Close Menu
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Facebook X (Twitter) Instagram
ट्रेंडिंग:
  • Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!
  • Congress: राहुल गांधी नई पीढ़ी पर भरोसा करे और कांग्रेस को मजबूत करे, लेकिन…!
  • Rajya Sabha Election: निर्विवाद और संयमित नेता नीरज डांगी के राज्यसभा में होने के अर्थ
  • Narendra Modi: क्या पीएम मोदी सचमुच गद्दार और राहुल गांधी की बदजुबानी सही…?
  • Drugs: समूचे राजस्थान पर ड्रग्ज का शिकंजा, गांव – गांव में धमकता नशे का कारोबार
  • Bhairon Singh Shekhawat: शेखावत जैसा फिर कोई इस संसार में जन्मे तो बताना…
  • Bhairon Singh Shekhawat: वह रात केवल भैरोंसिंह शेखावत गिरफ्तारी की कहानी नहीं थी…
  • Gold Import Duty: पीएम मोदी की अपील के तत्काल बाद इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ी, गोल्ड और महंगा
2nd June, Tuesday, 1:33 AM
Facebook X (Twitter) Instagram
Prime Time BharatPrime Time Bharat
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Prime Time BharatPrime Time Bharat
Home»सत्ता- सियासत»Rajasthan Election : …तो रिवाज बदलने में कामयाब हो जाएंगे गहलोत!
सत्ता- सियासत 5 Mins Read

Rajasthan Election : …तो रिवाज बदलने में कामयाब हो जाएंगे गहलोत!

Prime Time BharatBy Prime Time BharatDecember 2, 2023No Comments
WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Reddit Tumblr Email
Rajasthan Election
Rajasthan Election
Share
WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

Rajasthan Election: मतदाताओं की मर्जी से राजस्थान (Rajasthan) में भले ही हर पांच साल में सरकारें बदलती रही है, लेकिन सरकार बनाने की चाबी अक्सर निर्दलीय और छोटे दलों के पास रही है। फिर इन निर्दलीयों और छोटे दलों में खास बात यह देखने को मिली है कि उनको किसी भी राजनीतिक दल के बजाय उसके नेता पर ज्यादा भरोसा होता है। ऐसे में निर्दलीयों के लिए कांग्रेस (Congress) के दिग्गज नेता और वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (AshokGehlot) सबसे भरोसेमंद नेता कहे जा सकते हैं, क्योंकि उनकी सरकार में हर बार निर्दलीयों को पूरा सम्मान मिला है, तथा सत्ता का सुख भी हर तरह से मिला है। फिर, बीजेपी (BJP) में कोई भी नेता ऐसा नहीं है, जिसकी बात पर व्यक्तिगत रूप से भरोसा करके निर्दलीय उसे समर्थन दे दे एवं किसी भी निर्दलीय अथवा छोटी पार्टी को यह पक्का भरोसा नहीं है कि बीजेपी (BJP) को समर्थन देने पर उन्हें वही सम्मान मिलेगा, जो गहलोत के राज में निर्दलीयों व छोटी पार्टियों को मिलता रहा है। फिर बीजेपी (BJP) अपने दम पर सत्ता में आती रही है, तथा उसे निर्दलीयों और छोटे दलों तक पहुंचने की जरूरत नहीं पड़ी। तस्वीर साफ है कि नतीजे अगर कांग्रेस (Congress) के पूरी तरह से पक्ष में नहीं भी रहे और कुछ सीटें कम भी रहीं, तो गहलोत राजस्थान का राजनीतिक रिवाज बदलने में कामयाब हो सकते हैं।

snapedit 1701193551294
अशोक गहलोत: कांग्रेस को फिर चुनाव जितवाने की कोशिश में चुनाव प्रचार के दौरान

