Close Menu
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Facebook X (Twitter) Instagram
ट्रेंडिंग:
  • BJP Nitin Nabin: बीजेपी ने फिर चौंकाया… राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन !
  • Rajasthan: विकास और निवेश का नया अध्याय लिखता राजस्थान
  • Putin: मोदी से पुतिन की ऐतिहासिक मुलाकात और वैश्विक मंच पर भारत के लाभ
  • IndiGo: हवाई सेवाओं से हाहाकार, मगर कर क्या रही सरकार?
  • Bhajanlal Sharma: बीजेपी की सीएम प्रयोगशाला के सफल प्रोडक्ट साबित होते भजनलाल
  • Vishwanath Sachdev: यूं ही कोई विश्वनाथ, सचदेव नहीं हो जाता…!
  • Rajasthan: दो नेताओं की सजह मुलाकात या अगले प्रदेश अध्यक्ष की तैयारी ?
  • Akshay Kumar: राजस्थान में फिल्म विकास पर मुख्यमंत्री से अक्षय कुमार की मुलाकात के मायने
16th December, Tuesday, 8:08 PM
Facebook X (Twitter) Instagram
Prime Time BharatPrime Time Bharat
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Prime Time BharatPrime Time Bharat
Home»Blog»Happy Diwali : अब सिर्फ धंधा है दीपावली!
Blog 5 Mins Read

Happy Diwali : अब सिर्फ धंधा है दीपावली!

Prime Time BharatBy Prime Time BharatNovember 11, 2023No Comments
WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Reddit Tumblr Email
Happy Diwali
Happy Diwali
Share
WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

Happy Diwali : किसी जमाने में भले ही दीपावली (Diwali) शुद्ध रूप से धार्मिक उत्सव होता रहा होगा, लेकिन जब से अपन समझदार हुए हैं, आज तक अपनी समझ में तो यह बिल्कुल नहीं आया कि दीपावली (Diwali) व्यापार का त्यौहार है या त्यौहार का व्यापार (Business)। बाजारों में जिस तरह से लोग उमड़ पड़ रहे हैं, बाजार सज रहे हैं और धंधों की धमक बढ़ती जा रही है, उसे देखकर तो कतई नहीं लगता कि यह हमारी धार्मिक आस्था से जुड़ा पर्व है।

कहीं भी जाइए, दीपावली (Diwali) पर केवल व्यापार की बातें ही सुनने को मिलती हैं। जबकि बचपन में सुनते रहे थे कि दीपावली (Diwali) भगवान राम (Ram) के घर आगमन का उत्सव है और भगवान महावीर (Mahaveer) के निर्वाण का महापर्व है। उसी दौर में बाजारों में जिस तरह का माहौल देखने को मिलता था, हम देखते थे कि दीपावली (Diwali) हर तरफ रोशनी का त्यौहार है। जबकि आज तो साफ तौर पर लगता है कि यह तो शुद्ध रूप से धंधे की धमक, चेहरों की चमक और व्यापार (Business) की दमक का पर्व है। क्योंकि सुन रहे हैं कि 2023 की इस दीपावली पर देश के सारे बाजारों में लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये का व्यापार (Business) होने की संभावना है।

Happy Diwali
जयपुर की दीपावलीः जगमगाता बापू बाजार

दीपावली के सांस्कृतिक महत्व और जीवन में घुस गए धंधे के बीचत सबसे बड़ा सवाल केवल यही है कि दीपावली (Diwali) का जो वास्तविक संदेश है कि मन के अंधेरे को समाप्त करके जीवन को चमकाना है, तो क्या हम कभी अपने अंधेरों से मुक्त हो पायेंगे और क्या कभी दूसरों के तो छोड़िये, खुद के जीवन में भी उजाले को स्थापित कर सकेंगे?

दीपावली दरअसल हमारी संस्कृति व सभ्यता का उत्सव रहा है, लेकिन आज की दीपावली (Diwali) में न तो कहीं संस्कृति दिखती है न ही सभ्यता का दर्शन होता है। हम मानते तो हैं कि भारत में दीपावली (Diwali) को सबसे बड़े त्यौहार के रूप में देखा जाता है और दीपावली (Diwali) एवं उससे जुड़े साथ के अन्य त्यौहारों की लंबी श्रृंखला को ज़ोर-शोर से मनाने के लिए लोग बेहद उत्साहित भी रहते हैं। मगर, हम अगर अपने चारों तरफ देखें तो लगता है कि हम से तो कई गुना अधिक हमारे आस पास के व्यापारी दीपावली (Diwali) को लेकर सबसे ज्यादा उत्साहित नजर आते हैं। क्योंकि हर व्यक्ति दीपावली के मौके को अपने धंधे (Business) की धमक बढ़ाने और जेब भरने की जुगत में जुटा रहता है।

बाजारों में देखा जा सकता है कि व्यापारियों ने बड़े पैमाने पर ग्राहकों की मांग एवं पसंद को पूरा करने के लिए दीपावली (Diwali) के मौके पर व्यापक तैयारियां कर रखी है। ऐसा लगता है जैसे दीपावली केवल धंधे (Business) को चमकाने का पर्व है। जबकि वास्तव में तो दीपावली (Diwali) हमारे जीवन में उजाला करने का पर्व है, रिश्तों को सहेजने और संबंधों में सुधार का पर्व है।

