Close Menu
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Facebook X (Twitter) Instagram
ट्रेंडिंग:
  • Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!
  • Congress: राहुल गांधी नई पीढ़ी पर भरोसा करे और कांग्रेस को मजबूत करे, लेकिन…!
  • Rajya Sabha Election: निर्विवाद और संयमित नेता नीरज डांगी के राज्यसभा में होने के अर्थ
  • Narendra Modi: क्या पीएम मोदी सचमुच गद्दार और राहुल गांधी की बदजुबानी सही…?
  • Drugs: समूचे राजस्थान पर ड्रग्ज का शिकंजा, गांव – गांव में धमकता नशे का कारोबार
  • Bhairon Singh Shekhawat: शेखावत जैसा फिर कोई इस संसार में जन्मे तो बताना…
  • Bhairon Singh Shekhawat: वह रात केवल भैरोंसिंह शेखावत गिरफ्तारी की कहानी नहीं थी…
  • Gold Import Duty: पीएम मोदी की अपील के तत्काल बाद इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ी, गोल्ड और महंगा
2nd June, Tuesday, 1:20 AM
Facebook X (Twitter) Instagram
Prime Time BharatPrime Time Bharat
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Prime Time BharatPrime Time Bharat
Home»देश-प्रदेश»Rajasthan News: बीजेपी का बढ़ता दबदबा, संगठन और सरकार का सामंजस्यम जबूत
देश-प्रदेश 5 Mins Read

Rajasthan News: बीजेपी का बढ़ता दबदबा, संगठन और सरकार का सामंजस्यम जबूत

Prime Time BharatBy Prime Time BharatDecember 18, 2025No Comments
WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Reddit Tumblr Email
Bhajanlal MadanRathore
Bhajanlal-Sharma-Madan-Rathore-Prime-Time-Bharat
Share
WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

Rajasthan News: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राजस्थान की राजनीति में सत्ता संभालते ही अपनी ताकत के तेवर तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ (Madan Rathore) के नेतृत्व में कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में जुटे हैं और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी राजस्थान (Rajasthan) में हर स्तर पर सरकार और संगठन के जुड़ाव को मजबूत कर रहे हैं। कांग्रेस (Congress) राज में सत्ता और संगठन के बीच जो तालमेल का अभाव था, उसके उलट भाजपा में पूर्ण सामंजस्य नजर आता है। कुल मिलाकर भाजपा राजस्थान में अपनी पकड़ मजबूत कर अगले चुनावों की तैयारी में अभी से जुट गई है, जबकि कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा अपने को सबसे भारी साबित करने के चक्कर में दिग्गज नेता अशोक गहलोत एवं सचिन पायलट को दरकिनार करने में व्यस्त है। इसी वजह से कांग्रेस लगातार कमजोर होती जा रही है, जबकि भाजपा अपनी ताकत बढ़ा रही है।

MadanRathore
Madan-Rathore-Narendra-Modi-Prime-Time-Bharat

Table of Contents

Toggle
  • मदन राठौड़ के नेतृत्व से ओबीसी का जुड़ाव
  • भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार सक्रिय
  • दिग्गज नेता केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों पर निर्भर
  • कांग्रेस में सामंजस्य का अभाव, भाजपा बनी मिसाल
  • अपने ही नेताओं से बड़ा होने की फिराक में डोटासरा
          • राकेश दुबे (वरिष्ठ पत्रकार)

मदन राठौड़ के नेतृत्व से ओबीसी का जुड़ाव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी मदन राठौड़ के प्रदेश अध्यक्ष बनते ही ओबीसी समुदाय को ऐसा लगा कि भाजपा ने जैसे ओबीसी समुदाय को अपनी गोद में लिया है। राठौड़ स्वयं ओबीसी पृष्ठभूमि से हैं, जिससे उनकी बात में वजन आता है। मोदी ने उनको एवं माली नेता राजेंद्र गहलोत के राज्यसभा में भेजकर ओबीसी में पार्टी की पकड़ मजबूत की।  उन्होंने ओबीसी मोर्चा को सक्रिय कर जमीनी स्तर पर सभाएं शुरू कीं। गुर्जर, जाट, मीणा और अन्य ओबीसी उपजातियों के नेताओं को महत्व देकर पार्टी ने कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाई। राठौड़ ने केंद्र की ओबीसी आरक्षण नीतियों को राजस्थान में लागू कराने पर जोर दिया। हाल की रैलियों में उन्होंने ओबीसी युवाओं को सरकारी नौकरियों और योजनाओं का लाभ दिलाने का वादा किया। इससे ओबीसी मतदाताओं का झुकाव भाजपा की ओर बढ़ा है। कांग्रेस के आंतरिक कलह का फायदा उठाते हुए राठौड़ ने संगठन को एकजुट किया। कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर ओबीसी सम्मेलन कर रहे हैं। यह जुड़ाव भाजपा को ग्रामीण इलाकों में मजबूत बनाएगा। अगले चुनावों में ओबीसी वोट निर्णायक साबित होंगे।

