर को हराया था। अमेरिका (USA) में संसद को कांग्रेस कहा जाता है। जयपुर मूल की पिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में हुआ था, उनते माता पिता जयपुर से 1980 के दशक में अमेरिका जाकर बस गए थे। फ्लोरिडा के चुनाव में पिया डांडिया ने 150,907 वोट हासिल किए, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के उम्मीदवार केसी अस्कर को पराजित किया. अस्कर को 139,747 वोट मिले। प्रमिला जयपाल के बाद अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी गई पिया डंडिया दूसरी भारतीय – अमेरिकी महिला है। अमेरिका में जन्मी और पली-बढ़ी होने के बावजूद पिया का जयपुर से गहरा लगाव रहा है। भारतीय संस्कृति, खान-पान और बॉलीवुड से जुड़ाव रखती हैं। वह कांग्रेस में फ्लोरिडा का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली दक्षिण एशियाई अमेरिकी हैं। पाम बीच गार्डन्स में पिया अपने पति नवनीत अलघ और बेटे साहिब के साथ रहती हैं। ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत खो दिया है। डेमोक्रेट्स ने सीनेट और प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल कर लिया है जो अमेरिकी राजनीति में ट्रंप के विरोध के एक नए चरण का प्रतीक है। जनवरी 2027 में नई कांग्रेस के सत्र में पिया डांडिया अपना संसदीय कार्यभार संभालेंगी।
अमेरिका में जन्मीं, मगर नाता सदा जयपुर से
पिया डांडिया के पिता डॉ. रोहित डांडिया ने जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया था और उनकी मां भारती डांडिया ने 1970 के दशक में जयपुर के राजस्थान विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में एमए किया। अमेरिका जाने के बाद, उनकी मां ने जुपिटर में एक मोंटेसरी स्कूल की स्थापना की, जहां परिवार बस गया। अपने माता-पिता के साथ वह बचपन में अक्सर अपने दादा-दादी और जयपुर में अन्य रिश्तेदारों से मिलने के लिए अकेले भारत आती रही हैं। अगस्त 2025 में न्यू इंडिया अब्रॉड को दिए एक इंटरव्यू में पिया ने बताया था, कि मेरे माता-पिता बहुत छोटी उम्र से ही मुझे अकेले भारत भेजते थे, ताकि मैं अपने भाई-बहनों और रिश्तेदारों के साथ समय बिता सकूं। ये यात्राएं मेरे जीवन को बदलने वाली साबित हुईं और मेरी पहचान को आकार देने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

राजस्थान को गौरवान्वित करने वाली जीत
पिया डांडिया की संसदीय चुनाव में जीत का जश्न मनाने वाले कई भारतीय – अमेरिकियों में न्यूयॉर्क में राजस्थान फाउंडेशन की एक वरिष्ठ कार्यकारी समिति की सदस्य डॉ. पूर्णिमा वोरिया भी हैं, जिन्होंने इसे “राजस्थान को गौरवान्वित करने वाली जीत” के रूप में वर्णित किया है। वोरिया ने एक विशेष संदेश में कहा है कि संसदीय चुनाव में विजय की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर पिया डांडिया को हार्दिक बधाई! आपकी जीत राजस्थान और पूरे भारतीय – अमेरिकी समुदाय के लिए बहुत गर्व का क्षण है। हम आपकी सफलता का जश्न मनाते हैं और आपको नेतृत्व और सार्वजनिक सेवा की प्रेरक यात्रा की कामना करते हैं। फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट को चुनाव से पहले फिर से तैयार किया गया था, जिससे ओपन-सीट प्रतियोगिता शुरू हुई। डंडिया ने शुरू में 21वें जिले से चुनाव लड़ने की योजना बनाई थी लेकिन सीमाओं के बदलने के बाद अपना अभियान स्थानांतरित कर दिया। नए जिले में पाम बीच, ब्रोवार्ड, हेंड्री और कोलियर काउंटियों के कुछ हिस्सों को शामिल किया गया है।
शिक्षक के रूप में अपना करियर शुरू किया
पिया डांडिया ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में गवर्नमेंट एंड पब्लिक पॉलिसी का अध्ययन किया और बोस्टन विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री हासिल की। उन्होंने टीच फॉर अमेरिका के माध्यम से एक शिक्षक के रूप में अपना करियर शुरू किया और बाद में 28 साल की उम्र में हार्लेम में डेमोक्रेसी प्रेप एंड्योरेंस हाई स्कूल के संस्थापक प्रिंसिपल बनीं। इस स्कूल के लगभग 86% छात्र कम आय वाले परिवारों के थे। बाद में डंडिया ने डॉमेस्टिक पॉलिसी काउंसिल और अमेरिकी शिक्षा विभाग के साथ काम करते हुए व्हाइट हाउस के फैलो के रूप में कार्य किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सरकारी सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए ऐप्पल में सार्वजनिक क्षेत्र की परियोजनाओं का भी नेतृत्व किया।किशोरावस्था में पिया ने गर्मियों में नई दिल्ली में बच्चों को भी पढ़ाया, जो उसके लिए एक ऐसा अनुभव बना कि बाद में वे खुद शिक्षा के क्षेत्र में आ गईं।
– आकांक्षा कुमारी
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