Close Menu
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Facebook X (Twitter) Instagram
ट्रेंडिंग:
  • Vishwanath Sachdev: यूं ही कोई विश्वनाथ, सचदेव नहीं हो जाता…!
  • Rajasthan: दो नेताओं की सजह मुलाकात या अगले प्रदेश अध्यक्ष की तैयारी ?
  • Akshay Kumar: राजस्थान में फिल्म विकास पर मुख्यमंत्री से अक्षय कुमार की मुलाकात के मायने
  • Rajasthan Congress: बहुत कुछ ठीक करना होगा कांग्रेस को अपने घर में
  • Rajasthan Congress: नए जिलाध्यक्षों पर सवाल, बवाल और कांग्रेस का हाल
  • Dharmendra: जिंदादिल और शायर अभिनेता धर्मेंद्र की खूबसूरती को आखरी सलाम…!
  • Rajasthan: अगली सत्ता के लिए अभी से बीजेपी की रणनीति बनाम कांग्रेस की उलझन
  • Bihar: नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने दसवीं बार, मगर कंधों पर वादों का बहुत सारा भार
30th November, Sunday, 7:45 PM
Facebook X (Twitter) Instagram
Prime Time BharatPrime Time Bharat
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Prime Time BharatPrime Time Bharat
Home»देश-प्रदेश»Mewar: मैं प्रताप का वंशज हूं… फिर राजतिलक में रोड़ा क्यूं, मेवाड़ राजवंश की गरिमा को आंच!
देश-प्रदेश 6 Mins Read

Mewar: मैं प्रताप का वंशज हूं… फिर राजतिलक में रोड़ा क्यूं, मेवाड़ राजवंश की गरिमा को आंच!

Prime Time BharatBy Prime Time BharatNovember 27, 2024No Comments
WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Reddit Tumblr Email
Mewar Rajtilak VishvarajSingh Prime Time Bharat
Mewar-Rajtilak-VishvarajSingh-Prime-Time-Bharat
Share
WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

Mewar: विरासत के विवाद और महलों व किलों की मालिकी की छीना झपटी के लिए चर्चित रहे मेवाड़ राजवंश में 493 साल बाद आज (25 नवंबर) को व‍िश्‍वराज स‍िंह को मेवाड़ की गद्दी पर बैठाने की परंपरा न‍िभाई गई। च‍ित्‍तौड़ किले के फतह प्रकाश महल में व‍िश्‍वराज स‍िंह मेवाड़ (VishwaRaj Singh Mewar) की खून से राजतिलक करके ये रस्‍म पूरी की गई। ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ किले के महल में 25 नवंबर 2024 को पारिवारिक विरोध, कानूनी अड़चनों, टांग खिंचाई और इसी तरह की कई अनहोनी और अप्रयाशित घटनाओं के बीच राजतिलक के दौरान मेवाड़ के नए महाराणा के तौर पर व‍िश्‍वराज स‍िंह को 21 तोपों की सलामी दी गई, चित्तौड़ दुर्ग के सातों दरवाजों पर ढोल-नगाड़ों से मेहमानों का स्वागत हुआ, शहनाईयां बजीं, यज्ञ हुआ, आहुतियां दी गईं। लेकिन मेवाड़ राजवंश पर कानूनी कब्जा रखने वाले अरविंद सिंह मेवाड़ का कहना है कि हमारे पिता महाराणा भगवत सिंह मेवाड़ ने मेरे भाई महेंद्र सिंह मेवाड़ को 40 साल पहले ही प्रॉपर्टी और ट्रस्ट से बेदखल करने की घोषणा कर दी थी, इसलिए  इस रस्म के आयोजन को हमारी स्वीकारोक्ति नहीं है। और इस तरह से, रानी पद्मिनी के जौहर का साक्षी रहा चित्तौड़गढ़ दुर्ग 493 साल बाद एक बार फिर राजतिलक की रस्‍म का तो साक्षी बना ही, उससे जुड़े दुखद पारिवारिक विवाद का भी साक्षी बना। देर रात तक सिटी पैलेस के अंदर से बाहर खड़े लोगों पर पत्थरबाजी के जवाब में बाहर से भी पत्थरबाजी होने और कई लोगों के घायल होने की खबर भी आई। तो,  विश्वराज सिंह को धूणी के दर्शन न करने देने के खिलाफ उनके आधी रात को महल की सड़क पर बैठकर धरना देने की घटना भी मेवाड़ राजघराने की भारी बदनामी का कारण बनी।

