Close Menu
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Facebook X (Twitter) Instagram
ट्रेंडिंग:
  • Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!
  • Congress: राहुल गांधी नई पीढ़ी पर भरोसा करे और कांग्रेस को मजबूत करे, लेकिन…!
  • Rajya Sabha Election: निर्विवाद और संयमित नेता नीरज डांगी के राज्यसभा में होने के अर्थ
  • Narendra Modi: क्या पीएम मोदी सचमुच गद्दार और राहुल गांधी की बदजुबानी सही…?
  • Drugs: समूचे राजस्थान पर ड्रग्ज का शिकंजा, गांव – गांव में धमकता नशे का कारोबार
  • Bhairon Singh Shekhawat: शेखावत जैसा फिर कोई इस संसार में जन्मे तो बताना…
  • Bhairon Singh Shekhawat: वह रात केवल भैरोंसिंह शेखावत गिरफ्तारी की कहानी नहीं थी…
  • Gold Import Duty: पीएम मोदी की अपील के तत्काल बाद इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ी, गोल्ड और महंगा
2nd June, Tuesday, 2:51 AM
Facebook X (Twitter) Instagram
Prime Time BharatPrime Time Bharat
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Prime Time BharatPrime Time Bharat
Home»देश-प्रदेश»Ahmedabad Air India Plane Crash: मीडिया और सोशल मीडिया के धत्कर्म में सिमटते संवेदना के स्वर
देश-प्रदेश 7 Mins Read

Ahmedabad Air India Plane Crash: मीडिया और सोशल मीडिया के धत्कर्म में सिमटते संवेदना के स्वर

Prime Time BharatBy Prime Time BharatJune 14, 2025No Comments
WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Reddit Tumblr Email
PM Modi Ahmedabad AirIndia Plane Crash Prime Time Bharat
PM-Modi-Visited-Ahmedabad-AirIndia-Plane-Crash-Prime-Time-Bharat
Share
WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

Table of Contents

Toggle
          • Ahmedabad Air India Plane Crash: यह समय किसी भी किस्म की रस्साकशी का नहीं है। लगातार अराजक होते जा रहे सोशल मीडिया मंच और उतना ही स्वेच्छाचारी मुख्यधारा मीडिया ऐसे अवसरों पर हमारी संवेदनाओं को कृत्रिम उबाल दे कर दरअसल उन्हें भोथरा बनाने का काम कर रहे हैं। उनके लिए हर घटना रंगमंचीय प्रस्तुति का विषय बन गई है। वे समझते हैं कि दृश्यों को उन की ज़रूरत के मुताबिक पठन, चित्रण, संगीत और रंगों में संयोजित कर के उछलकूद के अंदाज़ में पेश कर देना पत्रकारिता है।
  • तमाशबीनों की भीड़ में ग़ायब हो रहे हैं अर्थपूर्ण स्वर
  • हजारों जख्म हरे कर दिए भीषण विमान हादसे ने
  • भारतीय इतिहास का दूसरा सब से बड़ा हादसा
  • वक्त सवाल उछालने का हल्कापन दिखाने का नहीं
  • समय सही हो, तो ही सवालों का वज़न भी रहता है
  • विमान दुर्घटना वाले देशों में भारत सबसे नीचे
  • संवेदनाओं को कृत्रिम उबाल देने में उलझा मीडिया
        • -पंकज शर्मा (देश के जाने माने पत्रकार व लेखक)
Ahmedabad Air India Plane Crash: यह समय किसी भी किस्म की रस्साकशी का नहीं है। लगातार अराजक होते जा रहे सोशल मीडिया मंच और उतना ही स्वेच्छाचारी मुख्यधारा मीडिया ऐसे अवसरों पर हमारी संवेदनाओं को कृत्रिम उबाल दे कर दरअसल उन्हें भोथरा बनाने का काम कर रहे हैं। उनके लिए हर घटना रंगमंचीय प्रस्तुति का विषय बन गई है। वे समझते हैं कि दृश्यों को उन की ज़रूरत के मुताबिक पठन, चित्रण, संगीत और रंगों में संयोजित कर के उछलकूद के अंदाज़ में पेश कर देना पत्रकारिता है।

