Close Menu
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Facebook X (Twitter) Instagram
ट्रेंडिंग:
  • BJP Nitin Nabin: बीजेपी ने फिर चौंकाया… राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन !
  • Rajasthan: विकास और निवेश का नया अध्याय लिखता राजस्थान
  • Putin: मोदी से पुतिन की ऐतिहासिक मुलाकात और वैश्विक मंच पर भारत के लाभ
  • IndiGo: हवाई सेवाओं से हाहाकार, मगर कर क्या रही सरकार?
  • Bhajanlal Sharma: बीजेपी की सीएम प्रयोगशाला के सफल प्रोडक्ट साबित होते भजनलाल
  • Vishwanath Sachdev: यूं ही कोई विश्वनाथ, सचदेव नहीं हो जाता…!
  • Rajasthan: दो नेताओं की सजह मुलाकात या अगले प्रदेश अध्यक्ष की तैयारी ?
  • Akshay Kumar: राजस्थान में फिल्म विकास पर मुख्यमंत्री से अक्षय कुमार की मुलाकात के मायने
16th December, Tuesday, 7:29 PM
Facebook X (Twitter) Instagram
Prime Time BharatPrime Time Bharat
  • होम
  • देश-प्रदेश
  • सत्ता- सियासत
  • व्यक्ति विशेष
  • समाज – संस्कृति
  • कारोबार
  • ग्लैमर
  • वीडियो
  • प्रेस रिलीज़
Prime Time BharatPrime Time Bharat
Home»समाज – संस्कृति»लंदन के जीवन की बंधक मुंबई यानी जी का जंजाल!  
समाज – संस्कृति 4 Mins Read

लंदन के जीवन की बंधक मुंबई यानी जी का जंजाल!  

Prime Time BharatBy Prime Time BharatOctober 19, 2023No Comments
WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Reddit Tumblr Email
WhatsApp Image 2023 05 04 at 3.19.18 PM 1
Share
WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

निरंजन परिहार

लंदन दुनिया के श्रेष्ठतम शहरों में गिना जाता है। बहुत कुछ हमारे भारत में मुंबई जैसा। लंदन और मुंबई दोनों में कोई बहुत फर्क नहीं। वैसी ही भीड़ – भाड़, वैसी ही धक्का – मुक्की। वैसी ही ऐतिहासिक इमारतें और वैसी ही लोकल ट्रेनों की आवाजाही और वैसा ही व्यापार। हां, लेकिन हर मामले में हम से बेहतर। एक खास बात और यह भी कि जिस तरह से भारत के सभी इलाकों के लोग हमारे मुंबई में  रहते हैं, वैसे ही लंदन में दुनिया भर के देशों को लोग रहते हैं।

दुनिया के बाकी बड़े शहरों से यदि लंदन की तुलना करिये, और खासकर मुंबई के मुकाबले, तभी लंदन की महानता का आपको एहसास होगा। लंदन की महानता और अंग्रोजों के बड़प्पन का इससे बड़ा सबूत और क्या हो सकता है कि उनकी अपनी संसद के सामने पार्लियामेंट स्वकायर पर उन्होंने उन महात्मा गांधी की मूर्ति स्थापित की है, जिसने अंग्रेजी राज को भारत से भगाने के लिए दशकों तक आंदोलन चलाया, ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ को नारा दिया और अंग्रेजों को भगाकर ही दम लिया। जबकि हमने तो लालकृष्ण आडवाणी जैसे दिग्गज नेता के पाकिस्तान में  जिन्ना को नमन करने को भी आडवाणी का पापकर्म मानकर उनके प्रति खुद को नफरत से भर लिया था।

आर्थिक राजधानी के नाम पर जिस तरह से मुंबई को पूरे भारत का नगरसेठ माना जाता है, लंदन दुनिया का सेठ कहा जा सकता है, क्योंकि वहां सभी के पास काम है। काम तो मुंबई में भी हर किसी के पास है, कोई बेरोजगार नहीं। हां, मुंबई में बस नहीं है तो लंदन की तरह लोगों में जीवन को जीने का सलीका नहीं है, जिंदगी के प्रति गंभीरता नहीं है, और मनुष्य का मनुष्य को देखने का गरिमामयी नजरिया नहीं है। सभ्यता और संस्कृति हमारी किताबों में बहुत होने के बावजूद मुंबई की जिंदगी में संस्कार उस तरीके उच्च नहीं है, लंदन इसीलिए हमारे हिंदुस्तान के मुंबई के मुकाबले बहुत श्रेष्ठ है।

लंदन को आज के दौर की दुनिया का सबसे अच्छा शहर कहा जा सकता है। यहां रहना, जीना और जीने के अहसास का अनुभव करना किसी भी और शहर के मुकाबले ज्यादा शान का अहसास जगाता है। हमारे हिंदुस्तान में मुंबई को सबसे गतिमान शहर कहते हैं, लेकिन मनुष्य की उम्मीदों की पूर्ति के हिसाब से लंदन संसार का सबसे गतिमान शहर है, सबसे बेहतर और सबसे शानदार भी। लोगों को रहने का सलीका है, जीने का तरीका है और पहले के मुकाबले दुनिया के ज्यादा देशों से आकर लोगों के यहां रहने के बावजूद अधिक तहजीब, तमीज और अनुशासन वाला है आज का लंदन।