Jaipur KesarGarh Diwali
जयपुर की दीपावलीः जगमगाता केसरगढ़

Happy Diwali : भगवान महावीर के निर्वाण के महापर्व दीपावली

ये जो हम भगवान महावीर (Mahaveer) के निर्वाण के महापर्व दीपावली (Diwali) को भूलकर और भगवान राम (Ram) के लंका में रावण को मारकर वापस अपने घर लौटने की खुशी को एक तरफ रखकर सिर्फ खरीदने और बेचने (Business) को ही केवल दीपावली (Diwali) मान बैठे हैं न, वही हमारी सबसे बड़ी भूल है। दरअसल, अपने समय को हम कैसे समझते हैं, कैसे सहते और कैसे उस बदलते वक्त के गुलाम बन जाते हैं, दीपावली (Diwali) का यह बदलता स्वरूप या हमारे जीवन व्यवहार में परिवर्तित होता दीपावली का महत्व  उसी का प्रखर पहलू हैं। सही मायने में देखें, तो हम पथभ्रष्ट होते जा रहे हैं।

हमने जाना था कि भगवान महावीर (Mahaveer) कार्तिक महीने की अमावस्या को निर्वाण को प्राप्त हुए थे, तथा उनके निर्वाण प्राप्ति पर घर घर दीये जलाकर रोशनी करके लोगों ने उत्सव मनाया था। भगवान राम (Ram) इसी दिन लंका विजय करके अयोध्या लौटे, तो लोगों ने घी के दीये जलाकर पूरी अयोध्या नगरी को उजाले से भर दिया था। तो इस तरह से हमारी सभ्यता पर  हमारे इतिहास के अनुसरण के तहत हम दीपावली (Diwali) मनाते रहे हैं। मगर, बीते कुछ दशकों में हम लगातार अपनी परंपरा से विमुख होकर अपने समय को हमारी पुरातन परंपरा से निरंतर या अलग देख रहे हैं।

माना कि जीवन पर अर्थ का दबाव होता है, और हम लोग अनेक क़िस्म के आर्थिक दबावों में जीने से निजात पाने की कोशिश में अधिक से अधिक धन कमाना (Business) चाहते हैं। इसीलिए हम सबके मन में उत्सव के आदर्श समय की अवधारणा अनिवार्यतः होने के बावजूद हम उसमें भी कमाई के अवसर (Business) तलाशने लग जाते हैं। मगर, जीवन की जरूरतों को पूरा करने की कोशिश में हमने दीपावली (Diwali) के पवित्र उजाले को भी धंधा (Business) बना दिया, यह ठीक तो नहीं है। फिर भी अगर आपको उचित लगता है, तो वक्त मिले, तो जरा इस पर भी जरूर सोचना।

-निरंजन परिहार

 

 

 

 

Happy Diwali अब सिर्फ धंधा है दीपावली!
Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram Email
Prime Time Bharat

Related Posts

Rajasthan Congress: बहुत कुछ ठीक करना होगा कांग्रेस को अपने घर में

November 27, 2025

Dharmendra: संसद में रहे फिर भी सियासत रास नहीं आई धर्मेंद्र को

November 11, 2025

Sulakshana Pandit: सांस्कृतिक अवचेतन की शांत, आहत और सुरीली पंक्ति थीं सुलक्षणा पंडित

November 7, 2025

Leave A Reply Cancel Reply

टॉप ख़बरें

BJP Nitin Nabin: बीजेपी ने फिर चौंकाया… राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन !

December 14, 2025

सिनेमा से गायब राजमहल और राजा-रानी

October 28, 2023

फिर जनम लेने जयपुर आ जाना इरफान!

October 28, 2023

पाप के पुरुषार्थ का रंगमंच बना सोशल मीडिया !

December 26, 2023
यह भी देखें
देश-प्रदेश
3 Mins Read

Srikaranpur Assembly Elections: बिना लड़े ही मंत्री बनकर भी हार गया बीजेपी नेता, अब इस्तीफा देना पड़ेगा

By Prime Time BharatJanuary 9, 2024

Srikaranpur Assembly Elections: राजस्थान के श्रीकरणपुर (Srikaranpur) विधानसभा सीट पर हुए चुनाव में वहां की…

Ratan Tata: करोड़ों दिलों पर राज करने वाले रतन टाटा संसार से जाने के बाद भी प्रेरक बने रहेंगे

October 10, 2024

सोनिया गांधी ही कांग्रेस में एकता की मजबूत डोर

October 20, 2023

Govind Dingh Dotasara: राजस्थान को अपने गमछे से नचाते कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा

October 29, 2024
हमें फॉलो करें
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
About Us
About Us

‘प्राइम टाइम’ की शुरुआत पर कोई बड़ी बात नहीं, मगर यह कहना जरूरी है कि इसके उद्भव के लिए हमें एक बड़ी मजबूरी में सोचना पड़ा। मजबूरी यही कि हमारे हिंदुस्तान में वास्तविक अर्थों में जैसी होनी चाहिए, वैसी पत्रकारिता का मार्ग तेजी से सिकुड़ रहा है।

Contact Us:-
Mobile:- +91-9821226894
Email:- contact@primetimebharat.com

Facebook X (Twitter) Pinterest YouTube WhatsApp
Pages
  • About us
  • Our Team
  • Contact Us
  • Cookies Policy
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
लेटेस्ट ख़बरें

BJP Nitin Nabin: बीजेपी ने फिर चौंकाया… राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन !

December 14, 2025

Rajasthan: विकास और निवेश का नया अध्याय लिखता राजस्थान

December 9, 2025

Putin: मोदी से पुतिन की ऐतिहासिक मुलाकात और वैश्विक मंच पर भारत के लाभ

December 6, 2025
© 2025 Prime Time Bharat | All Rights Reserved |

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.