Close Menu
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Facebook X (Twitter) Instagram
ट्रेंडिंग:
  • Vasundhara Raje: फर्जी चिट्ठी, सियासत का सच और वसुंधरा राजे का नाम
  • Rajendra Singh Rathore: अपनी चमक बचाकर रखने में माहिर राजस्थान के राजेंद्र राठौड़
  • Rajasthan Refinery: लपटों ने लपेटा, तो विकास के बजाय बहस का केंद्र बन गई रिफाइनरी
  • Women Reservation Bill: महिला आरक्षण मुद्दे पर नीयत की परीक्षा और सियासत का पर्दाफाश
  • Health:महानगरों में जिंदगी गुलजार लेकिन इलाज बेहद महंगा, स्वास्थ्य सम्हालिए हुजूर…!
  • Asha Bhosle: दिल अभी भरा नहीं… मगर अलविदा कह गईं आशा भोसले
  • Ashok Gehlot: एनएसयूआई से लेकर अब तक हर दौर में प्रासंगिक रहे हैं गहलोत
  • Rajasthan: गहलोत के बयान पर बीजेपी के बवाल ने सेट कर दिया नैतिकता का नैरेटिव
22nd April, Wednesday, 6:35 PM
Facebook X (Twitter) Instagram
Prime Time BharatPrime Time Bharat
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Prime Time BharatPrime Time Bharat
Home»कारोबार»Rajasthan Refinery: लपटों ने लपेटा, तो विकास के बजाय बहस का केंद्र बन गई रिफाइनरी
कारोबार 6 Mins Read

Rajasthan Refinery: लपटों ने लपेटा, तो विकास के बजाय बहस का केंद्र बन गई रिफाइनरी

Prime Time BharatBy Prime Time BharatApril 22, 2026No Comments
WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Reddit Tumblr Email
Pachpadara refinery Fire Politics Prime Time Bharat
Pachpadara-refinery-Fire-Politics-Prime-Time-Bharat
Share
WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

Rajasthan Refinery: पचपदरा। रेत का विस्तार। तेल की रिफाइनरी (Refinery)। उम्मीदों का आसमान। रोजगार की फैक्ट्री और ऊर्जा का स्वप्न। लेकिन अचानक आग। सपलपाती लपटों ने रिफाइनरी को लपेट लिया। वह भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के आने से कुछ घंटे पहले। आग से भी तेज, आग की खबर फैली। सियासत उससे भी तेज़ भागी। क्योंकि यह कोई साधारण परियोजना नहीं। दावा एशिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी होने का है। इसीलिए आकांक्षाओं का आकाश भी उतना ही ऊंचा। राजस्थान (Rajasthan) के औद्योगिक भविष्य की धुरी। लेकिन एक लपट ने सबको लपेटे में ले लिया। पूरी तस्वीर बदल दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपरना दौरा टालना पड़ा। लपटें उठीं तो, लपटों के साथ सवाल भी सुलगे। सवालों की आंच में आरोप भी उठे। तो, सियासत भी सज्ज हुई। हर कोई बयान देने लगा। अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने सही कहा, जिनको पचपदरा (Pachpadra) रिफाइनरी की एबीसीड़ी भी नहीं पता, वे भी बयानबाजी कर रहे हैं। असल में, यह परियोजना, सिर्फ उद्योग नहीं। कई राजनेताओं के लिए यह अपनी सियासी पूंजी भी है। जिसे जो मिला, उसी ने मलाई मारी। किसी ने श्रेय लिया, तो किसी ने कमाई काटी। जिसे कुछ नहीं मिला, उसने सवाल उठाया।

Narendra Modi Pachpadra Prime Time Bharat
Narendra-Modi-Pachpadra-Prime-Time-Bharat

सियासत सुलग उठी सवालों की आग से

पजपदरा की इस रिफाइनरी में आग के बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा टल गया। तैयारियां ठंडी पड़ गईं। मंच सजे रह गए। इंतजाम धरे रह गए। करोड़ों का खर्च एक पल में सवाल बन गया। क्या यह सिर्फ आग थी? या प्रबंधन की चूक? या जल्दबाजी की कीमत? राजनीति ने मौका नहीं गंवाया। कांग्रेस हमलावर हुई। कहा, यह सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। अशोक गहलोत बोले – रिफाइनरी राजस्थान के लिए गर्व की बात, लेकिन पीएम की विजिट के पहले आग लगे, तो सवाल तो खड़े हो ही जाते हैं। हनुमान बेनीवाल बोले – राजस्थान सरकार दुनिया भर में निवेश का आग्रह लेकर घूमती है, लेकिन उद्योगों में आग लगे, तो सरकार पर जनता का भरोसा कम होता है। बीजेपी ने पलटवार किया। कहा, यह दुर्घटना है। सच है कि बड़ी परियोजनाओं में जोखिम भी बड़े होते हैं। और यहीं से, एक रोजगार प्रदाता रिफाइनरी का मुद्दा बदल गया। पीएम का दौरा टल गया।

