IIJS Premier: भारतीय जेम्स एवं ज्वेलरी उद्योग के लिए वर्ष 2026 की सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक शुरुआत 5 अगस्त को उस समय हुई, जब जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) द्वारा आयोजित देश के सबसे बड़े और दुनिया के दूसरे सबसे बड़े बी-टू-बी ज्वेलरी शो ‘आईआईजेएस भारत प्रीमियर-2026’ (IIJS Premier) का भव्य शुभारंभ मुंबई (Mumbai) के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में हुआ। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने आईआईजेएस भारत प्रीमियर-2026 का उदघाटन किया। पांच दिनों तक चलने वाला यह आईआईजेएस (IIJS)) ज्वेलरी शो केवल आभूषण की प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारतीय ज्वेलरी (Jewellery) उद्योग की आर्थिक शक्ति, तकनीकी क्षमता, डिजाइन कौशल और वैश्विक नेतृत्व की महत्वाकांक्षा का विराट प्रदर्शन है।

जीजेईपीसी के अध्यक्ष किरिट भंसाली ने कहा…
उद्घाटन समारोह में उद्योग जगत के प्रमुख उद्यमी, निर्यातक, अंतरराष्ट्रीय खरीदार, डिजाइनर और जीजेईपीसी के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। पूरे समारोह में एक ही संदेश बार-बार सुनाई दिया—भारत अब केवल दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक ज्वेलरी निर्माण और निर्यात का सबसे भरोसेमंद केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जीजेईपीसी के अध्यक्ष किरिट भंसाली ने उद्घाटन अवसर पर कहा कि आईआईजेएस भारत प्रीमियर भारतीय जेम्स एवं ज्वेलरी उद्योग की सामूहिक शक्ति का सबसे बड़ा प्रदर्शन है। यह मंच भारतीय निर्माताओं को दुनिया भर के खरीदारों से सीधे जोड़ता है, जिससे नए बाजार खुलते हैं, निर्यात को गति मिलती है और भारतीय ब्रांडों की वैश्विक पहचान मजबूत होती है। इस वर्ष आयोजित 42वें आईआईजेएस भारत प्रीमियर में 2,100 से अधिक प्रदर्शक, 3,600 से अधिक स्टॉल, लगभग 1.35 लाख वर्गमीटर का प्रदर्शनी क्षेत्र, देश के 1,300 से अधिक शहरों से आए व्यापारी तथा 80 से अधिक देशों के 50,000 से अधिक घरेलू एवं विदेशी खरीदार भाग ले रहे हैं। हीरा, स्वर्ण, प्लैटिनम, सिल्वर ज्वेलरी, रंगीन रत्न, लैब ग्रोन डायमंड, जेम्स, मशीनरी, पैकेजिंग और अत्याधुनिक तकनीक से जुड़े उत्पादों का ऐसा व्यापक प्रदर्शन विश्व में चुनिंदा आयोजनों में ही देखने को मिलता है।
भारतीय निर्माता विश्व बाजार में चमकने को तैयार
जीजेईपीसी के पदाधिकारियों ने कहा कि इस बार प्रदर्शनी का विस्तार पहले की तुलना में और अधिक व्यापक किया गया है। हाई-एंड कूट्योर ज्वेलरी के लिए विशेष ‘द सिलेक्ट क्लब’, लैब ग्रोन डायमंड, प्राकृतिक हीरे, रंगीन रत्न, आधुनिक मशीनरी और अत्याधुनिक उत्पादन तकनीकों को अलग-अलग श्रेणियों में प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ आयोजित आईजीजेएमई भारत प्रीमियर-2026 में ज्वेलरी निर्माण से जुड़ी नवीनतम मशीनों, ऑटोमेशन, सीएडी-सीएएम तकनीक, 3-डी प्रिंटिंग और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग समाधान प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जो भविष्य के उद्योग की दिशा तय करेंगे। आज वैश्विक ज्वेलरी कारोबार ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां गुणवत्ता, डिजाइन, ट्रेसबिलिटी और टिकाऊ उत्पादन सबसे बड़ी प्राथमिकताएं बन चुकी हैं। ऐसे समय में आईआईजेएस भारत प्रीमियर केवल व्यापारिक सौदों का मंच नहीं, बल्कि भविष्य की वैश्विक मांग को समझने और उसके अनुरूप भारतीय उद्योग को तैयार करने का माध्यम बन गया है। यहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय खरीदार नई डिजाइन और उत्पाद श्रृंखलाओं का चयन करते हैं, वहीं दूसरी ओर भारतीय निर्माता विश्व बाजार की बदलती प्राथमिकताओं को समझकर अपने उत्पादन की रणनीति तैयार करते हैं।

वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का माध्यम आईईआईजेएस
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि भारतीय ज्वेलरी उद्योग का आकार आज तेजी से बढ़ रहा है और यह देश के सबसे बड़े रोजगार सृजन वाले क्षेत्रों में शामिल है। लाखों कारीगर, डिजाइनर, तकनीशियन और निर्यातक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से इस उद्योग से जुड़े हैं। बावनकुले ने देश के विभिन्न राज्यों से आए ज्वेलर्स का स्वागत करते हुए कहा कि निर्यात के नए अवसर बढ़ाने के लिए सरकार हरसंभव सहयोग करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत के पास ज्वेलरी निर्यात बढ़ाने का बड़ा अवसर है। पूर्व सांसद विजय दर्डा ने कहा कि आईआईजेएस ने यह साबित किया है कि कई बहुराष्ट्रीय ब्रांड अब अपनी सोर्सिंग रणनीति में विविधता ला रहे हैं और भारत को गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धी लागत, कुशल कारीगरी तथा विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला के कारण प्राथमिकता दे रहे हैं। यही कारण है कि आईआईजेएस भारत प्रीमियर अब केवल भारतीय उद्योग का आयोजन नहीं, बल्कि वैश्विक ज्वेलरी व्यापार कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम बन चुका है। व्यापारिक दृष्टि से देखा जाए तो इस प्रदर्शनी का प्रभाव केवल पांच दिनों तक सीमित नहीं रहता।
आईआईजेएस अब सिर्फ एक ज्वेलरी प्रदर्शनी नहीं
उद्योग जगत का अनुमान है कि प्रदर्शनी के दौरान और इसके बाद हजारों करोड़ रुपये के संभावित व्यापारिक समझौते आकार लेंगे, जिनका सीधा लाभ भारतीय निर्यात, विनिर्माण और रोजगार को मिलेगा। इस वर्ष प्रदर्शनी में स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी), जिम्मेदार सोर्सिंग, डिजिटल प्रमाणन, लैब ग्रोन डायमंड, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डिजाइनिंग जैसे विषय विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यह स्पष्ट संकेत है कि भारतीय ज्वेलरी उद्योग अब पारंपरिक कारीगरी के साथ आधुनिक तकनीक को अपनाकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति और मजबूत कर रहा है। आईआईजेएस भारत प्रीमियर-2026 ऐसे समय आयोजित हो रहा है, जब भारत सरकार वर्ष 2030 तक जेम्स एवं ज्वेलरी निर्यात को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। उद्योग को विश्वास है कि इस प्रदर्शनी से प्राप्त व्यापारिक अवसर, तकनीकी सहयोग, वैश्विक नेटवर्किंग और निवेश भारतीय ज्वेलरी क्षेत्र को नई गति देंगे। यही कारण है कि आईआईजेएस भारत प्रीमियर अब केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत के जेम्स एवं ज्वेलरी उद्योग के भविष्य की दिशा तय करने वाला सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक मंच बन चुका है—जहां परंपरा और आधुनिकता मिलकर भारत को वैश्विक ज्वेलरी महाशक्ति बनाने का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं।

