Close Menu
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Facebook X (Twitter) Instagram
ट्रेंडिंग:
  • Vishwanath Sachdev: यूं ही कोई विश्वनाथ, सचदेव नहीं हो जाता…!
  • Rajasthan: दो नेताओं की सजह मुलाकात या अगले प्रदेश अध्यक्ष की तैयारी ?
  • Akshay Kumar: राजस्थान में फिल्म विकास पर मुख्यमंत्री से अक्षय कुमार की मुलाकात के मायने
  • Rajasthan Congress: बहुत कुछ ठीक करना होगा कांग्रेस को अपने घर में
  • Rajasthan Congress: नए जिलाध्यक्षों पर सवाल, बवाल और कांग्रेस का हाल
  • Dharmendra: जिंदादिल और शायर अभिनेता धर्मेंद्र की खूबसूरती को आखरी सलाम…!
  • Rajasthan: अगली सत्ता के लिए अभी से बीजेपी की रणनीति बनाम कांग्रेस की उलझन
  • Bihar: नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने दसवीं बार, मगर कंधों पर वादों का बहुत सारा भार
30th November, Sunday, 8:43 PM
Facebook X (Twitter) Instagram
Prime Time BharatPrime Time Bharat
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Prime Time BharatPrime Time Bharat
Home»देश-प्रदेश»Rajasthan News: राजस्थान की राजनीति में दृढ़ता से अपनी ताकत बढ़ाते मुख्यमंत्री भजनलाल
देश-प्रदेश 7 Mins Read

Rajasthan News: राजस्थान की राजनीति में दृढ़ता से अपनी ताकत बढ़ाते मुख्यमंत्री भजनलाल

Prime Time BharatBy Prime Time BharatJuly 15, 2025No Comments
WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Reddit Tumblr Email
BhajanlalSharma CM 1
Bhajanlal-Sharma-Rajasthan-Prime-Time-Bharat
Share
WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

Rajasthan News: राजनीतिक जीवन में पहली बार विधायक और पहली ही बार सीधे मुख्यममंत्री बने राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) को एक प्रचारित अभियान के तहत आमतौर पर कमजोर नेता साबित करने की कोशिश की जाती रही हैं, लेकिन विवादित मुद्दों पर दृढ़ता से निर्णय लेकर वे खुद को एक मजबूत प्रशासक के रूप में साबित कर रहे हैं। कांग्रेस (Congress) के दिग्गज नेता अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) भले ही मुख्यमंत्री शर्मा को दिल्ली में हटाने के षड़यंत्र की बात कह रहे हैं, लेकिन इस सबसे निश्चिंत मुख्यमंत्री शर्मा के हालिया फैसलों ने न केवल राजस्थान में उनके आलोचकों को चौंकाया है, बल्कि बीजेपी (BJP) में उनके सहयोगियों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। राजस्थान की राजनीति में वर्तमान में मुख्यमंत्री शर्मा की बढ़ती ताकत ने उनको मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया है, जिससे बिखरी हुई कांग्रेस में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। कांग्रेस के जो नेता उनको पर्ची सीएम कहते रहे हैं, उनकी भी मुख्यमंत्री की दृढ़ता को देख कर बोलती बंद है। कांग्रेस को तो छोड़िये, उनकी अपनी ही पार्टी बीजेपी में उनके नए नए राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी भी जो, मुख्यमंत्री चुनौती देने के लिए आगे आते रहे हैं, उनको भी भजनलाल अपनी ताकत दिखाने वाले नेता के तौर पर साबित हो कर, खुद को मजबूत प्रतिष्ठित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री शर्मा की इस ताकत का संदेश साफ है कि उन्हें आसानी से दबाव में नहीं लाया जा सकता। मुख्यमंत्री की इस ताकतवर छवि से कांग्रेस भी सन्न है, साफ लग रहा है कि उसे सरकार को कमजोर साबित करने की दिशा में कोई रास्ता नहीं मिल रहा। भजनलाल शर्मा का यह नया रूप राजस्थान की राजनीति में क्या बदलाव लाएगा, इस पर सभी की नजर है।