दो – दो बार शिलान्यास की सियासत

रिफाइनरी में अचानक लगी आग, अब सिर्फ आग नहीं रही। वह सियासी सामान बन गई। एक तरफ सवाल कि क्या तैयारियां अधूरी थीं? क्या सुरक्षा मानक ढीले थे? क्या उद्घाटन की हड़बड़ी भारी पड़ी? दूसरी तरफ जवाब कि क्या हर दुर्घटना को राजनीति का हथियार बनाना सही है? सच, बेचारगी के साथ बीच में कहीं खड़ा है। रिफाइनरी का सफर लंबा रहा है। सपना तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देखा। आधारशिला 18 सितंबर 2013 को तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रखी। उसी साल कांग्रेस की सरकार चली गई। चार साल काम बंद रहा। 2018 के 16 जुलाई को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पीएम मोदी से कार्य शुभारंभ के नाम पर फिर शिलान्यास करवाया। लेकिन सरकार फिर बदल गई और कमान एक बार फिर अशोक गहलोत के हाथ। रिफाइनरी बनी। तो, अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पीएम मोदी से लोकार्पण की तैयारी। हर चरण, राजनीति से रंगा रहा। हर मील का पत्थर हाथ में उठा हुआ, और हर वार बयानबाजी में घिरा हुआ।

Pachpadra Refinery Foundation Sonia Gandhi Ashok Gehlot Prime Time Bharat
Pachpadra-Refinery-Foundation-Sonia-Gandhi-Ashok-Gehlot-Prime-Time-Bharat

आग ने आईना दिखाया और अवसर भी 

प्रदेश में प्रधानमंत्री का यह पहला दौरा है, जो निरस्त हुआ है। करोड़ों के खर्च से दौरे की तैयारियां हुईं। लेकिन अब हर तैयारी पर सवाल है। क्या यह खर्च उचित था? जब परियोजना पूरी तरह सुरक्षित नहीं थी? या यह एक अनिवार्य प्रक्रिया थी, जिसमें जोखिम तो हमेशा ही रहता है? यहां जवाब आसान नहीं हैं। लेकिन सवाल जरूरी हैं। सियासत ने ताप बढ़ा दिया है। कांग्रेस, आक्रामक है। बीजेपी, रक्षात्मक होते हुए भी आत्मविश्वास दिखा रही है। परिदृश्य पलट गया है। जो कल तक उपलब्धि थी, आज बहस है। जो कल तक गर्व था, आज जांच का विषय है। लेकिन असली मुद्दा क्या है? रिफाइनरी का भविष्य। उसकी सुरक्षा। और उससे जुड़े लाखों सपने। क्या आग ने उन सपनों को झुलसा दिया? या यह सिर्फ एक अस्थायी झटका है? आग ने सबको आईना दिखाया और अवसर भी दिया।

जांच हो तो दोषी को सजा भी तय हो

राजस्थान कोई औद्योगिक प्रदेश नहीं है, इसीलिए यहां की अर्थव्यवस्था के लिए, यह परियोजना गेम चेंजर है। रोजगार। निवेश। औद्योगिक विस्तार। इन सबका केंद्र पश्चिमी राजस्थान। इसलिए, इस आग की इस घटना को सिर्फ सियासत में सीमित करना न्याय नहीं होगा। जरूरत है तथ्यों की। जांच की। जवाबदेही की। अगर चूक हुई है, तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। अगर नहीं, तो अफवाहों पर विराम लगना चाहिए। जब वेदांता के एक प्रोजेक्ट में दुर्घटना पर सीधे, उसकी संचालक कंपनी के चेयरमेन अनिल अग्रवाल पर मुकदमा हो सकता है, तो पचपदरा रिफाइनरी के चेयरमेन पर मुकदमा क्यों नहीं? सरकार के लिए सिर्फ जांच की घोषणा काफी नहीं। जमीन पर मजबूत कार्रवाई जरूरी है। विपक्ष के लिए हर घटना, हमला करने का बहाना नहीं। कभी समाधान भी देना पड़ता है। लेकिन क्या ऐसा होगा? या फिर, यह मुद्दा भी भाषणों में खो जाएगा?

