Close Menu
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Facebook X (Twitter) Instagram
ट्रेंडिंग:
  • Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!
  • Congress: राहुल गांधी नई पीढ़ी पर भरोसा करे और कांग्रेस को मजबूत करे, लेकिन…!
  • Rajya Sabha Election: निर्विवाद और संयमित नेता नीरज डांगी के राज्यसभा में होने के अर्थ
  • Narendra Modi: क्या पीएम मोदी सचमुच गद्दार और राहुल गांधी की बदजुबानी सही…?
  • Drugs: समूचे राजस्थान पर ड्रग्ज का शिकंजा, गांव – गांव में धमकता नशे का कारोबार
  • Bhairon Singh Shekhawat: शेखावत जैसा फिर कोई इस संसार में जन्मे तो बताना…
  • Bhairon Singh Shekhawat: वह रात केवल भैरोंसिंह शेखावत गिरफ्तारी की कहानी नहीं थी…
  • Gold Import Duty: पीएम मोदी की अपील के तत्काल बाद इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ी, गोल्ड और महंगा
3rd June, Wednesday, 3:57 PM
Facebook X (Twitter) Instagram
Prime Time BharatPrime Time Bharat
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Prime Time BharatPrime Time Bharat
Home»देश-प्रदेश»Maratha Vote: अलग अलग खांचों में बंट गया मराठा वोट बैंक, सीधा फायदा बीजेपी को
देश-प्रदेश 4 Mins Read

Maratha Vote: अलग अलग खांचों में बंट गया मराठा वोट बैंक, सीधा फायदा बीजेपी को

Prime Time BharatBy Prime Time BharatMarch 4, 2024No Comments
WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Reddit Tumblr Email
manoj jarange 1706325172
aMorcha_PrimeTimeBharat
Share
WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

Maratha Vote: लोकसभा चुनाव सर पर है और मराठा (Maratha) वोटर भ्रम में है। उसे समझ नहीं आ रहा है कि नेताओं के साथ जाए या अलग से अपना भला सोचे। इसका सीधा फायदा बीजेपी (BJP) को लोकसभा चुनाव में मिलेगा। महाराष्ट्र (Maharashtra) बनने के बाद से ही राज्य की राजनीति (Politics) को कंट्रोल करने वाले मराठा वोट बैंक में सेंध लग गयी है।अब तक मराठा वोट परंपरागत तौर पर कांग्रेस (Congress) या शरद पवार (Sharad Pawar) की एनसीपी के साथ ही रहा है। अब करीब 28 फीसदी ये वोट कई खांचों में बंट गया है।

Table of Contents

Toggle
  • बीजेपी ने कई टुकड़ों में बांट दिया मराठा वोट बैंक को
  • मराठा आरक्षण प्रस्ताव विधानसभा में पास, मगर…
  • कांग्रेस के दिग्गज अशोक चव्हाण का छोड़ जाना
  • राजनीतिक कमजोरी का खामियाजा पूरे मराठा समाज को

बीजेपी ने कई टुकड़ों में बांट दिया मराठा वोट बैंक को

असल में बीजेपी का हमेशा से ये प्रयोग रहा है कि महाराष्ट्र में मराठों के मजबूत वर्चस्व को तोड़ने के लिए माधव फार्मूला यानि माली धनगर और वंजारी सारे ओबीसी को एक साथ लाया जाए और मराठा बनाम ओबीसी को तेज किया जाए। जिससे मराठा अगर एक तरफ जायें तो पूरा ओबीसी बीजेपी के साथ आ जाए। इसका फायदा बीजेपी को 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में मिला भी लेकिन अब बीजेपी उससे एक कदम आगे बढ़ गयी है। राजनीतिक विश्लेषक मानते है कि संघ की सलाह पर बीजेपी ने मराठा वोट बैंक को ही अब कई खांचों में बांट दिया है। एकनाथ शिंदे के तौर पर मराठा सीएम बनाकर पहले तो शिवसेना का वोट बैंक तोड़ा, फिर कुछ दिन बाद अजित पवार को लेकर शरद पवार के मराठा वोट बैंक में सेंध लगा दी।

मराठा आरक्षण प्रस्ताव विधानसभा में पास, मगर…

इतना ही नहीं दूसरी तरफ जब मराठों ने अपने राजनीतिक वजूद की ताकत दिखाने के लिए मराठा आऱक्षण का आंदोलन शुरु किया तो पहले तो मराठों को कुणबी यानी ओबीसी और गैर कुणबी में बांट दिया। इस आंदोलन को  लेकर मनोज जरांगे का नाम बहुत लोकप्रिय हुआ, उसके पीछे पूरा समाज खड़ा दिखाई दिया, लेकिन सरकार ने उनकी कुछ मांगे मानी कुछ नहीं और आखिर में मराठा आरक्षण का केवल प्रस्ताव विधानसभा में पास कर दिया तो अगले ही दिन मनोज जरांगे को भी शब्दजाल में फंसा कर डिसक्रेडिट कर दिया। मजबूरन मनोज जरांगे को अपना आंदोलन बीच में ही छोड़ना पड़ा, इससे पूरा मराठा समाज निऱाश है। दूसरी तरफ बिना कुछ हिंसा के, छगन भुजबल की लीडरशिप में ओबीसी ने अपना अधिकार बचाये ऱखने के लिए जमकर दवाब बनाया और सरकार को मजबूर किया कि वो मराठों को ओबीसी में शामिल करने के बजाय अलग से आरक्षण दे। जबकि पचास प्रतिशत की सीमा के चलते जातिगत आधार पर अलग से ये आरक्षण देना कानूनी तौर पर नहीं टिकेगा। अब ओबीसी को संदेश साफ है कि इतना बड़ा आंदोलन करके भी मराठा समाज को कुछ नहीं मिला।