BhajanlalSharma NarendraModi Prime Time Bharat1 e1718644504991
BhajanlalSharma_NarendraModi_Prime_Time_Bharat1

भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार सक्रिय

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सत्ता में आते ही ‘मुख्यमंत्री गहरी पैठ योजना’ और ‘लाडो भाव’ जैसी स्कीमों को तेजी से लागू किया। महिलाओं को मुफ्त गैस सिलेंडर और आयुष्मान कार्ड का लाभ पहुंचा। किसानों के लिए ‘किसान सम्मान निधि’ और सिंचाई योजनाओं से लाखों एकड़ जमीन पर पानी पहुंचा। शर्मा की मेहनत से केंद्र की ‘पीएम आवास योजना’ में राजस्थान टॉप पर है। जयपुर, जोधपुर जैसे शहरों में सड़कें चौड़ी हुईं, बेरोजगार युवाओं को रोजगार मेले आयोजित किए गए। आदिवासी क्षेत्रों में वन धन योजना से महिलाएं आत्मनिर्भर बनीं। शर्मा का फोकस पारदर्शिता पर है—कोई भ्रष्टाचार की खबर नहीं। कार्यकर्ता घर-घर जाकर लाभार्थियों की सूची बना रहे हैं। इससे जनता में भाजपा के प्रति विश्वास बढ़ा। कांग्रेस राज में देरी से योजनाएं शुरू होती थीं, लेकिन शर्मा ने रफ्तार पकड़ी। यह लाभ जनता को वोटों में बदल देगा।

VasundharaRaje NarendraModi
Vasundhara-Raje_Narendra-Modi_Prime-Time-Bharat

दिग्गज नेता केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों पर निर्भर

राजस्तान में भाजपा के दिग्गज नेता वसुंधरा राजे, राजेंद्र राठौड़, अरुण चतुर्वेदी और सतीश पूनिया केंद्रीय नेतृत्व के प्रति पूर्ण वफादार दिख रहे हैं। वसुंधरा ने पूर्व मुख्यमंत्री रहते हुए भी शर्मा सरकार का समर्थन किया। राजेंद्र राठौड़ ने संगठन को मजबूत करने में योगदान दिया। चतुर्वेदी और पूनिया ने जयपुर में रैलियां कर पार्टी को एकजुट किया। ये नेता अमित शाह और जेपी नड्डा के निर्देशों पर हर वक्त सक्रिय हैं। आंतरिक कलह की कोई गुंजाइश नहीं। वसुंधरा ने डूंगरपुर में सभा कर ओबीसी वोट पक्के किए। पूनिया ने युवा मोर्चा को सक्रिय किया। यह एकता कांग्रेस के गुटबाजी से उलट है। दिग्गजों की ताकत से भाजपा हर जिले में मजबूत हुई। केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा बढ़ा। इससे पार्टी का आधार विस्तार हो रहा है।

कांग्रेस में सामंजस्य का अभाव, भाजपा बनी मिसाल

कांग्रेस सरकार में सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच खुली जंग थी। सत्ता और संगठन का तालमेल गायब था। टिकट वितरण से लेकर योजनाओं तक कलह रही। इसके उलट भाजपा में भजनलाल शर्मा और मदन राठौड़ का सामंजस्य आदर्श है। संगठन कार्यकर्ताओं को योजनाओं का प्रचार सौंपा। शर्मा हर हाल में अगले चुनाव जीतने को बेताब हैं। वे केंद्रीय नेताओं से लगातार संपर्क में हैं। राठौड़ संगठन को जमीनी बनाए हुए हैं। यह तालमेल पार्टी को फायदा देगा। कांग्रेस की गलतियां भाजपा का हथियार बनीं। शर्मा की मेहनत से 2028 में सत्ता कायम रहेगी। जनता बदलाव महसूस कर रही है।

Rajasthan Congress Leaders Prime Time Bharat 1
Rajasthan-Congress-Leaders-Prime-Time-Bharat