Pachpadra Refinery Narendra Modi Vasundhara Raje Prime Time Bharat
Pachpadra-Refinery-Narendra-Modi-Vasundhara-Raje-Prime-Time-Bharat

सियासत झुलसा देगी, लेकिन जवाब नहीं देगी  

भारत की सियासत में घटनाएं घटती हैं, और मार दी जाती हैं। सियासत उसे भुलाने की कोशिश में दूसरी राह पकड़ लेती है। लेकिन पचपदरा राजस्थान में है। जहां सियासत जातियों की जकड़न में जिंदा है। लोग भूलते नहीं हैं। बदला लेते हैं। इसीलिए तथ्य कम और कथाएं ज्यादा बनती हैं। पचपदरा की आग भी अब एक कथा बन चुकी है। जिसे हर पक्ष अपने तरीके से गढ़ रहा है। लेकिन जनता? वह देख रही है। समझ रही है। और जान भी रही है। इसीलिए इंतजार कर रही है, सच का। क्योंकि अंत में, न तो बयान काम आएंगे, न आरोप। काम आएगा सुरक्षित रिफाइनरी का सच। स्थिर विकास। और भरोसेमंद शासन। अगर यह मिला, तो फिर ये आग सच में एक घटना रह जाएगी। लेकिन जवाब अगर नहीं मिला, तो यह आग, सियासत को भी झुलसा देगी। और तब, न श्रेय बचेगा, न बहाने और न ही सपनों की उम्मीद। अगर कुछ बचेगा, तो सिर्फ सवाल।

– निरंजन परिहार (राजनीतिक विश्लेषक)

Ashok Gehlot Narendra Modi Pachpadra Rajasthan Rajasthan Refinery Refinery
Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram Email
Prime Time Bharat

Related Posts

Vasundhara Raje: फर्जी चिट्ठी, सियासत का सच और वसुंधरा राजे का नाम

April 22, 2026

Rajendra Singh Rathore: अपनी चमक बचाकर रखने में माहिर राजस्थान के राजेंद्र राठौड़

April 21, 2026

Women Reservation Bill: महिला आरक्षण मुद्दे पर नीयत की परीक्षा और सियासत का पर्दाफाश

April 17, 2026

Leave A Reply Cancel Reply

टॉप ख़बरें

Vasundhara Raje: फर्जी चिट्ठी, सियासत का सच और वसुंधरा राजे का नाम

April 22, 2026

सिनेमा से गायब राजमहल और राजा-रानी

October 28, 2023

फिर जनम लेने जयपुर आ जाना इरफान!

October 28, 2023

पाप के पुरुषार्थ का रंगमंच बना सोशल मीडिया !

December 26, 2023
यह भी देखें
देश-प्रदेश
5 Mins Read

BJP Nitin Nabin: बीजेपी ने फिर चौंकाया… राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन !

By Prime Time BharatDecember 14, 2025

BJP Nitin Nabin: पार्टी की राष्ट्रीय कमान के मामले में बीजेपी ने फिर एक बार…

Maharashtra Assembly Election: बीजेपी गठबंधन की महाराष्ट्र में प्रचंड जीत को ऐतिहासिक कहा पीएम मोदी ने

November 23, 2024

Godwad: जवाई लेपर्ड सफारी से बढ़ता पर्यटन, सितारे भी चमकने लगे गोड़वाड़ के आकाश पर

March 23, 2025

राजस्थान के चुनावी माहौल में कांग्रेसियों पर ईडी के छापे

October 26, 2023
हमें फॉलो करें
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
About Us
About Us

‘प्राइम टाइम’ की शुरुआत पर कोई बड़ी बात नहीं, मगर यह कहना जरूरी है कि इसके उद्भव के लिए हमें एक बड़ी मजबूरी में सोचना पड़ा। मजबूरी यही कि हमारे हिंदुस्तान में वास्तविक अर्थों में जैसी होनी चाहिए, वैसी पत्रकारिता का मार्ग तेजी से सिकुड़ रहा है।

Contact Us:-
Mobile:- +91-9821226894
Email:- contact@primetimebharat.com

Facebook X (Twitter) Pinterest YouTube WhatsApp
Pages
  • About us
  • Our Team
  • Contact Us
  • Cookies Policy
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
लेटेस्ट ख़बरें

Vasundhara Raje: फर्जी चिट्ठी, सियासत का सच और वसुंधरा राजे का नाम

April 22, 2026

Rajendra Singh Rathore: अपनी चमक बचाकर रखने में माहिर राजस्थान के राजेंद्र राठौड़

April 21, 2026

Rajasthan Refinery: लपटों ने लपेटा, तो विकास के बजाय बहस का केंद्र बन गई रिफाइनरी

April 22, 2026
© 2026 Prime Time Bharat | All Rights Reserved |

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.