Marwar: राजस्थान के मारवाड़ (Marwar) इलाके का प्रमुख जोधपुर (Jodhpur) एयरपोर्ट पर एक महीने का अचानक बंदी ने हजारों यात्रियों को परेशान कर दिया है। जोधपुर (Airport) में रोजाना औसतन 5,000 से अधिक यात्री उड़ान भरते या उतरते रहे हैं, लेकिन अब न कोई फ्लाइट लैंड हो रही है और न ही टेकऑफ। रनवे पर रखरखाव कार्य के कारण यह व्यवधान हुआ है, जिससे पूरे मारवाड़ क्षेत्र के लोग मुश्किल में फंस गए हैं। न तो कोई अतिरिक्त ट्रेन सुविधा शुरू की गई है और न ही राज्य या केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस सहायता पैकेज।रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मारवाड़ के हैं, लेकिन नई ट्रेनें न चलाने से विवाह के सीजन और गर्मी की छुट्टियों के बीच जोधपुर सिविल एयरपोर्ट पर यह बंदी यात्रियों के लिए दोहरी मार साबित हो रही है।

वैकल्पिक यात्रा साधनों की कमी, रेल पर दबाव
मारवाड़ क्षेत्र के जोधपुर, नागौर, जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, पाली, जालोर और सिरोही जिलों के लाखों लोग अहमदाबाद, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई और बैंगलुरू जैसे महानगरों में नौकरी या व्यापार करते हैं। एयरपोर्ट बंदी के बीच वैकल्पिक साधनों का अभाव यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। सड़क मार्ग से मुंबई लगभग 1000 किलोमीटर और बैंगलुरू लगभग 1800 किलोमीटर दूर पहुंचने में 18 से 36 घंटे लगते हैं, जो यात्रियों और परिवारों के लिए बेहद असंभव सा है। ऐसे में रेलवे ही एकमात्र व्यवहार्य विकल्प बचता है, लेकिन जोधपुर रूट पर पहले से ही ओवरबुकिंग चलती रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मूल रूप से जोधपुर के ही हैं, इसलिए स्थानीय रेल यात्री संगठनों ने उनसे विशेष अपील की राजस्थान मीटरगेज प्रवासी संघ ने मांग की है कि मुंबई, अहमदाबाद, बैंगलुरू और दिल्ली के लिए 4-5 नई स्पेशल ट्रेनें तत्काल चलाई जाएं। विवाह सीजन में लोगों का अपने गांव आना-जाना और अप्रैल की गर्मी में छुट्टियों का सफर विमान सेवा बंद होने के हालात में केवल रेल पर निर्भर है। लेकिन रेलवे ने अभी तक कोई घोषणा नहीं की।
मारवाड़ के सांसदों से भी मांग, लेकिन राहत कब?
प्रवासी संघ ने इस मामले में मारवाड़ इलाके के सभी सांसदों, केंद्रीय पर्यटन मंत्री व जोधपुर के सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत सहित लोकसभा सदस्य पीपी चौधरी (पाली) लुंबाराम चौधरी (जालोर), उम्मेदाराम बेनीवाल (बाड़मेर), हनुमान बेनीवाल (नागौर) एवं राज्यसभा सदस्य नीरज डांगी, राजेंद्र गहलोत एवं मदन राठोड़ से मांग की है कि वे भी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से जोधपुर – मुंबई और जोधपुर – बैंगलुरू के बीच दैनिक नई ट्रेनें शुरू करने की मांग करें, जिससे मारवाड़ के लोगों को सुविधा हो सके। उल्लेखनीय है कि रेल मंत्री स्वयं मारवाड़ के हैं, और सभी को उम्मीद है कि वे मारवाड़ के लाखों लोगों की इस तकलीफ की तरफ जरूर ध्यान देंगे। राजस्थान मीटरगेज प्रवासी संघ के अध्यक्ष विमल रांका ने कहा है कि – जोधपुर एयरपोर्ट बंदी से लाखों मारवाड़ी प्रभावित हैं, रेलवे को विशेष ट्रेनें चलानी चाहिए। प्रवासी संघ ने एयरपोर्ट बंद होने को यात्रियों के साथ अन्याय बताते हुए रेल मंत्रालय से तत्काल नई ट्रेनें चलाने की मांग की है। उम्मीद है कि रेल मंत्री के स्तर पर जल्द ठोस कदम उठेंगे, वरना यात्रियों की बेचैनी और बढ़ेगी।

एयरपोर्ट बंद होने की अवधि, कारण और प्रभाव
अगले पूरे एक महीने तक, यानी अप्रैल महीने के अंत तक जोधपुर एयरपोर्ट बंद रहेगा। 29 मार्च 2026 की शाम 6.30 बजे यहां से एक यात्री विमान ने आखरी उड़ान भरी। यह बंदी रनवे की मरम्मत और पुनर्विकास के लिए आवश्यक होने पर की जा रही है। रनवे पर दरारें और तकनीकी खामियां सामने आई हैं, जिसके कारण सुरक्षा मानकों के तहत यह कदम उठाया गया। रोजाना यहां 14 से 16 उड़ानें लैंड और टेकऑफ करती थीं, जिनमें इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (दिल्ली), मुंबई, अहमदाबाद, जयपुर, बैंगलुरू, हैदराबाद और चेन्नई जैसे प्रमुख शहर शामिल थे। इंडिगो, स्पाइसजेट और एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस की सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। जोधपुर राजस्थान का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र है, जहां मेहरानगढ़ किला, उम्मेद भवन पैलेस और जैसलमेर रोड जैसे आकर्षण लाखों पर्यटकों को खींचते हैं। हनीमून कपल्स, विदेशी सैलानी और पारंपरिक मेले-त्योहारों के कारण सालाना करोड़ों रुपये का पर्यटन कारोबार होता है। एयरपोर्ट बंद होने से होटल व्यवसाय, टैक्सी सर्विस और लोकल गाइड्स सब प्रभावित हैं। पिछले महीने ही 1.5 लाख से अधिक यात्री ट्रांजिट हुए थे, अब वे जयपुर या उदयपुर जैसे वैकल्पिक एयरपोर्ट्स पर शिफ्ट हो रहे हैं, जो 250-300 किलोमीटर दूर हैं।
– राकेश दुबे
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