Bhajanlal Sharma CM Rajasthan Prime Time Bharat
Bhajanlal-Sharma-CM-Rajasthan-Prime-Time-Bharat

Table of Contents

Toggle
  • भजनलाल के फैसले का लोगों पर सकारात्मक प्रभाव
  • सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा रद्द न करके सबको चौंकाया
  • बेनीवाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई से ताकतवर संदेश
  • भजनलाल  की ताकत और कांग्रेस की चुनौतियां
        • -निरंजन परिहार (राजनीतिक विश्लेषक)

भजनलाल के फैसले का लोगों पर सकारात्मक प्रभाव

राजस्थान में परीक्षाओं का रद्द होना और उनमें देरी होना आम बात हो गई है, लेकिन मुख्यमंत्री हर मामले में भी दृढ़ता दिखा रहे हैं। वे कांग्रेस पर भी प्रहार कर रहे हैं कि अशोक गहलेत की सरकार ने 5 साल में जितने काम नहीं किए, उतने उनकी सरकार ने डेढ़ साल में कर दिए हैं। राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा को कुछ अभ्यर्थियों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का हवाले से आगे सरकाने की मांग को लेकर धरना दिया। लेकिन मुख्यमंत्री ने इस तरह की मांग को ठुकरा दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आरएएस अधिकारी बनने की तैयारी कर रहे किसी व्यक्ति के पास पढ़ाई के बजाय धरने पर बैठने का समय कैसे हो सकता है? मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली छात्र तो हमेशा चाहते हैं कि उनकी परीक्षाएं समय पर हों। मुख्यमंत्री का यह तर्क कई लोगों को पसंद आया है, क्योंकि इस तरह की मांग मान लेने से वास्तविक उम्मीदवारों को काफी नुकसान होता है। कोचिंग सेंटर भी ऐसी अनिश्चितताओं का फायदा उठाते हैं। मुख्यमंत्री शर्मा ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों से निपटने में भी काफी मजबूती दिखाई है। सरकारी नौकरियों में अवैध तरीकों के इस्तेमाल की समस्या राजस्थान में एक दशक से भी ज्यादा समय से जारी है। भजनलाल शर्मा के कार्यकाल में जांच और रोकथाम दोनों के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन भी किया गया है। शर्मा के इन फैसलों का प्रशासन और आम जन में भी सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है।

सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा रद्द न करके सबको चौंकाया

भजनलाल शर्मा, जो अपेक्षाकृत नए चेहरे के रूप में मुख्यमंत्री बने, ने अपनी कार्यशैली और नीतिगत फैसलों से न केवल अपनी पार्टी के भीतर बल्कि जनता के बीच भी प्रभाव जमाया है। उनकी सक्रियता और जन-केंद्रित योजनाओं ने बीजेपी को राजस्थान में एक मजबूत आधार प्रदान किया है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल और राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा जैसे नेताओं ने इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने की मांग की थी, और इस संबंध में एक याचिका राजस्थान हाई कोर्ट में भी लंबित है। लेकिन मुख्यमंत्री का इस मामले में दृढ़ रुख रहा। हालांकि, भजनलाल शर्मा सरकार ने एक उप-समिति की समीक्षा के बाद परीक्षा परिणाम को बरकरार रखने का फैसला किया। अधिकारियों का तर्क है कि केवल परीक्षा में असफल होने वाले उम्मीदवार ही इसे रद्द करने की मांग कर रहे थे, जबकि सरकार अनुचित तरीकों से चयनित पुलिस सब-इंस्पेक्टर प्रशिक्षुओं की पहचान कर उन्हें हटाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। भजनलाल शर्मा ने अपने फैसले का बचाव करते हुए साफ साफ कहा कि कई चयनित उम्मीदवारों ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर बनने के लिए दूसरी सरकारी नौकरियां छोड़ दी थीं। जो छात्र परीक्षा पास नहीं कर पाए, वे दोबारा कोशिश कर सकते हैं। लेकिन हमें पुलिस सब-इंस्पेक्टर के रिक्त पदों को समय पर भरना होगा। परीक्षा रद्द करने से सिर्फ कुछ ही लोगों को मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अपनी ताकत के तेवर दिखाने के अंदाज देखें, तो पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का मुद्दा सबसे ताजा सामने है। सन 2021 की पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को रद्द न करने के उनके निर्णय ने सभी राजनीतिक दलों को चौंका दिया है। जबकि साफ तौर पर माना जा रहा था कि वे ये परीक्षा रद्ध कर ही देंगे।