Mewar 27112024
Mewar-Parihar-India-Prime-Time-Bharat

Table of Contents

Toggle
  • मेवाड़ राजवंश की 77वीं पीढ़ी के उत्तराधिकारी विश्वराज सिंह
  • मेवाड़ राजवंश में संपत्ति विवाद की अंतर्कथा
  • परिवार के लोगों द्वारा ही विरोध गरिमा के खिलाफ
  • पगड़ी दस्तूर पर ऐतराज उचित नहीं – इतिहासकार
        • -राकेश दुबे

मेवाड़ राजवंश की 77वीं पीढ़ी के उत्तराधिकारी विश्वराज सिंह

वैसे तो सन 1947 में आजादी के साथ ही लोकतंत्र आने के बाद भारत की राजशाही प्रथा समाप्त हो गई, लेकिन आज भी राज परिवारों में प्रतीकात्‍मक तौर पर ही सही, यह रस्‍म परंपरागत तरीकों से न‍िभाई जाती है। भारतीय इतिहास में ‘हिंदुआ सूरज’ के नाम से दर्ज हिंदुत्व के पक्षधर महाराणा प्रताप का मेवाड़ राजवंश चार दशक से संपत्ति के विवाद की नई नई कहानियां कहता रहा है। 493 साल बाद 25 नवंबर 2024 को चित्तौड़गढ़ दुर्ग राजतिलक की रस्‍म का साक्षी बना। मेवाड़ की प्राचीन राजधानी रहे चित्तौड़ दुर्ग पर महाराणा विक्रमादित्य के राजतिलक का 1531 ईस्वी में अंतिम आयोजन हुआ था। इसके बाद मेवाड़ राजवंश के 77वीं पीढ़ी के उत्तराधिकारी विश्वराज सिंह ने महाराणा की उपाधि चित्तौड़ दुर्ग पर धारण की। राजनीतिक विश्लेषक निरंजन परिहार कहते हैं कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि एक गरिमामयी राजवंश में राजतिलक का परंपरागत अनावश्यक आयोजन विवाद की भेंट चढ़ गया। परिहार कहते हैं कि नए ‘महाराणा’ के राजतिलक के बाद धूणी दर्शन की परंपरा है, एवं इसके बाद नए महाराणा को मेवाड़ के आराध्य एकलिंग जी मंदिर में भी दर्शन करने की परंपरा है। लेकिन दोनों पर मेवाड़ राजवंश के ट्रस्ट द्वारा रोक लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

VishwaRaj Mewar MahimaSingh Mewar Prime Time Bharat
VishwaRaj-Mewar-MahimaSingh-Mewar-Prime-Time-Bharat