अहमदाबाद विमान हादसे (Ahmedabad Air India Plane Crash) ने पूरे देश को झकझोर रखा है। यह त्रासदी, ज़ाहिर है कि, मामूली नहीं है। यह आधुनिकतम तकनीक और सर्वोत्तम मानवीय कौशल के अंततः असहाय हो जाने की मजबूरी का चरम और बेहद दुःखद उदाहरण है। 265 लोगों की जान लील लेने वाली इस विपत्ति के पीछे के कारणों को ले कर अभी जितने मुंह, उतनी बातें हैं। यह बोइंग के 787-8 डिज़ाइन में किसी गंभीर ख़ामी का नतीजा है या उड़ान संचालन के दौरान हुई किसी चूक का या किसी अनसोची साज़िश का – इस की तफ़सील पूरी जांच के बाद सामने आएगी। मगर मुख्यधारा के हमारे मीडिया (Media) के पर्दे-पन्ने और सोशल मीडिया (Social Media) के हमारे डॉन क्विक्ज़ोटी मंच पिछले दो दिनों से लालबुझक्कड़ी निष्कर्षों की मूसलाधार से लबरेज़ हैं।

तमाशबीनों की भीड़ में ग़ायब हो रहे हैं अर्थपूर्ण स्वर

सुख हो, दुःख हो – सब में समान रहने की यह अद्भुत क्षमता भारतवासियों की जन्मघुट्टी में है। वे हर हाल में अपने ज्ञान प्रसार संस्थान का एक पिटारा साथ लिए घूमते हैं और मौक़ा मिलते ही अपनी विश्लेषण-प्रतिभा का प्रदर्शन करने में जुट जाते हैं। जब से सूचना जगत में ऐप और ट्यूब आधारित मुक्ताकाशी विश्वविद्यालयों की स्थापना का युग आरंभ हुआ है, सर्वज्ञाता-भाव लिए विचर रहे स्व-नियुक्त विशेषज्ञों का सैलाब आ गया है। बरसों के अध्ययन, चिंतन और मनन के बाद अलग-अलग विधाओं में महारत हासिल करने वाले ऋषि-मनीशियों की आवाज़ दादुरों के नक्कारखाने में तूती बन गई है। तमाशबीनों के भभ्भड़ में अर्थपूर्ण स्वर ग़ायब होते जा रहे हैं।

Ahmedabad Plane Crash Pankaj Sharma Prime Time Bharat
Ahmedabad-Plane-Crash-Pankaj-Sharma-Prime-Time-Bharat

हजारों जख्म हरे कर दिए भीषण विमान हादसे ने

त्रासदियां कह कर नहीं आतीं। वे बेतरह स्तब्ध करती हैं। हताश करती हैं। उन से शांत आसमान में सामूहिक अवसाद के अशांत बादल उठते हैं। त्रासदियों की प्रकृति स्वयमेव हो या प्रायोजित, आम लोगों के लिए उन की आकस्मिकता के झटके से उबरना आसान नहीं होता है। उन की छाप लोकमानस पर बरसों-बरस चस्पा रहती है। अहमदाबाद के ताज़ा हादसे ने 27 साल पहले वहीं हुई विमान दुर्घटना को कइयों के मन में फिर कुरेद दिया होगा। अक्टूबर 1988 में तब भी उड़ान भरते समय ही इंडियन एयर लाइन्स का विमान हवाई अड्डे से दो किलोमीटर दूर ही पहुंचा था कि गिर गया था। 135 में ये 133 यात्री मारे गए थे। गुरुवार के हादसे ने 29 साल पहले चरखी दादरी के आसमान में टकराए दो विमानों के ज़ख़्म भी हरे कर दिए। तब 349 लोग मारे गए थे।

भारतीय इतिहास का दूसरा सब से बड़ा हादसा

मारे गए यात्रियों की संख्या के हिसाब से अहमदाबाद का यह हादसा देश में अब तक का दूसरा सब से बड़ा हादसा है। वह दूसरा सब से बड़ा न होता तो भी प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी को वहां जाना चाहिए था। मैं तो कहता हूं कि राहुल गांधी को भी जाना चाहिए। गुजरात अकेले नरेंद्र भाई और अमित भाई शाह का ही नहीं है। वह उतना ही राहुल, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और ममता बनर्जी का भी है। जो यह सोचते हैं कि ऐसे मौक़ों पर जाने-न-जाने से क्या ज़मीनी फ़र्क़ पड़ता है, वे भारतीय मानस की संवेदनशीलता की त्वरा से अनभिज्ञ हैं। इन अवसरों पर व्यक्तिगत उपस्थिति संवेदनाओं की साझेदारी के कर्तव्यबोध का प्रतीक है। इसलिए मैं अहमदाबाद पहुंचे प्रधानमंत्री के आसपास मौजूद कैमरे और उन की तस्वीरों के कोण गिन रहे लोगों की सोच को ओछापन मानता हूं।