गहलोत के राज में निर्दलीयों को सत्ता में पूरा सम्मान

ऐसे में क्या कांग्रेस, क्या बीजेपी (BJP) और क्या आरएलपी, राजस्थान (Rajasthan) में हर पार्टी के नेताओं को भरोसा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (AshokGehlot) और उनकी कांग्रेस (Congress) को अगर बहुमत के नजदीक भी पहुंचने का मौका मिला, या सरकार बनाने के आंकड़े में कुछ ही सीटें कम भी पड़ीं, तो बीजेपी (BJP) को पछाड़ते हुए जुगाड़ के जरिए फिर से कांग्रेस (Congress) की सरकार बनाने से गहलोत नहीं चूकेंगे। राजस्थान की राजनीति के जानकार निरंजन परिहार कहते हैं कि अशोक गहलोत (AshokGehlot) में भरोसा जीतने की ताकत है और निर्दलीय के नाते विधायक उन पर भरोसा कर सकते हैं, क्योंकि राजस्थान (Rajasthan) में वर्तमान सरकार में गहलोत के राज में निर्दलीयों को सत्ता में पूरा सम्मान गहलोत ने देकर यह साबित भी किया है। परिहार कहते हैं कि राजस्थान की चुनावी जंग में कांग्रेस अगर बहुमत के आंकड़े के आस पास भी पहुंची, तो अशोक गहलोत कांग्रेस (Congress) की सरकार बना सकते हैं तथा राजस्थान में हर पांच साल में सत्ता पलटने का रिवाज में बदलने में भी कामयाब हो जाएंगे।

जुगाड़ की जुगत में सबका ध्यान नए समीकरण पर

राजस्थान (Rajasthan) सहित पूरे देश की नजरें 3 दिसंबर को आने वाले नतीजों पर हैं, क्योंकि प्रदेश में बीते 25 नवंबर को मतदान संपन्न हो चुका है। हर किसी को चुनाव के नतीजों का इंतजार है। मतगणना से पहले हर सीट के गणित का हिसाब किताब लगाया जा रहा है। कौन कहां हार रहा है और कौन किस तरह से जीत रहा है। इस गणित में खास बात यह है कि राजस्थान (Rajasthan) में किस सीट पर कौन सा निर्दलीय या छोटी पार्टी का नेता जीत रहा है, उससे अभी से संपर्क बनाने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि जुगाड़ की सरकार बनी, तो ये लोग ही काम आने हैं।

Independents

बड़े दल निर्दलीयों से संपर्क साधने की कोशिश में

राजनीति का नियम है कि सत्ता के साथ निर्दलीय चलते हैं। फिर, राजस्थान (Rajasthan) में यह देखने में आया है कि भले ही निर्दलीय कांग्रेस पर भरोसा करें न करें, अशोक गहलोत (AshokGehlot) पर पूरा भरोसा करते रहे सकते हैं। गहलोत अपनी पिछली दो सरकारों में छोटी पार्टियों न निर्दलीयों के साथ राजस्थान (Rajasthan) में सरकार चला चुके हैं एवं उनका भरोसा जीते चुके हैं। प्रदेश में नतीजों के साथ ही जैसे ही यह पता चल जाएगा कि सत्ता की कमान किस पार्टी के हाथ में जा सकती है, तो निर्दलीयों का झुकाव उसकी तरफ होगा, मगर  इसके साथ ही अब अपनी राजस्थान (Rajasthan) में जीत पक्की करने के लिए बड़े राजनीतिक दल निर्दलीयों से संपर्क साधने की कोशिश में लग गए है।

संभावित विजयी निर्दलीयों से संपर्क साधने की जुगत

चुनाव जीतने की स्थिति में जो निर्दलीय वर्तमान में दिखाई दे रहे हैं, राजनीतिक विश्लेषक परिहार बताते हैं किराजस्थान (Rajasthan) में  बीजेपी और कांग्रेस समेत (Congress) अन्य छोटे दल भी उनसे संपर्क साधने की कोशिश कर रहे है। इधर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (AshokGehlot) ने बड़ा बयान दिया है, कि सत्ता में कांग्रेस (Congress) ही फिर से आ रही है और उन्होंने यह भी कहा है कि अगर कोई भी पार्टी अगर किसी निर्दलीय नेता से संपर्क करती भी है, तो वह किसी को भी क्यों बताएगी? मुख्यमंत्री गहलोत ने यह भी कहा है कि जीतने वाले नेता और सत्ता में आने वाले दल का तो एक स्वाभाविक संबंध होता है। इसके साथ ही गहलोत का यह भी दावा है कि राजस्थान (Rajasthan) में कांग्रेस की सरकार के खिलाफ कोई एंटी इन्कम्बेंसी नहीं है।

