Close Menu
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Facebook X (Twitter) Instagram
ट्रेंडिंग:
  • Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!
  • Congress: राहुल गांधी नई पीढ़ी पर भरोसा करे और कांग्रेस को मजबूत करे, लेकिन…!
  • Rajya Sabha Election: निर्विवाद और संयमित नेता नीरज डांगी के राज्यसभा में होने के अर्थ
  • Narendra Modi: क्या पीएम मोदी सचमुच गद्दार और राहुल गांधी की बदजुबानी सही…?
  • Drugs: समूचे राजस्थान पर ड्रग्ज का शिकंजा, गांव – गांव में धमकता नशे का कारोबार
  • Bhairon Singh Shekhawat: शेखावत जैसा फिर कोई इस संसार में जन्मे तो बताना…
  • Bhairon Singh Shekhawat: वह रात केवल भैरोंसिंह शेखावत गिरफ्तारी की कहानी नहीं थी…
  • Gold Import Duty: पीएम मोदी की अपील के तत्काल बाद इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ी, गोल्ड और महंगा
4th June, Thursday, 3:11 AM
Facebook X (Twitter) Instagram
Prime Time BharatPrime Time Bharat
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Prime Time BharatPrime Time Bharat
Home»देश-प्रदेश»Vedanta: आत्मबल की अटल मिसाल अनिल अग्रवाल, बेटे की स्मृति में 75 फीसदी कमाई दान का संकल्प
देश-प्रदेश 5 Mins Read

Vedanta: आत्मबल की अटल मिसाल अनिल अग्रवाल, बेटे की स्मृति में 75 फीसदी कमाई दान का संकल्प

Prime Time BharatBy Prime Time BharatJanuary 9, 2026No Comments
WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Reddit Tumblr Email
Anil Agarwal Vedanta Prime Time Bharat
Anil-Agarwal-Vedanta-Prime-Time-Bharat
Share
WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

Vedanta: भारत के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल वेदांता (Vedanta) समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) और उनके परिवारजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। लेकिन उनके हौसले को नमन। अपने पुत्र अग्निवेश अग्रवाल (Agnivesh Agarwal) के अमेरिका में निधन को उन्होंने दिल पर पत्थर रखकर जिस हिम्मत, हौसले और धीरता से झेला, उसकी तारीफ दुनिया भर में हो रही है। जरा सोचिए कि कितना हौसला सम्हाल कर रखा होगा अनिल अग्रवाल ने, कि अपने 49 वर्ष के बेटे अग्निवेश की खबर खुद दुनिया को दी। इस असहनीय दुख की घड़ी में अनिल अग्रवाल का धैर्य और आत्मबल चर्चा का विषय बन रहा है। कई बार जीवन सबसे बड़ी परीक्षा वहीं लेता है, जहां इंसान सबसे अधिक संवेदनशील होता है। ऐसे समय में मजबूत बने रहना भी अपने आप में एक संघर्ष है। अनिल अग्रवाल ने भी सोशल मीडिया पर अत्यंत भावुक संदेश साझा करते हुए इसे अपने जीवन का सबसे अंधकारमय दिन बताया। अग्निवेश कके देहांत  पर उन्होंने अपनी कमाई का 75 फीसदी हिस्सा जनसेवा में लगाने के संकल्प दोहराया है। अनिल अग्रवाल फाउंडेशन (Anil Agarwal Foundation) और वेदांता फाउंडेशन (Vedanta Foundation) के जरिए वे शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और युवा रोजगार की द्शा में काम करेंगे। अनिल अग्रवाल ने घोषमा कीकहा कि अब यह काम सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि बेटे की यादों को जिंदा रखने का रास्ता है।

Anil Agarwal with son Agnivesh Prime Time Bharat
Anil-Agarwal-with-son-Agnivesh-Prime-Time-Bharat

Table of Contents

Toggle
  • अग्रवाल परिवार को बड़ा आधात, परिजनों का हाल – बेहाल
  • एक पिता की प्रतिक्रिया व श्रद्धांजलि स्वरूप
  • अग्निवेश के निधन का घटनाक्रम व हादसे की हकीकत
  • पिता अनिल अग्रवाल का हौसला व  मजबूती का संकल्प
        • -आकांक्षा कुमारी

