Close Menu
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Facebook X (Twitter) Instagram
ट्रेंडिंग:
  • Vishwanath Sachdev: यूं ही कोई विश्वनाथ, सचदेव नहीं हो जाता…!
  • Rajasthan: दो नेताओं की सजह मुलाकात या अगले प्रदेश अध्यक्ष की तैयारी ?
  • Akshay Kumar: राजस्थान में फिल्म विकास पर मुख्यमंत्री से अक्षय कुमार की मुलाकात के मायने
  • Rajasthan Congress: बहुत कुछ ठीक करना होगा कांग्रेस को अपने घर में
  • Rajasthan Congress: नए जिलाध्यक्षों पर सवाल, बवाल और कांग्रेस का हाल
  • Dharmendra: जिंदादिल और शायर अभिनेता धर्मेंद्र की खूबसूरती को आखरी सलाम…!
  • Rajasthan: अगली सत्ता के लिए अभी से बीजेपी की रणनीति बनाम कांग्रेस की उलझन
  • Bihar: नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने दसवीं बार, मगर कंधों पर वादों का बहुत सारा भार
1st December, Monday, 12:54 AM
Facebook X (Twitter) Instagram
Prime Time BharatPrime Time Bharat
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Prime Time BharatPrime Time Bharat
Home»देश-प्रदेश»Sharad Pawar: राहुल गांधी की राजनीतिक हैसियत के खिलाफ शरद पवार का असली खेल तो अब शुरू होने वाला है
देश-प्रदेश 4 Mins Read

Sharad Pawar: राहुल गांधी की राजनीतिक हैसियत के खिलाफ शरद पवार का असली खेल तो अब शुरू होने वाला है

Prime Time BharatBy Prime Time BharatDecember 9, 2024No Comments
WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Reddit Tumblr Email
SharadPawar RahulGandhi
SharadPawar-RahulGandhi-Prime-Time-Bharat
Share
WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

Sharad Pawar: इंडिया गठबंधन के नेतृत्व के बहाने कांग्रेस पर शरद पवार के तेवर हमलावर लग रहे हैं। इसके साथ ही महाराष्ट्र में कांग्रेस से समाजवादी पार्टी के टकराव के बाद अब पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस और कांग्रेस बीच की दरार में भी दूरियां बढ़ने की संभावनाएं बन रही हैं। पवार जानते हैं कि महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता का पद तो वैसे भी किसी को नहीं मिल रहा, जिससे कि विपक्ष के नाते ही सही कांग्रेस का उनको समर्थन करना पड़े। इसी कारण इंडिया गठबंधन की अगुवाई के मामले में शरद पवार का खुलकर ममता बनर्जी पर भरोसा जताने को कांग्रेस नेतृत्व को कमजोर दिखाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। पवार के बयान को महाराष्ट्र में भी कांग्रेस के लिए बड़ा झटका और राहुल गांधी की राजनीतिक हैसियत के खिलाफ असली खेल की शुरूआत माना जा रहा है।

Table of Contents

Toggle
  • शरद पवार के बयान के कई राजनीतिक मायने
  • सपा का महाराष्ट्र में कांग्रेस से दूरी का ऐलान
  • नेता प्रतिपक्ष का पद भी नहीं, तो क्या साथ रहना
        • -राकेश दुबे (वरिष्ठ पत्रकार)

शरद पवार के बयान के कई राजनीतिक मायने

इंडिया गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस प्रमुख शरद पवार ने ममता बनर्जी का समर्थन किया है। उनका कहना है कि ममता में इंडिया गठबंधन का नेतृत्व करने की क्षमता है, वे आक्रामक हैं और उन्होंने कई लोगों को खड़ा किया है। शरद पवार के इस बयान के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। ‘नवभारत टाइम्स’ में प्रकाशित एक समाचार में राजनीत‍िक विश्लेषक निरंजन परिहार बताते है क‍ि शरद पवार ने राहुल गांधी को कभी अपना नेता नहीं माना, और वे कभी भी नहीं  चाहेंगे क‍ि कभी राहुल के नेतृत्‍व में उन्‍हें चुनाव लड़ना पड़े। इसलिए इंडिया गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए ममता बनर्जी का साथ देना उनके लिए राजनीतिक रूप से जरूरी है। ममता बनर्जी ने हाल ही में इंडिया गठबंधन का नेतृत्व करने की इच्छा जताई थी, जिस पर समाजवादी पार्टी ने समर्थन दिया था, जबकि कांग्रेस ने राहुल गांधी को गठबंधन का सबसे उपयुक्त नेता बताया था। इसीलिए बीजेपी नेता प्रवीण दरेकर ने कहा है कि ममता बनर्जी के बहाने शरद पवार वह मैसेज देना चाहते हैं कि राहुल गांधी का नेतृत्व अक्षम है और अब कांग्रेस विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व करने में असमर्थ है।

Indi
INDIA-Alliance-Prime-Time-Bharat

सपा का महाराष्ट्र में कांग्रेस से दूरी का ऐलान

राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया गठबंधन में साथी समाजवादी पार्टी महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी से पहले ही अलग हो गई है। समाजवादी पार्टी के नेता अबू आसिम आजमी ने दो दिन पहले ही कहा है कि कांग्रेस और एनसीपी दोनों धर्म निरपेक्ष होने के बावजूद शिवसेना (उद्धव) के साथ हैं, जो बाबरी मस्जिद को ध्वस्त करने वालों की खुलेआम प्रशंसा करती है, तो हमें उनके साथ क्यों रहना चाहिए। महाराष्ट्र की राजनीति के जानकार कहते हैं संदीप सोनवलकर कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना कर चुके विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी के लिए समाजवादी पार्टी के इस फैसले को बड़ा झटका माना जा रहा है। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस के मुखिया शरद पवार ने भी कांग्रेस पर करारा वार करके कांग्रेस से दूरी बनाने के संकेत दे दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषक निरंजन परिहार भी मानते हैं कि यूपीए में इससे कांग्रेस की ताकत कम होगी और राहुल गांधी की राजनीतिक गंभीरता पर भी सवाल खड़े होंगे।

