Hanuman Ansh Box Office Collection: फिल्म ‘हनुमान अंश’ (Hanuman Ansh) की बॉक्स ऑफिस (Box Office) सफलता इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। बेहद कम बजट में बनी इस फिल्म ने अपनी रिलीज के शुरुआती दौर में भले ही धीमी शुरुआत की, लेकिन बाद में दर्शकों के बीच ऐसी पकड़ बनाई कि फिल्म की कमाई लगातार बढ़ती चली गई। आध्यात्मिक गुरू नीम करोली बाबा (Neem Karoli Baba) के जीवन पर करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (Hanuman Ansh Box Office Collection) अब इंडस्ट्री के लिए एक दिलचस्प उदाहरण बन गया है। उपलब्ध बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ‘हनुमान अंश’ (Hanuman Ansh Movie) ने 25 दिनों में भारत में करीब 45 करोड़ रुपये से ज्यादा का नेट कलेक्शन कर लिया, जबकि हनुमान अंश का वर्ल्डवाइड कारोबार 50 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। यानी फिल्म ने अपने शुरुआती बजट की तुलना में कई गुना ज्यादा कारोबार करके हिंदी सिनेमा बॉक्स ऑफिस (Hindi Movie Box Office) सफलता का कीर्तिमान (Hanuman Ansh Success) स्थापित किया है।
बजट केवल 2 करोड़, मगर शानदार कारोबार
‘हनुमान अंश’ की सबसे खास बात इसका कम बजट है। जहां आज बड़े सितारों वाली फिल्मों का बजट सैकड़ों करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है, वहीं इस फिल्म को सीमित संसाधनों के साथ बनाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म का बजट करीब 2 करोड़ रुपये बताया गया है। फिल्म की शुरुआत हालांकि बहुत बड़ी नहीं रही। रिलीज के पहले दिन फिल्म ने करीब 10 लाख रुपये का कारोबार किया। शुरुआती दिनों में भी कमाई की रफ्तार धीमी रही। ऐसे में बॉक्स ऑफिस पर फिल्म के भविष्य को लेकर ज्यादा उम्मीदें नजर नहीं आ रही थीं। लेकिन दूसरे सप्ताह के बाद तस्वीर बदलने लगी। दर्शकों के बीच फिल्म की चर्चा बढ़ी और तीसरे सप्ताह में फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसी रफ्तार पकड़ी, जिसने फिल्म से जुड़े लोगों को भी हैरान कर दिया। फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने हनुमान अंश की सफलता को लगभग चमत्कार की तरह माना है। उन्होंने हैरानी जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर फिल्म को लेकर लिखा कि थिएटर में फिल्म देखते हुए शुद्ध सिनेमाई जादू का अनुभव किया।

‘हनुमान अंश’ की सफलता की असली वजह
नीम करोली बाबा का सबसे मुख्य आश्रम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भवाली के पास स्थित है। इस आश्रम की स्थापना स्वयं बाबा नीम करोली ने 15 जून 1064 को की थी, और यह स्थल देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था और असीम शांति का केंद्र है। उन्हीं नीन करोली बाबा पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता को सिर्फ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के नजरिये से देखना इस फिल्म की कहानी को छोटा कर देना होगा। इसकी असली ताकत दर्शकों का वर्ड ऑफ माउथ प्रचार रहा है। फिल्म के बारे में जिन दर्शकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, उन्होंने अपने परिवार और परिचितों को फिल्म देखने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे यही चर्चा सोशल मीडिया और दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंची और फिल्म को अतिरिक्त दर्शक मिलने लगे। यह उस दौर में खास महत्व रखता है जब बड़ी फिल्मों के प्रमोशन पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। ‘हनुमान अंश’ ने दिखाया कि यदि किसी फिल्म की कहानी दर्शकों को भावनात्मक रूप से प्रभावित करती है तो उसका प्रचार दर्शक खुद भी कर सकते हैं।
नीम करोली बाबा की कहानी फिल्म की ताकत