अग्रवाल परिवार को बड़ा आधात, परिजनों का हाल – बेहाल

पुत्र वियोग किसी भी माता-पिता के लिए सबसे बड़ा आघात होता है, और अनिल अग्रवाल के लिए यह पीड़ा और भी गहरी है। क्योंकि अग्निवेश उनके न केवल बेटे थे, बल्कि वेदांता परिवार की भावनात्मक धुरी भी माने जाते थे। अनिल अग्रवाल ने अपने सार्वजनिक संदेश में बेटे के निधन को ‘जीवन का सबसे अंधकारमय दिन’ कहा, जो उनके दर्द की गहराई को दर्शाता है। परिवार पर यह दुख ऐसा है, जिसे शब्दों में समेट पाना कठिन है। अग्निवेश मां किरण अग्रवाल सहित पूरा परिवार टूट चुका है। यह सिर्फ एक पारिवारिक क्षति नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्तित्व की कमी है जो जिम्मेदारियों को आगे बढ़ाने की क्षमता रखता था। अग्निवेश महज़ एक परिवार के उत्तराधिकारी नहीं, बल्कि वेदांता समूह में निर्देशक की सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। अनिल अग्रवाल ने जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जब अपने पुत्र के दहांत की पहली सूचना दी, तो उनके संदेश में दुख के बीच एक संयमित संकल्प झलक रहा था, कि वे अपने बेटे की स्मृति को केवल आंसुओं तक सीमित नहीं रहने देंगे, बल्कि उसे प्रेरणा में बदलेंगे।

एक पिता की प्रतिक्रिया व श्रद्धांजलि स्वरूप

बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अचानक निधन ने अनिल अग्रवाल को भीतरसे तोड़ दिया है। इस गहरे दुख के बीच उन्होंने एक बड़ा फैसला दोहराया है, कि वे जीवन भर सादगी से जिएंगे और अपनी कमाई का 75 फीसदी जनसेवा में खर्च करेंगे। अनिल अग्रवाल वैसे भी सरलता व सादगीपूर्ण जीवन जीते रहे हैं। वे ईश्वरीय सत्ता में विश्वास करते हैं। अपने बेटे की मौैत पर अनिल अग्रवाल ने अपने संदेश में लिखा कि अग्निवेश सिर्फ बेटा नहीं, बल्कि सबसे करीबी दोस्त था। उन्होंने कहा कि अग्निवेश जीवन से भरा हुआ था, सपनों से भरा हुआ था और पूरी तरह स्वस्थ था। परिवार को लग रहा था कि सबसे मुश्किल दौर निकल चुका है, लेकिन किस्मत ने कुछ और ही तय कर रखा था। उन्होंने यह भी लिखा कि बेटा पिता से पहले नहीं जाता और यह नुकसान उन्हें अंदर से तोड़ देने वाला है।  सार्वजनिक जीवन में होने के कारण उन्हें लोगों के सामने संयम के साथ खड़ा रहना पड़ता है, लेकिन अंदर से वे एक पिता की तरह टूटे हुए हैं।

Anil Agarwal Vedanta Holi Prime Time Bharat
Holi-Festival-Vedanta-Family-Anil-Agrawal-File-Foto-Prime-Time-Bharat

अग्निवेश के निधन का घटनाक्रम व हादसे की हकीकत

दरअसल, अग्निवेश अग्रवाल को अमेरिका में स्कीइंग करते वक्त दुर्घटना के शिकार हो गए थे। इसी दुर्घटना के बाद स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं बढ़ीं और वे चिकित्सा निगरानी में थे। इलाज के दौरान उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके चलते उनकी सांसें थम गईं। दुर्घटना न्यूयॉर्क में हुई, जहां उनका उपचार चल रहा था। वेदांता परिवार के लिए यह हादसा अचानक और अप्रत्याशित था, जिससे उनके परिवार और करीबी लोग गहरे सदमे में हैं। कार्डियक अरेस्ट जैसी स्थिति अक्सर बेहद कम समय में गंभीर रूप ले लेती है, और उपचार के बावजूद कई बार जीवन नहीं बचाया जा पाता। अनिल अग्रवाल का उद्योग जगत में योगदान जितना बड़ा है, यह क्षण उनके लिए उससे कहीं अधिक व्यक्तिगत है। उम्मीद की जानी चाहिए कि देश और समाज की संवेदनाएं उन्हें संबल देंगी। यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी कि परिवार को इस अंधकारमय समय में साहस और सहारा मिले।