मेवाड़ राजवंश में संपत्ति विवाद की अंतर्कथा

मेवाड़ राजपरिवार में संपत्ति  विवाद पर राजनीतिक विश्लेषक निरंजन परिहार का कहना है कि मोवाड़ घराना महाराणा प्रताप की गौरवशाली परंपरा का संवाहक रहा है। लेकिन जैसा कि आम तौर पर राजपरिवारों में होता रहा है, मोवाड़ का मामला भी लगभग 40 साल पुराना है। ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर परिहार कहते हैं कि सन 1930 से 1955 तक महाराणा रहे भूपाल सिंह व उनकी पत्नी वीरद कुंवर ने पुत्र नहीं होने की स्थिति में, परिवार के ही एक सदस्य प्रताप सिंह के बेटे भगवत सिंह को गोद लिया। भगवत सिंह के दो बेटे महेंद्र सिंह और अरविंद सिंह के अलावा एक बेटी योगेश्वरी भी हैं। संपत्ति विवाद में महेंद्र सिंह मेवाड़ ने सन 1984 में अपने पिता महाराणा भगवत सिंह मेवाड़ के खिलाफ मुकदमा किया जिससे नाराज होकर उन्होंने अपनी वसीयत में संपत्तियों का एग्जीक्यूटर छोटे बेटे अरविंद सिंह मेवाड़ को बना दिया और महेंद्र सिंह मेवाड़ को प्रॉपर्टी और ट्रस्ट से बेदखल करने की घोषणा कर दी। तभी से मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के बीच सपंत्ति विवाद की कानूनी लड़ाई अब तक लगातार जारी है।

whatsapp image 2024 11 25 at 55556 pm 1732537678
मेवाड़ राजघराने में राजतिलक विवाद पर उदयपुर में सिटी पैलेस के बाहर भीड़ रोकती पुलिस – Prime-Time-Bharat

परिवार के लोगों द्वारा ही विरोध गरिमा के खिलाफ

चित्तौड़गढ़ में मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार सदस्य विश्वराज सिंह मेवाड़ का ‘राजतिलक’ कोई सहज और आसान आयोजन नहीं था। चित्तौड़ दुर्ग पर कार्यक्रम आयोजित करने पर राजवंश के एक परिवार ने पहले तो विरोध दर्ज किया, फिर उदयपुर के सिटी पैलेस में आने पर रोक लगाई गई, पूर्व राजघरानों से आमंत्रित सदस्यों, रिश्तेदारों और गणमान्य लोगों को प्रवेश के लिए प्रशासन के हस्तक्षेप के बावजूद मशक्कत करनी पड़ी। मेवाड़ घराने के विवाद पर राजस्थान के वरिष्ठ पत्रकार एसपी मित्तल कहते हैं कि जिन महाराणा प्रताप ने घास की रोटी खाकर मेवाड़ का मान बढ़ाया, उनके वंशजों का संपत्ति के लिए लेकर लड़ना उचित नहीं हैं। उनका कहना है कि यह दुखद है कि राजघराने में पगड़ी दस्तूर जैसे शोक कार्यक्रम का भी परिवार के सदस्यों द्वारा ही विरोध किये जाने से राज परिवार की बदनामी हो रही है।

F8TT0gLXEAAlMQ8
Udaipur-City-Palace-Prime-Time-Bharat

पगड़ी दस्तूर पर ऐतराज उचित नहीं – इतिहासकार

विश्वराज सिंह मेवाड़ नाथद्वारा से बीजेपी के विधायक है तथा उनकी पत्नी महिमासिंह मेवाड़ राजसमंद की सांसद। सपंत्तियों को लेकर मेवाड़ घराने की जंग के बीच इतिहासकार विक्रम सिंह टापरवाड़ा ने विश्वराज सिंह ने कहा कि पगड़ी दस्तूर एक सामाजिक परंपरा है। महाराणा भगवत सिंह के निधन के बाद विश्वराज सिंह के के पिता महेंद्र सिंह का भी ज्येष्ठ पुत्र होने के नाते पगड़ी दस्तूर भव्य स्तर पर हुआ था। काफी बयानबाजी और विवादों के बाद 25 नवंबर 2024 को जो पगड़ी की रस्म और राजतिलक का आयोजन हुआ, उसमें मेवाड़ कुल की परंपरा के अनुसार सलूंबर के रावत देवव्रत सिंह ने व‍िश्‍वराज स‍िंह के राजतिलक की परंपरा निभाई। इसके बाद उमराव, बत्तीसा, सरदार और सभी समाजों के प्रमुख लोगों ने नजराना किया। कुल देवी बाण माता के दर्शन किए। फिर वे उदयपुर के सिटी पैलेस में धूणी दर्शन करने भी गए, जहां पथराव हुआ औरनए ‘महाराणा’ के राजतिलक के बाद धूणी दर्शन की परंपरा व एकलिंग जी मंदिर के दर्शन से रोके जाने के खिलाफ आधी रात तक पुलिस के पहरे में सिटी पैलेस के दरवाजे खोलने की प्रयास चलता रहा।