नेता प्रतिपक्ष का पद भी नहीं, तो क्या साथ रहना

उधर, महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति को लेकर भी शरद पवार  किसी मुगालते में नहीं है। उनका साफ मानना है कि महाविकास अघाड़ी के घटक दल इस बात पर जोर दे ही नहीं दे सकते कि उन्हें यह पद मिले, क्योंकि विपक्ष के किसी भी दल के पास विपक्ष का नेता पद लेने के लिए आवश्यक संख्याबल नहीं है। इस बार के चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति को विधानसभा की 288 सीटों में से 232 पर जीत मिली है जबकि महाविकास आघाड़ी गठबंधन ने महज 46 सीटों पर जीत दर्ज की है। इसमें से भी शिवसेना (उद्धव) को 20, कांग्रेस को 16 और राष्ट्रवादी कांग्रेस को 10 सीटें ही मिली है। इनमें से किसी भी पार्टी के पास विधानसभा की कुल सदस्य संख्या 288 में से 10 फीसदी यानी 28-29 सीटें नहीं है। महाराष्ट्र की राजनीति के जानकार एडवोकेट संदीप शुक्ला कहते हैं कि शरद पवार को पता है कि जब कांग्रेस किसी भी मायने में राजनीतिक रूप से सक्षम नहीं है, और उसे कमजोर साबित करके ही प्रदेश में खुद को ताकतवर दिखाया जा सकता है। शुक्ला मानते हैं कि पवार इसीलिए कांग्रेस के किसी भी नेता के बदले ममता बनर्जी को इंडिया गठबंधन के नेतृत्व के लिए ज्यादा उपयोगी मान रहे हैं।

-राकेश दुबे (वरिष्ठ पत्रकार)

यह भी पढ़िएः Congress: चुनाव हारना कोई राहुल गांधी से सीखे, ट्रोल पॉलिटिक्स नहीं दिलाती जीत

इसे भी पढ़िएः Maharashtra Election: कांग्रेस के दिग्गज नेताओं से शरद पवार और ठाकरे की दूरी पर सवाल

Shaead Pawar
Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram Email
Prime Time Bharat

Related Posts

Vishwanath Sachdev: यूं ही कोई विश्वनाथ, सचदेव नहीं हो जाता…!

November 30, 2025

Rajasthan: दो नेताओं की सजह मुलाकात या अगले प्रदेश अध्यक्ष की तैयारी ?

November 29, 2025

Akshay Kumar: राजस्थान में फिल्म विकास पर मुख्यमंत्री से अक्षय कुमार की मुलाकात के मायने

November 28, 2025

Leave A Reply Cancel Reply

टॉप ख़बरें

Vishwanath Sachdev: यूं ही कोई विश्वनाथ, सचदेव नहीं हो जाता…!

November 30, 2025

सिनेमा से गायब राजमहल और राजा-रानी

October 28, 2023

फिर जनम लेने जयपुर आ जाना इरफान!

October 28, 2023

पाप के पुरुषार्थ का रंगमंच बना सोशल मीडिया !

December 26, 2023
यह भी देखें
देश-प्रदेश
8 Mins Read

Rajasthan CM: भारी पड़ते भजनलाल और रफ्तार पकड़ता राजस्थान

By Editorial TeamMarch 16, 2025

भजनलाल शर्मा ने सियासत के शिखर की राह पकड़ ली हैं। ताकत के तेवर तीखे…

Rajasthan News: गहलोत की सक्रियता के आईने में कांग्रेसी पायलट की पॉलिटिक्स

March 25, 2025

Mathura Shahi Idgah News : मथुरा में शाही ईदगाह के सर्वे पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाई गई , जाने पूरा मामला

January 16, 2024

Jyoti Malhotra: हुस्न के जलवे और सोशल मीडिया के जरिए जासूसी का खतरनाक खेल, ज्योति मल्होत्रा अब शिकंजे में

May 22, 2025
हमें फॉलो करें
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
About Us
About Us

‘प्राइम टाइम’ की शुरुआत पर कोई बड़ी बात नहीं, मगर यह कहना जरूरी है कि इसके उद्भव के लिए हमें एक बड़ी मजबूरी में सोचना पड़ा। मजबूरी यही कि हमारे हिंदुस्तान में वास्तविक अर्थों में जैसी होनी चाहिए, वैसी पत्रकारिता का मार्ग तेजी से सिकुड़ रहा है।

Contact Us:-
Mobile:- +91-9821226894
Email:- contact@primetimebharat.com

Facebook X (Twitter) Pinterest YouTube WhatsApp
Pages
  • About us
  • Our Team
  • Contact Us
  • Cookies Policy
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
लेटेस्ट ख़बरें

Vishwanath Sachdev: यूं ही कोई विश्वनाथ, सचदेव नहीं हो जाता…!

November 30, 2025

Rajasthan: दो नेताओं की सजह मुलाकात या अगले प्रदेश अध्यक्ष की तैयारी ?

November 29, 2025

Akshay Kumar: राजस्थान में फिल्म विकास पर मुख्यमंत्री से अक्षय कुमार की मुलाकात के मायने

November 28, 2025
© 2025 Prime Time Bharat | All Rights Reserved |

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.