पिता अनिल अग्रवाल का हौसला व  मजबूती का संकल्प

दरअसल, कभी – कभी हंसी और ख़ुशी की उम्र इतनी कम होती है कि पलक झपकते ही सब बदल जाता है। आज अनिल अग्रवाल और उनकी धर्मपत्नी किरन अपने जीवन की सबसे अंधेरी और उदास गली में एक-दूसरे का हाथ थामे खड़े हैं। विश्वास नहीं होता कि जिस बच्चे को कुछ साल पहले गोद में उठाया था, आज उसे कंधों पर उठाना पड़ा है। अग्निवेश, सिर्फ़ 49 वर्ष की आयु में दुनिया छोड़ कर चले गए। जीवन के शब्दकोश में ऐसा कुछ नहीं है जिसे अनिल अग्रवाल या कोई भी पिता लिख या बोल कर अपनी संतान के शोक की पीड़ा कम कर सकें। अग्रवाल परिवार के लिए यह क्षति व्यक्तिगत स्तर पर जितनी असहनीय है, उतनी ही बड़ी यह घटना उन लोगों के लिए भी है, जो उद्योग जगत में उन्हें एक सक्षम और उभरते नेतृत्व के रूप में देख रहे थे।

-आकांक्षा कुमारी

 

यह भी देखेंः Piyush Pandey: शब्दों से जादू निकालते रहे पीयूष पांडे, अब कौन कहेगा – जहां तुम, वहां हम?

इसे भी पढ़ेः Sulakshana Pandit: सांस्कृतिक अवचेतन की शांत, आहत और सुरीली पंक्ति थीं सुलक्षणा पंडित

 

Agnivesh Agarwal Anil Agarwal Anil Agarwal Foundation Vedanta Vedanta Foundation
Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram Email
Prime Time Bharat

Related Posts

Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!

May 27, 2026

Congress: राहुल गांधी नई पीढ़ी पर भरोसा करे और कांग्रेस को मजबूत करे, लेकिन…!

May 25, 2026

Rajya Sabha Election: निर्विवाद और संयमित नेता नीरज डांगी के राज्यसभा में होने के अर्थ

May 25, 2026

Leave A Reply Cancel Reply

टॉप ख़बरें

Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!

May 27, 2026

सिनेमा से गायब राजमहल और राजा-रानी

October 28, 2023

फिर जनम लेने जयपुर आ जाना इरफान!

October 28, 2023

पाप के पुरुषार्थ का रंगमंच बना सोशल मीडिया !

December 26, 2023
यह भी देखें
व्यक्ति विशेष
5 Mins Read

Navendu Mishra: यूपी का छोरा यूके में सांसद, नवेन्दु मिश्रा ब्रिटेन में सर्वाधिक वोट से जीते दूसरी बार

By Prime Time BharatJuly 10, 2024

Navendu Mishra: कानपुर में जन्मे नवेंदु मिश्रा ब्रिटिश पार्लियामेंट (British Parliament) में दूसरी बार सांसद…

Bageshwar Dham: “जिनको अपने चाचा और अब्बू से शादी करने में शर्म नहीं आती, वे हिंदू धर्म पर ना बोलें’

December 14, 2024

Jaichand: ‘गद्दार’ जयचंद को ‘महान’ राजा साबित करना बड़ी चुनौती, लेकिन कोशिश जारी

February 24, 2026

Kangana Ranaut: कांग्रेस प्रवक्ता की शर्मनाक टिप्पणी पर भड़के लोग, पोस्ट डिलीट, सफाई जारी

March 26, 2024
हमें फॉलो करें
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
About Us
About Us

‘प्राइम टाइम’ की शुरुआत पर कोई बड़ी बात नहीं, मगर यह कहना जरूरी है कि इसके उद्भव के लिए हमें एक बड़ी मजबूरी में सोचना पड़ा। मजबूरी यही कि हमारे हिंदुस्तान में वास्तविक अर्थों में जैसी होनी चाहिए, वैसी पत्रकारिता का मार्ग तेजी से सिकुड़ रहा है।

Contact Us:-
Mobile:- +91-9821226894
Email:- contact@primetimebharat.com

Facebook X (Twitter) Pinterest YouTube WhatsApp
Pages
  • About us
  • Our Team
  • Contact Us
  • Cookies Policy
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
लेटेस्ट ख़बरें

Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!

May 27, 2026

Congress: राहुल गांधी नई पीढ़ी पर भरोसा करे और कांग्रेस को मजबूत करे, लेकिन…!

May 25, 2026

Rajya Sabha Election: निर्विवाद और संयमित नेता नीरज डांगी के राज्यसभा में होने के अर्थ

May 25, 2026
© 2026 Prime Time Bharat | All Rights Reserved |

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.