-राकेश दुबे

यह भी पढ़ियेः Destination Wedding : राजस्थान अब शाही विवाह आयोजनों का सबसे पसंदीदा प्रदेश

 

Mewar VishwaRaj Singh Mewar
Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram Email
Prime Time Bharat

Related Posts

Vishwanath Sachdev: यूं ही कोई विश्वनाथ, सचदेव नहीं हो जाता…!

November 30, 2025

Rajasthan: दो नेताओं की सजह मुलाकात या अगले प्रदेश अध्यक्ष की तैयारी ?

November 29, 2025

Akshay Kumar: राजस्थान में फिल्म विकास पर मुख्यमंत्री से अक्षय कुमार की मुलाकात के मायने

November 28, 2025

Leave A Reply Cancel Reply

टॉप ख़बरें

Vishwanath Sachdev: यूं ही कोई विश्वनाथ, सचदेव नहीं हो जाता…!

November 30, 2025

सिनेमा से गायब राजमहल और राजा-रानी

October 28, 2023

फिर जनम लेने जयपुर आ जाना इरफान!

October 28, 2023

पाप के पुरुषार्थ का रंगमंच बना सोशल मीडिया !

December 26, 2023
यह भी देखें
देश-प्रदेश
5 Mins Read

Rajasthan Politics : मतदान के बाद वसुंधरा राजे की देव दर्शन यात्रा के राजनीति में मायनों की तलाश

By Prime Time BharatDecember 26, 2023

Rajasthan Politics : बीजेपी की दिग्गज नेता और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhara…

Rajasthan Politics में वसुंधरा ने छेड़ी रिटायरमेंट की चर्चा

November 4, 2023

Swami Vivekananda: पीएम नरेंद्र मोदी की साधना वहां, जहां विवेकानंद ने किया ध्यान और शिव के लिए पार्वती ने की तपस्या

May 31, 2024

LokSabha Election 2024: अमेठी की तरह रायबरेली से भी राहुल गांधी हार गए, तो क्या?  

May 4, 2024
हमें फॉलो करें
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
About Us
About Us

‘प्राइम टाइम’ की शुरुआत पर कोई बड़ी बात नहीं, मगर यह कहना जरूरी है कि इसके उद्भव के लिए हमें एक बड़ी मजबूरी में सोचना पड़ा। मजबूरी यही कि हमारे हिंदुस्तान में वास्तविक अर्थों में जैसी होनी चाहिए, वैसी पत्रकारिता का मार्ग तेजी से सिकुड़ रहा है।

Contact Us:-
Mobile:- +91-9821226894
Email:- contact@primetimebharat.com

Facebook X (Twitter) Pinterest YouTube WhatsApp
Pages
  • About us
  • Our Team
  • Contact Us
  • Cookies Policy
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
लेटेस्ट ख़बरें

Vishwanath Sachdev: यूं ही कोई विश्वनाथ, सचदेव नहीं हो जाता…!

November 30, 2025

Rajasthan: दो नेताओं की सजह मुलाकात या अगले प्रदेश अध्यक्ष की तैयारी ?

November 29, 2025

Akshay Kumar: राजस्थान में फिल्म विकास पर मुख्यमंत्री से अक्षय कुमार की मुलाकात के मायने

November 28, 2025
© 2025 Prime Time Bharat | All Rights Reserved |

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.