‘हनुमान अंश’ की कहानी नीम करोली बाबा के जीवन और आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित बताई गई है। फिल्म का विषय इसकी सफलता का एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। नीम करोली बाबा का नाम भारत के अलावा विदेशों में भी आध्यात्मिकता और भक्ति से जुड़े लोगों के बीच जाना जाता है। ऐसे में उनसे जुड़ी कहानी ने एक ऐसे दर्शक वर्ग को आकर्षित किया, जो धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर आधारित फिल्मों में रुचि रखता है। फिल्म ने आस्था, विश्वास और जीवन के संघर्ष को एक साथ जोड़ने की कोशिश की है। यही भावनात्मक जुड़ाव दर्शकों को फिल्म से जोड़ने में कामयाब रहा। विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म की कहानी लिखी और उन्होने ही इस फिल्म को निर्देशित किया है। बॉलीवुड की नस नस जानने वाले जाने माने पत्रकार चंद्रकांत शिंदे कहते हैं कि ‘हनुमान अंश’ की सफलता ने सिनेमाई गणित का हिसाब किताब लगाने वालों के होश उड़ा दिए हैं।
पहले धीमी कमाई, फिर अचामक आया बदलाव
‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस सफर इस वजह से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि फिल्म ने शुरुआती दिनों में कोई बड़ा कलेक्शन नहीं किया था। आमतौर पर हिंदी फिल्मों के लिए पहला वीकेंड और पहला सप्ताह काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन इस फिल्म ने उस स्थापित बॉक्स ऑफिस धारणा को चुनौती दी। पहले दो सप्ताह की धीमी रफ्तार के बाद तीसरे सप्ताह में दर्शकों की संख्या बढ़ी और फिल्म के शो भी बढ़ाए गए। यह बदलाव बताता है कि हर फिल्म का बॉक्स ऑफिस भविष्य केवल शुरुआती तीन-चार दिनों से तय नहीं किया जा सकता। मजबूत कंटेंट और सकारात्मक दर्शक प्रतिक्रिया किसी फिल्म को लंबे समय तक सिनेमाघरों में टिकाए रख सकती है।

बॉलीवुड के लिए ‘हनुमान अंश’ का क्या संदेश?
‘हनुमान अंश’ की सफलता बॉलीवुड के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत भी है। इसका अर्थ यह नहीं है कि अब हर कम बजट की फिल्म करोड़ों का कारोबार करने लगेगी या बड़े बजट और सितारों की जरूरत खत्म हो जाएगी। लेकिन यह जरूर साबित हुआ है कि कंटेंट और दर्शकों के साथ भावनात्मक जुड़ाव अभी भी बॉक्स ऑफिस की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। बड़े स्टार फिल्म की शुरुआत को मजबूत कर सकते हैं। बड़ा बजट फिल्म को भव्य बना सकता है। करोड़ों रुपये का प्रचार फिल्म को दर्शकों तक पहुंचा सकता है। लेकिन फिल्म को लंबे समय तक चलाने के लिए दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया सबसे महत्वपूर्ण होती है। ‘हनुमान अंश’ ने इसी समीकरण को अपने तरीके से साबित किया है।
ये बड़ी सफलता कमाई के साथ संकेत भी
‘हनुमान अंश’ की सफलता इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसने कम बजट, सीमित प्रचार और अपेक्षाकृत छोटे स्तर की शुरुआत के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर बड़ी छलांग लगाई। फिल्म की कहानी, आध्यात्मिक विषय, दर्शकों का विश्वास और सोशल मीडिया के जरिए बढ़ी चर्चा ने मिलकर ऐसा माहौल बनाया, जिसने फिल्म की कमाई को लगातार आगे बढ़ाया। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ‘हनुमान अंश’ बॉलीवुड के बदलते दर्शक रुझान का संकेत है? इसका जवाब आने वाले समय में दूसरी फिल्मों की सफलता से मिलेगा। लेकिन फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि करीब 2 करोड़ रुपये के बजट से शुरू हुई ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी लागत से कई गुना ज्यादा कमाई कर यह साबित कर दिया है कि बड़ी फिल्म बनाने से ज्यादा जरूरी है ऐसी फिल्म बनाना, जिसे दर्शक बड़ा बना दें।
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आकांक्षा कुमारी
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