Ahmedabad AirIndia Plane Crash Prime Time Bharat
Ahmedabad-AirIndia-Plane-Crash-Prime-Time-Bharat

वक्त सवाल उछालने का हल्कापन दिखाने का नहीं

यह अवसर इस तरह का हल्कापन दिखाने का नहीं है कि सवाल उछाले जाएं कि मणिपुर की हिंसा में तो पांच सौ से ज़्यादा लोग मार दिए गए, हज़ारों ज़ख़्मी हो गए, पांच हज़ार से ज़्यादा मकान जला दिए गए, साठ हज़ार से ज़्यादा लोग विस्थापित हो गए तो प्रधानमंत्री वहां क्यों नहीं गए? मैं सोशल मीडिया की चौपालों पर लोगों को यह पूछते हुए भी पढ़-सुन रहा हूं कि दस बरस में हुई क़रीब सवा छह सौ रेल दुर्घटनाओं में हज़ार के आसपास यात्री मारे गए और हर नई ट्रेन को ख़ुद झंडी दिखाने की ललक से भरे प्रधानमंत्री की झलक उन में से एक भी दुर्घटनास्थल पर क्यों नहीं दिखी? भगदड़ की अलग-अलग घटनाओं में मारे गए बेग़ुनाह लोगों की मिसाल दे कर नरेंद्र भाई की अनुपस्थिति को निशाना बनाने वाली टिप्पणियों की बौछार भी देखने को मिल रही है।

समय सही हो, तो ही सवालों का वज़न भी रहता है

हर समय निंदा के चटोरेपन से सराबोर रहने वालों को मैं इस वक़्त पहलगाम से ले कर पुलवामा और पठानकोट तक की त्रासदियों में परपीड़ा-आनंद खोजने में जुटा पा रहा हूं। मगर मैं पूरी संजीदगी से कहना चाहता हूं कि कोई-कोई समय ऐसा होता है, जब खिलंदड़ों को अपनी तीलीलीली-मुद्रा को खूंटी पर लटका देना चाहिए। सवाल, सवाल हैं। वे पूछ भी जाने चाहिए। मगर हर सवाल के पूछे जाने का एक समय होता है। सवाल-सूरमाओं को कुछ भी लगता हो, मगर बेसमय पूछे जाने वाले प्रश्न बूमरेंग ही करते हैं। बिना सोचे-समझे, हर वक़्त बस सवाल उठाते रहने की प्रवृत्ति से प्रश्न अपनी अर्थवत्ता खोने लगते हैं। प्रश्नों का वज़न तब कायम रहता है, जब उन्हें उठाने का समय, शैली और प्रणाली मौजूं हो।

PM Narendra Modi Ahmedabad Plane Crash Prime Time Bharat
PM-Narendra-Modi-Ahmedabad-Plane-Crash-Prime-Time-Bharat

विमान दुर्घटना वाले देशों में भारत सबसे नीचे

देश के विमानतलों से हर बरस साढ़े ग्यारह लाख से ज़्यादा उड़ाने संचालित होती हैं। अहमदाबाद के विमानतल से ही साल में एक लाख से ज़्यादा उड़ानों का संचालन होता है। हर विमान त्रासदी दुःखद है, मगर उस से दुःखी होते वक़्त यह मत भूलिए कि भारत में ग़ैरमामूली, मामूली, मध्यम और बेहद गंभीर विमान दुर्घटनाओं का औसत प्रति दस लाख उड़ानों में एक से भी कम का है। आदर्श स्थिति तो यही होगी कि यह भी नहीं हो। मगर याद रखिए कि सब से ज़्यादा विमान दुर्घटनाओं वाले दस देशों की सूची में भारत सब से निचले, यानी दसवें, क्रम पर है। सब से ऊपर है अमेरिका और फिर क्रमवार हैं रूस, कनाडा, ब्राज़ील, कोलंबिया, ब्रिटेन, फ्रांस, इंडोनेशिया और मैक्सिको। 1945 से अब तक अमेरिका में 788 विमान दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और उन में 10,625 लोग मारे गए हैं। भारत में इस अवधि में 93 दुर्घटनाएं हुई हैं और उन में 2,319 लोगों की मौत हुई है।