Hanuman Beniwal SI appointment Prime Time Bharat
Hanuman-Beniwal-SI-appointment-Prime-Time-Bharat

बेनीवाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई से ताकतवर संदेश

राजस्थान में हनुमान बेनीवाल युवा वर्ग में काफी लोकप्रिय हैं। बेनीवाल कभी बीजेपी के परम सहयोगी रहे हैं। लेकिन राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद बेनीवाल की पुलिस सब-इंस्पेक्टर परीक्षा रद्द कसरने की मांग को लेकर दिल्ली तक मार्च निकालने की धमकी का भी मुख्यमंत्री पर कोई असर नहीं है। पुलिस सब-इंस्पेक्टर परीक्षा और आरएएस परीक्षा के मुद्दे पर भजनलाल शर्मा का मजबूत फैसला उनकी छवि को ताकतवर तरीके से पेश कर रहा है। इसके अलावा, सरकार ने बेनीवाल से संबद्ध घर का 11 लाख रुपए बकाया वाला एक बिजली कनेक्शन भी काट दिया था। यह कनेक्शन सांसद बेनीवाल के भाई पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल के नाम पर था। सांसद  बेनीवाल और उनके पूर्व विधायक भाई नारायण बेनीवाल द्वारा जयपुर में सरकारी विधायक आवास में रहने को भी गैरकानूनी बताते हुए नोटिस दे दिया है। हनुमान बेनीवाल ने सरकार के इन फैसलों को राजनीति से प्रेरित करार दिया है, जबकि बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि बेनीवाल अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इन सब से बेफिक्र दिखाई देते हैं।

Ashok Gehlot Rajasthan Prime Time Bharat
Ashok-Gehlot-Rajasthan-Prime-Time -Bharat

भजनलाल  की ताकत और कांग्रेस की चुनौतियां

दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी राजस्थान में नेतृत्व और रणनीति के संकट से जूझ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अलावा कोई अन्य कांग्रेसी नेता बीजेपीसरकार पर प्रभावी ढंग से हमला करता नजर नहीं आ रहा। गहलोत, जो लंबे समय से राजस्थान कांग्रेस का चेहरा रहे हैं, अब भी विपक्ष की भूमिका में सक्रिय हैं। लेकिन सचिन पायलट, जो कभी अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ आंदोलन और धरनों के लिए चर्चित थे, अब भाजपा सरकार के खिलाफ खामोश हैं। यह खामोशी कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और नेतृत्व के संकट को उजागर करती है। कांग्रेस की यह आंतरिक कमजोरी उसे एकजुट विपक्ष की भूमिका निभाने से रोक रही है। दूसरी तरफ, भजनलाल शर्मा की सरकार ने विकास योजनाओं और जनता से सीधे संवाद के जरिए अपनी स्थिति को मजबूत किया है। कुल मिलाकर, राजस्थान में कांग्रेस की आंतरिक कलह ने राजनीतिक समीकरणों को बदल दिया है। यदि कांग्रेस को वापसी करनी है, तो उसे संगठन को मजबूत करने, नेतृत्व को ताकत देने और एकजुटता की रणनीति अपनाने की जरूरत है। जानकारों का मानना ​​है कि मुख्यमंत्री, जिन्हें कभी कमजोर समझा जाता था, अब तेजी से राजनीति के दांव-पेच सीख रहे हैं और अपनी बात भी मजबूती से रख रहे हैं। साफ तौर पर कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री शर्मा अपने फैसलों से अपनी ताकत बढ़ा रहे है और लग तो यही रहा है कि आने वाले दिनों में वे और ताकतवर साबित हो कर उभरेंगे।