कांग्रेस के दिग्गज अशोक चव्हाण का छोड़ जाना

ताजा हालात में, मराठा नेताओं को अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती नजर आ रही है, इसलिए वो मजबूरी में ही सही, लेकिन किसी भी हालत में बीजेपी के साथ जाने तैयार नही है। उनका वोटर इसके लिए तैयार नहीं, लेकिन नेताओं को खुद को बचाना है। इसलिए वो बीजेपी के साथ जाकर मोदी लहर में ही जीतना चाहते हैं। कांग्रेस के अशोक चव्हाण जैसे दिग्गज नेता भी इस मोह से नहीं बच पाये और बीजेपी चले गये। चव्हाण के अलावा औ रकरीब 15 मराठा नेता एक एक करके बीजेपी का दामन थामने की तैयारी कर रहे हैं। उधर शरद पवार की ये आखिरी पारी है, सो वे कितना मराठा वोट ले पायेंगे, ये तो चुनाव में ही पता चल पायेगा। लेकिन उनके ही परिवार में फूट पड़ गयी है। पवार की सांसद बेटी सुप्रिया सुले के खिलाफ पवार परिवार की बहू लोकसभा चुनाव लड़ना चाहती है।

राजनीतिक कमजोरी का खामियाजा पूरे मराठा समाज को

महाराष्ट्र के इतिहास पर नजर डालें तो मुगल काल और आदिलशाही में यही हुआ था। मराठा अपने घर और वतनदारी को बचाने के लिए अलग अलग खेमें में बंटे हुए थे और बाहरी राज कर रहे थे। तब सोलहवी सदी के अंत में मराठा छत्रपति शिवाजी महाराज ने मराठों के मतभेद खत्म कर एक साथ किया, स्वराज्य की बात की। लेकिन अब इतिहास फिर से खुद को दोहरा रहा है। मराठा अब तक सत्ता पर हावी रहे हैं। महाराष्ट्र में एक या दो बार को छोड़कर मराठा ही मुख्यमंत्री बनता रहा है और राज्य की सहकारी चीनी मिलों से लेकर शिक्षण संस्थानों तक पर उनका ही एक छत्र राज रहा है। लेकिन अब ये पकड़ छूट रही है। अगर मराठों की राजनीतिक ताकत कम हुई तो इसका खामियाजा पूरे समाज को भरना होगा।

 

-संदीप सोनवलकर (वरिष्ठ पत्रकार)

BJP Congress Maharashtra Maratha Politics Sharad Pawar
Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram Email
Prime Time Bharat

Related Posts

Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!

May 27, 2026

Congress: राहुल गांधी नई पीढ़ी पर भरोसा करे और कांग्रेस को मजबूत करे, लेकिन…!

May 25, 2026

Rajya Sabha Election: निर्विवाद और संयमित नेता नीरज डांगी के राज्यसभा में होने के अर्थ

May 25, 2026

Leave A Reply Cancel Reply

टॉप ख़बरें

Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!

May 27, 2026

सिनेमा से गायब राजमहल और राजा-रानी

October 28, 2023

फिर जनम लेने जयपुर आ जाना इरफान!

October 28, 2023

पाप के पुरुषार्थ का रंगमंच बना सोशल मीडिया !

December 26, 2023
यह भी देखें
देश-प्रदेश
4 Mins Read

Ram Mandir: यही रात अंतिम, यही रात बाकी… सारा देश दमक रहा है रामलला के स्वागत में

By Prime Time BharatJanuary 21, 2024

Ram Mandir: अयोध्या पर पूरी दुनिया की निगाहें हैं। 22 जनवरी 2024 सोमवार के दिन…

Haryana: पूनिया ने प्रहार वहीं किया जहां कांग्रेस ज्यादा कमजोर थी, जीता नेतृत्व का विश्वास

October 9, 2024

KN Panikkar: वैचारिक दारिद्रय के दौर में शोकगीत एक असाधारण इतिहासकार केएन पणिक्कर का

March 10, 2026

Governor: जयपुर पहुंचे हरिभाऊ, तो स्वागत हुआ शानदार, सीएम ने की नए राज्यपाल की अगवानी

July 30, 2024
हमें फॉलो करें
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
About Us
About Us

‘प्राइम टाइम’ की शुरुआत पर कोई बड़ी बात नहीं, मगर यह कहना जरूरी है कि इसके उद्भव के लिए हमें एक बड़ी मजबूरी में सोचना पड़ा। मजबूरी यही कि हमारे हिंदुस्तान में वास्तविक अर्थों में जैसी होनी चाहिए, वैसी पत्रकारिता का मार्ग तेजी से सिकुड़ रहा है।

Contact Us:-
Mobile:- +91-9821226894
Email:- contact@primetimebharat.com

Facebook X (Twitter) Pinterest YouTube WhatsApp
Pages
  • About us
  • Our Team
  • Contact Us
  • Cookies Policy
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
लेटेस्ट ख़बरें

Amit Shah: चुनावी रणनीति के चतुर चाणक्य अमित शाह की असलियत…!

May 27, 2026

Congress: राहुल गांधी नई पीढ़ी पर भरोसा करे और कांग्रेस को मजबूत करे, लेकिन…!

May 25, 2026

Rajya Sabha Election: निर्विवाद और संयमित नेता नीरज डांगी के राज्यसभा में होने के अर्थ

May 25, 2026
© 2026 Prime Time Bharat | All Rights Reserved |

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.