संवेदनाओं को कृत्रिम उबाल देने में उलझा मीडिया

यह अहमदाबाद की त्रासदी में जान गंवाने वालों के लिए मोक्ष की प्रार्थना करने और उन के परिजन की ग़मज़दगी के साथ ख़ुद को संबद्ध करने का समय है। यह समय किसी भी किस्म की रस्साकशी का नहीं है। लगातार अराजक होते जा रहे सोशल मीडिया मंच और उतना ही स्वेच्छाचारी मुख्यधारा मीडिया ऐसे अवसरों पर हमारी संवेदनाओं को कृत्रिम उबाल दे कर दरअसल उन्हें भोथरा बनाने का काम कर रहे हैं। उन के लिए हर घटना रंगमंचीय प्रस्तुति का विषय बन गई है। वे समझते हैं कि दृश्यों को उन की ज़रूरत के मुताबिक पठन, चित्रण, संगीत और रंगों में संयोजित कर के उछलकूद के अंदाज़ में पेश कर देना पत्रकारिता है। उन्हें लगता है कि हर शाम तीन-तीन चार-चार तीतर-कुश्तियों का शोर भरा आयोजन जन-सरोकार के प्रति अपने फ़र्ज़ की अदायगी है। जाने-अनजाने किए जा रहे इस धत्कर्म ने भारतीय समाज को अपनी विचार-प्रक्रिया के बेहद प्रदूषित दौर में पहुंचा दिया है। समाज के हर स्तर पर धड़ेबंदी की धार इतनी दुधारी हो चुकी है कि सब-कुछ तार-तार हो रहा है। यह नहीं थमेगा तो असली त्रासदियां तो देखनी अभी बाकी हैं।

-पंकज शर्मा (देश के जाने माने पत्रकार व लेखक)

Related Article: Ahmedabad Air India Plane Crash: उड़ते- उड़ते आग का गोला बन गया विमान, करीब 250 लोगों की मौत

Read also: Air India Plane Crash Vijay Rupani: सरल और विरल विजय रूपाणी का दुनिया से विदा होना

Ahmedabad Air India Plane Crash Media Social Media
Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram Email
Prime Time Bharat

Related Posts

Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!

May 27, 2026

Congress: राहुल गांधी नई पीढ़ी पर भरोसा करे और कांग्रेस को मजबूत करे, लेकिन…!

May 25, 2026

Rajya Sabha Election: निर्विवाद और संयमित नेता नीरज डांगी के राज्यसभा में होने के अर्थ

May 25, 2026

Leave A Reply Cancel Reply

टॉप ख़बरें

Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!

May 27, 2026

सिनेमा से गायब राजमहल और राजा-रानी

October 28, 2023

फिर जनम लेने जयपुर आ जाना इरफान!

October 28, 2023

पाप के पुरुषार्थ का रंगमंच बना सोशल मीडिया !

December 26, 2023
यह भी देखें
कारोबार
4 Mins Read

Adani Group: लगातार बढ़ता जा रहा है अडानी ग्रुप के शेयर में विश्वास, उछाल कायम

By Prime Time BharatJanuary 4, 2024

Adani Group : बीते साल हिंडनबर्ग (Hindenburg) की चपेट में आने के बाद उससे तेजी…

Dan Singh: ‘वो तेरे प्यार का गम…’ वाले जयपुर के दान सिंह, जिनकी किस्मत ही कुछ ऐसी थी कि दिल टूट गया

June 20, 2024

Rajasthan: गहलोत की असली पिक्चर तो अभी बाकी है मेरे दोस्त…!

August 1, 2024

India Pakistan War: पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन सिर्फ स्थगित हुआ है – राष्ट्र के नाम संदेश में बोले पीएम मोदी

May 13, 2025
हमें फॉलो करें
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
About Us
About Us

‘प्राइम टाइम’ की शुरुआत पर कोई बड़ी बात नहीं, मगर यह कहना जरूरी है कि इसके उद्भव के लिए हमें एक बड़ी मजबूरी में सोचना पड़ा। मजबूरी यही कि हमारे हिंदुस्तान में वास्तविक अर्थों में जैसी होनी चाहिए, वैसी पत्रकारिता का मार्ग तेजी से सिकुड़ रहा है।

Contact Us:-
Mobile:- +91-9821226894
Email:- contact@primetimebharat.com

Facebook X (Twitter) Pinterest YouTube WhatsApp
Pages
  • About us
  • Our Team
  • Contact Us
  • Cookies Policy
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
लेटेस्ट ख़बरें

Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!

May 27, 2026

Congress: राहुल गांधी नई पीढ़ी पर भरोसा करे और कांग्रेस को मजबूत करे, लेकिन…!

May 25, 2026

Rajya Sabha Election: निर्विवाद और संयमित नेता नीरज डांगी के राज्यसभा में होने के अर्थ

May 25, 2026
© 2026 Prime Time Bharat | All Rights Reserved |

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.