-निरंजन परिहार (राजनीतिक विश्लेषक)

 

संबंधित लेख – Rajasthan CM: भारी पड़ते भजनलाल और रफ्तार पकड़ता राजस्थान

इसे भी पढ़िएः Rajasthan News: अपने ही बोझ से भारी होती राजस्थान की कांग्रेसी राजनीति

यह भी देखेंः Rajasthan: हनुमान बेनीवाल की राजनीतिक लोकप्रियता की जड़ में मुद्दे राजस्थान के

Ashok Gehlot Bhajanlal Sharma BJP Congress Rajasthan Rajasthan News
Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram Email
Prime Time Bharat

Related Posts

Vishwanath Sachdev: यूं ही कोई विश्वनाथ, सचदेव नहीं हो जाता…!

November 30, 2025

Rajasthan: दो नेताओं की सजह मुलाकात या अगले प्रदेश अध्यक्ष की तैयारी ?

November 29, 2025

Akshay Kumar: राजस्थान में फिल्म विकास पर मुख्यमंत्री से अक्षय कुमार की मुलाकात के मायने

November 28, 2025

Leave A Reply Cancel Reply

टॉप ख़बरें

Vishwanath Sachdev: यूं ही कोई विश्वनाथ, सचदेव नहीं हो जाता…!

November 30, 2025

सिनेमा से गायब राजमहल और राजा-रानी

October 28, 2023

फिर जनम लेने जयपुर आ जाना इरफान!

October 28, 2023

पाप के पुरुषार्थ का रंगमंच बना सोशल मीडिया !

December 26, 2023
यह भी देखें
देश-प्रदेश
8 Mins Read

Rajasthan CM: भारी पड़ते भजनलाल और रफ्तार पकड़ता राजस्थान

By Editorial TeamMarch 16, 2025

भजनलाल शर्मा ने सियासत के शिखर की राह पकड़ ली हैं। ताकत के तेवर तीखे…

India Pakistan War: भरोसे के लायक नहीं है पाकिस्तान, घटिया हरकतों से साबित

May 11, 2025

Rajasthan: ‘म्हैं थां सूं दूर नहीं…’ पायलट को मारवाड़ी में बोलना पड़ा, यही अशोक गहलोत का जादू!

December 29, 2023

Ram Mandir Advani: देश का सपना पूरा करने पर पीएम मोदी को लेख में दी आडवाणी ने बधाई

January 19, 2024
हमें फॉलो करें
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
About Us
About Us

‘प्राइम टाइम’ की शुरुआत पर कोई बड़ी बात नहीं, मगर यह कहना जरूरी है कि इसके उद्भव के लिए हमें एक बड़ी मजबूरी में सोचना पड़ा। मजबूरी यही कि हमारे हिंदुस्तान में वास्तविक अर्थों में जैसी होनी चाहिए, वैसी पत्रकारिता का मार्ग तेजी से सिकुड़ रहा है।

Contact Us:-
Mobile:- +91-9821226894
Email:- contact@primetimebharat.com

Facebook X (Twitter) Pinterest YouTube WhatsApp
Pages
  • About us
  • Our Team
  • Contact Us
  • Cookies Policy
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
लेटेस्ट ख़बरें

Vishwanath Sachdev: यूं ही कोई विश्वनाथ, सचदेव नहीं हो जाता…!

November 30, 2025

Rajasthan: दो नेताओं की सजह मुलाकात या अगले प्रदेश अध्यक्ष की तैयारी ?

November 29, 2025

Akshay Kumar: राजस्थान में फिल्म विकास पर मुख्यमंत्री से अक्षय कुमार की मुलाकात के मायने

November 28, 2025
© 2025 Prime Time Bharat | All Rights Reserved |

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.