अपने ही नेताओं से बड़ा होने की फिराक में डोटासरा

राजस्थान कांग्रेस में गोविंद सिंह डोटासरा का सत्ता का खेल जोरों पर है। प्रदेश अध्यक्ष बनते ही वे खुद को सबसे भारी नेता साबित करने के चक्कर में जुटे हैं। अपनी सोशल मीडिया टीम के जरिए वे दिग्गजों अशोक गहलोत और सचिन पायलट को दरकिनार करने में व्यस्त हैं। डोटासरा की सोशल मीडिया टीम रोजाना  गहलोत  राज की सफलताओं को भी नाकामियों के उदाहरण बताकर उछालती है, जबकि पायलट की युवा अपील को कमतर बताती है। डोटासरा खुद को ‘जननेता’ बनाकर घूम रहे हैं, लेकिन उनका अपना जाट समाज ही पूरी तरह से उनके साथ नहीं है। जयपुर से जोधपुर तक सभाएं कर संगठन को अपने कब्जे में लेने की कोशिश। गहलोत समर्थक खेमे पर हमला बोलकर वे वफादारों को लाइन पर ला रहे हैं। पायलट गुट को ‘अस्थिर’ बताकर युवा वोट छीनने की ठान ली। लेकिन यह रणनीति उल्टी पड़ रही—कांग्रेस कार्यकर्ता गुटबाजी से त्रस्त हैं। भाजपा इस कलह का फायदा उठा रही। डोटासरा की महत्वाकांक्षा पार्टी को कमजोर कर रही, अगले चुनावों में कांग्रेस को भारी नुकसान हो सकता है। एकजुट न हुए तो सत्ता का सपना चूर हो जाएगा।

  • राकेश दुबे (वरिष्ठ पत्रकार)

 

Bhajanlal Sharma BJP Congress Madan Rathore Rajasthan Rajasthan News
Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram Email
Prime Time Bharat

Related Posts

Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!

May 27, 2026

Congress: राहुल गांधी नई पीढ़ी पर भरोसा करे और कांग्रेस को मजबूत करे, लेकिन…!

May 25, 2026

Rajya Sabha Election: निर्विवाद और संयमित नेता नीरज डांगी के राज्यसभा में होने के अर्थ

May 25, 2026

Leave A Reply Cancel Reply

टॉप ख़बरें

Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!

May 27, 2026

सिनेमा से गायब राजमहल और राजा-रानी

October 28, 2023

फिर जनम लेने जयपुर आ जाना इरफान!

October 28, 2023

पाप के पुरुषार्थ का रंगमंच बना सोशल मीडिया !

December 26, 2023
यह भी देखें
देश-प्रदेश
7 Mins Read

Ajit Pawar: आसमानी हादसों से सिमटती सियासत की सांसों का सच…

By Prime Time BharatJanuary 29, 2026

Ajit Pawar: आसमान गति का प्रतीक माना जाता है। प्रगति की पतवार माना जाता है।…

Air India Plane Crash Vijay Rupani: सरल और विरल विजय रूपाणी का दुनिया से विदा होना

June 13, 2025

Rohiri Festival: रेतीले राजस्थान में रविंद्र भाटी के रोहिड़ी म्यूजिक फेस्टिवल पर राजनीतिक अडंगा

January 11, 2025

Aravali: अगर अरावली नहीं बचा, तो जैन तीर्थ भी सिमट जाएंगे इतिहास के पन्नों में!

December 28, 2025
हमें फॉलो करें
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
About Us
About Us

‘प्राइम टाइम’ की शुरुआत पर कोई बड़ी बात नहीं, मगर यह कहना जरूरी है कि इसके उद्भव के लिए हमें एक बड़ी मजबूरी में सोचना पड़ा। मजबूरी यही कि हमारे हिंदुस्तान में वास्तविक अर्थों में जैसी होनी चाहिए, वैसी पत्रकारिता का मार्ग तेजी से सिकुड़ रहा है।

Contact Us:-
Mobile:- +91-9821226894
Email:- contact@primetimebharat.com

Facebook X (Twitter) Pinterest YouTube WhatsApp
Pages
  • About us
  • Our Team
  • Contact Us
  • Cookies Policy
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
लेटेस्ट ख़बरें

Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!

May 27, 2026

Congress: राहुल गांधी नई पीढ़ी पर भरोसा करे और कांग्रेस को मजबूत करे, लेकिन…!

May 25, 2026

Rajya Sabha Election: निर्विवाद और संयमित नेता नीरज डांगी के राज्यसभा में होने के अर्थ

May 25, 2026
© 2026 Prime Time Bharat | All Rights Reserved |

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.