अपने शहर को नंबर वन मानकर महान साबित करने की मुहिम चलाना बुरी बात नहीं है, और न ही यह खराब है कि हम अपने शहर की बुलाई सुनना पसंद करते। लेकिन मुंबई से लंदन की तुलना करने पर आपकी ख़ुशी काफ़ूर हो सकती है। क्योंकि मुंबई जिंदगी को खींचता है लेकिन लंदन जीवन को सींचता है। मुंबई में आप जी तो लेंगे, मगर जीना नहीं सीख पाते। लंदन में जीवन लगभग आजाद सा है, लेकिन मुंबई की जिंदगी बंधक लगती है। लंदन जीवन के जातने की राह दिखाता है, तो मुंबई केवल जीवन को जीने का कारण बनता है। लोग मुंबई को भले ही भारत का शानदार शहर कहते है, लेकिन जानदार नहीं कहते, क्योंकि यहां हर वक्त जान हथेली पर रखकर जीवना पड़ता है, जो कि लंदन में ऐसा तो नहीं होता।

खैर, दुनिया के व्यावसायिक हालात बदले, तो आज यूरोप का यह सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र है, और यूरोप में आर्किेटेक्चर और कला का भी सबसे बड़ा केंद्र भी। जब आपके मन में स्वयं के प्रति गर्व, गौरव और गरिमा घटने लगे, तो लंदन से अपनी तुलना कीजिए, जीवन को शिद्धत से जीने की लालसा और प्रबल होगी, क्योंकि लंदन मुंबई की तरह केवल जीना नहीं सिखाता, जीवन को जीवन के जीतने के लिहाज से जीने का सलीका, तरीका और संस्कार भी सिखाता है। जीवन की आपाधापी मुंबई में संकट है, तो लंदन में जीवन को सफल बनाने का हाई वे, जिसमें हर कदम पर नई राह खुलती है। लंदन को इन्ही बहुत सारी वजहों से दुनिया का महान शहर माना जाता सकता है। लेकिन फिर भी कोई ना माने, तो उसका क्या किया जाए, आप बताना!

Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram Email
Prime Time Bharat

Related Posts

Sulakshana Pandit: सांस्कृतिक अवचेतन की शांत, आहत और सुरीली पंक्ति थीं सुलक्षणा पंडित

November 7, 2025

Ahmedabad: देश के भविष्य का पॉवर हाउस बनता अहमदाबाद

November 4, 2025

Jodha Akbar: आखिर जोधा बाई की अकबर से शादी की सच्चाई पर विवाद क्यों हैं?

June 4, 2025

Leave A Reply Cancel Reply

टॉप ख़बरें

BJP Nitin Nabin: बीजेपी ने फिर चौंकाया… राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन !

December 14, 2025

सिनेमा से गायब राजमहल और राजा-रानी

October 28, 2023

फिर जनम लेने जयपुर आ जाना इरफान!

October 28, 2023

पाप के पुरुषार्थ का रंगमंच बना सोशल मीडिया !

December 26, 2023
यह भी देखें
व्यक्ति विशेष
11 Mins Read

UK Election: भारत में काठ की हांडियों पर टिकी जम्हूरियत और ब्रिटिश आम चुनाव के सबक

By Prime Time BharatJuly 15, 2024

UK Election: यूके में चुनाव परिणाम के पहले ही दिन कीर स्टैमर प्राइम मिनिस्टर बन…

Cast Politics: भारतीय राजनीति में तेजी से दरकिनार हो रही हैं ताकतवर जातियां

February 1, 2025

मीडिया यानी अपने ही बोझ से भारी होता हाथी

October 20, 2023

Manvendra Singh Jasol: सड़क हादसे में पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह की पत्नी चित्रा सिंह की मौत

January 30, 2024
हमें फॉलो करें
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
About Us
About Us

‘प्राइम टाइम’ की शुरुआत पर कोई बड़ी बात नहीं, मगर यह कहना जरूरी है कि इसके उद्भव के लिए हमें एक बड़ी मजबूरी में सोचना पड़ा। मजबूरी यही कि हमारे हिंदुस्तान में वास्तविक अर्थों में जैसी होनी चाहिए, वैसी पत्रकारिता का मार्ग तेजी से सिकुड़ रहा है।

Contact Us:-
Mobile:- +91-9821226894
Email:- contact@primetimebharat.com

Facebook X (Twitter) Pinterest YouTube WhatsApp
Pages
  • About us
  • Our Team
  • Contact Us
  • Cookies Policy
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
लेटेस्ट ख़बरें

BJP Nitin Nabin: बीजेपी ने फिर चौंकाया… राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन !

December 14, 2025

Rajasthan: विकास और निवेश का नया अध्याय लिखता राजस्थान

December 9, 2025

Putin: मोदी से पुतिन की ऐतिहासिक मुलाकात और वैश्विक मंच पर भारत के लाभ

December 6, 2025
© 2025 Prime Time Bharat | All Rights Reserved |

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.