बहुमत से दूरी पर निर्दलीय और छोटे दलों का साथ जरूरी

मुख्यमंत्री गहलोत की बात को सही बताते हुए राजनीतिक विश्लेषक निरंजन परिहार कहते हैं कि वे देश के विभिन्न प्रदेशों में जाते रहे हैं, मगर राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (AshokGehlot) जैसी लोकप्रियता किसी भी और मुख्यमंत्री की नहीं दिखती। ऐसे में इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि कांग्रेस को उम्मीद है कि वह फिर से सत्ता में आ सकती है। मगर, बहुमत से थोड़ी ही दूर रही, तो कांग्रेस (Congress) की सरकार बनाने में अशोक गहलोत (AshokGehlot) कामयाब हो सकते हैं, निर्णायक जीत हासिल करने में विफल रहने के बाद, निर्दलीय और छोटे दलों के पास अक्सर सरकार बनाने की कुंजी होती है, खासकर जब भी राजस्थान (Rajasthan) में कांग्रेस (Congress) सत्ता में आई है, तो वे साथ रहे हैं। इस, बार भी ऐसा ही हो सकता है।

-राकेश दुबे

Rajasthan Election: सवाल शाम के भोजन का है!  

 

AshokGehlot BJP Congress Rajasthan Rajasthan Assembly Election Rajasthan Election Rajasthan Politics
Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram Email
Prime Time Bharat

Related Posts

Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!

May 27, 2026

Congress: राहुल गांधी नई पीढ़ी पर भरोसा करे और कांग्रेस को मजबूत करे, लेकिन…!

May 25, 2026

Rajya Sabha Election: निर्विवाद और संयमित नेता नीरज डांगी के राज्यसभा में होने के अर्थ

May 25, 2026

Leave A Reply Cancel Reply

टॉप ख़बरें

Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!

May 27, 2026

सिनेमा से गायब राजमहल और राजा-रानी

October 28, 2023

फिर जनम लेने जयपुर आ जाना इरफान!

October 28, 2023

पाप के पुरुषार्थ का रंगमंच बना सोशल मीडिया !

December 26, 2023
यह भी देखें
Blog
10 Mins Read

BJP: नीतिन नबीन के बहाने भाजपा की पॉलिटिकल कैलकुलस के नए डेरिवेटिव का कथानक

By Prime Time BharatApril 28, 2026

BJP: जयपुर में भाजपा (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन (Nitin Nabin) का आना केवल…

Rajasthan News: महात्मा गांधी दुखी हैं कि उनके नाम की स्कूलों को बंद किया जा रहा है

June 8, 2025

Ram Mandir: यही रात अंतिम, यही रात बाकी… सारा देश दमक रहा है रामलला के स्वागत में

January 21, 2024

Rajasthan CM: भारी पड़ते भजनलाल और रफ्तार पकड़ता राजस्थान

March 16, 2025
हमें फॉलो करें
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
About Us
About Us

‘प्राइम टाइम’ की शुरुआत पर कोई बड़ी बात नहीं, मगर यह कहना जरूरी है कि इसके उद्भव के लिए हमें एक बड़ी मजबूरी में सोचना पड़ा। मजबूरी यही कि हमारे हिंदुस्तान में वास्तविक अर्थों में जैसी होनी चाहिए, वैसी पत्रकारिता का मार्ग तेजी से सिकुड़ रहा है।

Contact Us:-
Mobile:- +91-9821226894
Email:- contact@primetimebharat.com

Facebook X (Twitter) Pinterest YouTube WhatsApp
Pages
  • About us
  • Our Team
  • Contact Us
  • Cookies Policy
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
लेटेस्ट ख़बरें

Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!

May 27, 2026

Congress: राहुल गांधी नई पीढ़ी पर भरोसा करे और कांग्रेस को मजबूत करे, लेकिन…!

May 25, 2026

Rajya Sabha Election: निर्विवाद और संयमित नेता नीरज डांगी के राज्यसभा में होने के अर्थ

May 25, 2026
© 2026 Prime Time Bharat | All Rights Reserved |

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.